पूर्णिया : ..अब मधुबनी स्टेशन की तरह मधुबनी पेंटिंग से सजेगा पूर्णिया जंक्शन, - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 20 सितंबर 2018

पूर्णिया : ..अब मधुबनी स्टेशन की तरह मधुबनी पेंटिंग से सजेगा पूर्णिया जंक्शन,

  • -मधुबनी चित्र कला को दिया जाएगा बढ़ावा
  • - मिथिलांचल का धरोहर है पेटिंग कला
  • - मिथिला पेंटिंग से सजेगी सभी रेलवे स्टेशन
  • - सैलानियों को मनपसंद है मिथिला पेटिंग
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पूर्णिया : देश का एकमात्र स्टेशन है मधुबनी रेलवे स्टेशन जहां मिथिलांचल कला को जीवंत दर्शाता है। पूरे स्टेशन को मधुबनी पेंटिंग से सजाया गया है। लोग मधुबनी स्टेशन पर जाते ही कला को देखकर कुछ देर के लिए ठहर से जाते हैं। लेकिन अब बहुत जल्द पूर्णिया रेलवे जंक्शन को भी मधुबनी पेंटिंग और कला से सजाने की तैयारी पूरे जोर शोर से चल रही है। इसके लिए एक टीम ने करीब एक सप्ताह पूर्व जंक्शन का निरीक्षण किया है। स्टेशन पर पेंटिंग करने के लिए टीम बुधवार को पूर्णिया जंक्शन पहुंच कर विस्तृत जायजा ली है। स्टेशन प्रबंधक मुन्ना कुमार ने बताया कि जंक्शन को देश के कला से सजाने की यह काफी सराहनीय पहल है। बताया कि पूर्णिया जंक्शन कटिहार रेल मंडल अंतर्गत है। टीम के सदस्यों ने स्टेशन पर पेंटिंग लगाने के लिए रेल मंडल समस्तीपुर से अनुमति ले ली है। टीम के सदस्यों को कटिहार रेल मंडल से अनुमति लेने के लिए सलाह दी गई है। मुन्ना ने कहा कि अनुमति प्राप्त होने के बाद पेंटिंग का काम शुरु कर दिया जाएगा। वैसे रेलवे विभाग मिथिला पेंटिंग को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। 

...मिथिलांचल की धरोहर है मिथिला पेंटिंग : 
मिथिला पेंटिंग काफी प्राचीन और एेतिहासिक कला है। सदियों से इस कला को प्रयोग में लाया जा रहा है। मिथिला पेंटिंग और कला मनुष्य से लेकर हर जीव और प्राणी काे जीवंत दर्शाता है। इस कला को समझना काफी आसान भी है। लोग इस कला को सिर्फ अपने घर आंगन तक ही प्रयोग किया करता थे। लेकिन मिथिला कला ने अब पूरे विश्व में अपना पांव पसार लिया है। खासकर मिथिलांचल में शादी, विवाह, कूमरण, मुंडन व अन्य उत्सव में इस कला को प्रयोग में लाकर घर आंगन को सजाने का काम किया जाता है। लेकिन अब कला के पाखियों ने इस कला को गहराई तक समझ लिया है। कला को पूरे देश में फैलाने की तैयारी चल रही है।

...सैलानियों के लिए नंबर वन पसंद है मिथिला पेंटिंग व कला : 
अपने देश में ही नहीं विदेश में भी मिथिला पेंटिंग व कला ने अपना वर्चस्व कायम कर लिया है। विदेशी सैलानी सबसे अधिक मिथिला पेंटिंग व कला को पसंद करते हैं। कई विदेशी संस्था के द्वारा मधुबनी और अन्य कई जगहों पर मिथिला आर्ट गैलरी की स्थापना की गई है। कलाकारों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। यहां तक कि गैलेरी में तैयार किए गए पेंटिंग व कला को विदेश में पहुंचाने का काम किया जा रहा है। मिथिला आर्टस की मुख्य रुप से जर्मनी, इटली, यूके, यूएसए, ब्राजील, फ्रांस, चीन, हांगकांग, बैंकाक, जापान, सिंगापुर, यूक्रेन, दक्षिण कोरिया, उत्तरी कोरिया, नेपाल के अलावा अन्य देशों में भी काफी मांग है।
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