बलात्कार मामले में पिता को उम्रकैद - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 20 सितंबर 2018

बलात्कार मामले में पिता को उम्रकैद

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इंदौर, 20 सितंबर, इंदौर की जिला अदालत ने 14 वर्षीय लड़की से बलात्कार के जुर्म में उसके पिता को आखिरी सांस तक जेल में कैद रखने की सजा सुनायी है। पिता के दुष्कर्म से गर्भवती आठवीं की छात्रा को बच्चे को मजबूरन जन्म देना पड़ा और उसकी स्कूल की नियमित पढ़ाई भी छूट गयी।  अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वर्षा शर्मा ने मामले में मंगलसिंह पवार (38) को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) (आई) (एफ) (के) (एन) (एच) और लैंगिक अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम की संबद्ध धाराओं के तहत कल बुधवार को दोषी करार दिया।  अदालत ने अपने फैसले में टिप्पणी की, "मुजरिम अपनी वासना के इतना अधिक वशीभूत था कि उसे ध्यान भी नहीं आया कि वह अपनी उस बेटी से ही दुष्कृत्य कर रहा है जिसे उसने बचपन में उंगली पकड़कर चलना सिखाया होगा।" अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने कहा, "एक पिता से सामान्य तौर पर अपेक्षा की जाती है कि वह अपनी अवयस्क संतान को समाज की सभी आपदाओं से सुरक्षित रखेगा। इसके बावजूद मुजरिम ने मर्यादा की समस्त सीमाएं लांघते हुए भक्षक बनकर अपनी 14 वर्षीय पुत्री के साथ निरंतर दुष्कर्म किया। इसके फलस्वरूप पीड़ित बालिका को खेलने-कूदने की उम्र में किसी वयस्क महिला की तरह बच्चे को जन्म देना पड़ा जो उसके लिये जानलेवा भी साबित हो सकता था।"  अदालत ने पवार को उसकी आखिरी सांस तक जेल में कैद रखने की सजा सुनाने के साथ ही उस पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके साथ ही, आदेश दिया है कि यह रकम पीड़ित लड़की को बतौर मुआवजा प्रदान की जाये।  अभियोजन पक्ष के एक अधिकारी के मुताबिक नाबालिग लड़की ने अदालत को बताया कि उसका पिता उसके साथ रात में तब दुष्कर्म करता, जब घर के सभी लोग सो जाते थे।  उन्होंने बताया कि मामले का खुलासा मार्च में हुआ, जब लड़की के पेट में दर्द बढ़ा और उसने अपनी मां से इसकी शिकायत की। मां जब अपनी बेटी को एक डॉक्टर के पास ले गयी, तो उसने जांच के बाद बताया कि उसे लगभग छह माह का गर्भ है। डॉक्टरों ने लड़की के गर्भपात की इजाजत नहीं दी, क्योंकि ऐसा करने पर उसकी जान को खतरा हो सकता था।  अधिकारी ने लड़की के बयान के हवाले से कहा कि उसने अपने पिता की घिनौनी हरकत की जानकारी मां को समय रहते इसलिये नहीं दी, क्योंकि वह (मां) निम्न रक्तचाप की मरीज है। लड़की को डर था कि आपबीती बताने से उसकी मां की तबीयत बिगड़ सकती है। स्कूली छात्रा ने आजाद नगर पुलिस थाने में मार्च में अपने पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी थी।
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