बेगूसराय : हिन्दी दिवस और गुरु सम्मान समारोह का सफल आयोजन,मदर टेरेसा बरौनी के प्रांगण में। - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 14 सितंबर 2018

बेगूसराय : हिन्दी दिवस और गुरु सम्मान समारोह का सफल आयोजन,मदर टेरेसा बरौनी के प्रांगण में।

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बेगूसराय (अरुण कुमार) आज हिंदी दिवस है,बड़े धुमधाम सें मनाया जा रहा है।केन्द्र सरकार से लेकर राज्य सरकार के कई विभागो मे हिंदी भाषा को लाड़ प्यार से सराबोर करके शपथ लिया जायेगा कि हम सभी हिंदी भाषा में काम करेगें, जो कि महज नाममात्र ही होता है।आज इस हिन्दी दिवस के शुभ अवसर पर बरौनी,मदर टेरेसा स्कूल के प्राचार्य बृज बिहारी मिश्रा ने हिन्दी दिवस के साथ साथ गुरु सम्मान समारोहों का भी आयोजन कर बरौनी के अवकाश प्राप्त शिक्षकों का भी किया सम्मान साथ ही अपने विद्यालय के शिक्षक और शिक्षिकाओं का भी और अपने वरिष्ठ साथी कलाकारों का भी किया सम्मान।इस समारोह के पूरे कार्यक्रमों का संचालन का कार्यभार संभाला, बेगूसराय भारद्वाज गुरुकुल के शिवप्रकाश भारद्वाज ने।इनकी विशेषता यह है कि ये अपने विद्यालय के अलावा कहीं और मंच संचालन करें ऐसा संभव ही नहीं,ऐसा आमलोगों की अवधारणायें मात्र है।जिस अवधारणा को सौहार्दपूर्ण ढंग से बड़े ही शालीनता से उदारता पूर्वक मंच संचालन कर एक कीर्तिमान स्थापित किया।इनका संचालन तेज और आज से ओत-प्रोत रहा।बड़े ही ढंग से आदरयुक्त शब्दों से अलंकृत कर नाम के साथ गुरु को गुरु शब्दों से ही मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित करने के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाते रहे।ये शिवप्रकाश भारद्वाज की विशेषता रही।स्कूल के छात्र/छात्राओं ने भी बीच-बीच में सम्भाषण,कविता पाठ आदि से कार्यक्रम को उत्कृष्ट बानाते रहे।आशीर्वाद रंग मंडल के वरिष्ठ रंगकर्मी श्री सुनील राय शर्मा को भी माला पहनाते हुए शॉल ओढ़ाकर सम्मानित अवकाश प्राप्त शिक्षकों द्वारा किया गया।विद्यालय के अन्य शिक्षकों में सम्मानित हुए:-राजेश सिंह,धर्मेन्द्र मिश्र,रीता देवी,निभा कुमारी, प्रिंस कुमार,गायत्री देवी,किरण कुमारी एवं रणधीर कुमार थे।बुजुर्ग शिक्षकों में 12 शिक्षकों को सम्मानित किये गये जिसमें श्री रमेश प्रसाद सिन्हा,अवकाश प्राप्त प्रचार सर गणेशदत्त महाविद्यालय के चन्द्रभानु सिंह आदि गण्यमान्य शिक्षाकवृन्द सम्मानित हुए।और अंत में भारद्वाज गुरुकुल के प्राचार्य शिवप्रकाश भारद्वाज को भी माला पहनाकर बुक्के की जगह बुक, पेन और और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।तो आइए हम सब भी मिलाकर शपथ लें कि आज स्व हिंदी में ही काम करें,जाने और विखेरे राष्ट्रभाषा कि महत्ता को।ऊँच नीच को नहीँ मानती हमारी हिन्दी... इसमें कोई भी कैपिटल या स्माल लैटर नहीँ होता...सब बराबर होते हैं। साथ ही आधे अक्षर को सहारा देने के लिए पूरा अक्षर हमेशा तैयार रहता है। 

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