बेगूसराय : भारत सरकार अध्यादेश लाकर राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा करे। - Live Aaryaavart

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रविवार, 14 अक्तूबर 2018

बेगूसराय : भारत सरकार अध्यादेश लाकर राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा करे।

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बेगूसराय (अरुण शाण्डिल्य) श्रीरामजन्मभूमि पर भारत सरकार अध्यादेश लाकर शीघ्र कानून बनाये इसके मांग के लिए विश्व हिंदू परिषद बजरंगदल बेगूसराय नगर में बड़ी सभा करेगी जिसमे खुद विश्व हिन्दू परिषद के युवकों के आयाम बजरंगदल के राष्ट्रीय संयोजक व आरएसएस प्रचारक श्री सोहन सोलंकी सभा मे आएंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में विश्व हिंदू परिषद के बिहार झारखंड क्षेत्र धर्मप्रसार प्रमुख श्री जवाहर झा जी ने कहा कि हिन्दू समाज ने गीता जयन्ति 6 दिसम्बर को देश का कलंक बाबरी ढांचा को गिरा दिया,और वहां पर कपड़े में रामलला विराजमान हो गए। 1992 से आज तक राम मंदिर का निर्माण नहीं होना समस्त हिंदू समाज को खल रहा है।बीच में भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर शंकर दयाल शर्मा जी के प्रयास से 2010 ईस्वी में ईलाहाबाद खंडपीठ ने राम जन्मभूमि पर  एक जजमेंट दिया भारत सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर किया था कि न्यायालय जिनका अधिकार बताएगा उनको यह भूमि सौंप दी जाएगी ।महत्वपूर्ण निर्णय दिए की यहीं राम का जन्म स्थान है।  दूसरा यहीं राम जन्मभूमि अयोध्या है।दुनिया में और कोई अयोध्या हो सकता है,नाम का लेकिन राम जन्मभूमि अयोध्या यही है।तीसरा हिंदू मंदिर के मलबे से बाबर ने ढांचा खड़ा किया।जज एक इस्लाम मजहब से था तीन जजों की बेंच इस निर्णय के बावजूद भी भू के जमीन अंदर का फोटोग्राफी लिया गया खुदाई की गई उसमें मंदिर के ही प्रमाण सारे पाए गए कि अयोध्या में 3 तलों में मंदिर आज भी विराजमान है पृथ्वी के अंदर और उस समय उन्होंने खंडपीठ निर्णय दिया था की बाबरी ढांचा मस्जिद नहीं है। बजरंगदल विभाग संयोजक शुभम भारद्वाज ने बताया कि 5 अक्टूबर को विश्व हिंदू परिषद केंद्रीय कार्यालय नई दिल्ली में श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज की अध्यक्षता में संतों की उच्चाधिकार समिति की बैठक आयोजित हुई।बैठक में महामंडलेश्वर,जगतगुरु,शंकराचार्य जैसे देश भर के प्रमुख 58 सन्त स्वयं आये। बैठक के पश्चात एक प्रतिनिधिमंडल स्वयं राष्ट्रपति महोदय से मिला और आवेदन पत्र के माध्यम से कहा कि भारत सरकार शीघ्र भव्य मंदिर का अध्यादेश लाकर मार्ग प्रसस्त करे। इसके बाद पूज्य संतों ने विश्व हिंदू परिषद को आदेश किया कि अक्टूबर महीने में सभी राज्यों के राज्यपाल से मिलकर सरकार संसद में कानून बनाकर भव्य राम मंदिर का मार्ग प्रशस्त करें। संतों ने दूसरा कार्यक्रम दिया कि 15 नवंबर से 2 दिसंबर तक देश के सभी संसदीय क्षेत्रों में बड़ी जनसभा विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल आयोजित करें और अपने अपने सांसदों को मांग पत्र दे कि भारत सरकार हिंदू समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए शीघ्र राम मंदिर का कानून बनाए। तीसरा कार्यक्रम संतों ने दिया कि दिसंबर महीने में 18 दिसंबर को गीता जयंती है जो 1992 में 6 दिसंबर था इस गीता जयंती से 25 दिसंबर तक विश्व हिंदू परिषद के माध्यम से देशभर के छह लाख से ज्यादा गांव में धार्मिक अनुष्ठान होंगे जिसका संकल्प राम मंदिर होगा। जिला अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता राजकिशोर प्रसाद सिंह और जिला मंत्री विकास भारती ने कहा की बेगूसराय जिले में 2 दिसंबर को विश्व हिंदू परिषद के युवकों के आयाम बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक अद्भुत वक्ता श्री सोहन सोलंकी जी स्वयं एक बड़ी सभा को संबोधित कर सरकार पर कानून बनाने का दबाव बनाएंगे जिला गोरक्षा प्रमुख पंकज जी ने बताया कि जिले भर के 600 से ज्यादा गांव में हिंदू समाज के सभी मत पंथ चाहे वह कबीरदास,आनंद मार्ग श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी के अनुयाई और जितने भी मत पंथ हैं सभी अपने मत पंथ के अनुसार अनुष्ठान करेंगे जिसका संकल्प अयोध्या में भव्य राम मंदिर होगा।

आर्यावर्त पोर्टल नयूज़ के अरुण शाण्डिल्य के यह पूछने पर कि चुनाव के वक्त ही विश्व हिंदू परिषद को यह राम मंदिर क्यों याद आते हैं?
इस सवाल के जवाब में जवाहर झा और शुभम भारद्वाज ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद वर्षों से संसद में कानून बनाकर भव्य मंदिर का मार्ग प्रशस्त करें ऐसा मांग हर वर्ष लाखों गांव में राम उत्सव करके उठाता है। केवल पिछले वर्ष उडुपी धर्म संसद में पूज्य संतों ने कहा था कि ऐसा प्रतीत होता है कि सुप्रीम कोर्ट जल्द निर्णय दे सकती है इसलिए अभी कानून का मांग नहीं उठाना चाहिए और जुलाई तक का डेडलाइन दिया था जुलाई का डेडलाइन पार होना और सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बदलना सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पर उंगली उठाने से ऐसा प्रतीत होता है सुप्रीम कोर्ट जल्द निर्णय नहीं देगी इसलिए विश्व हिंदू परिषद देशभर में सरकार पर दबाव बना रही है और इस राम भक्त सरकार से पूर्ण उम्मीद भी है कि सरकार जल्द कानून लाकर भव्य मंदिर का मार्ग प्रशस्त करेगी क्योंकि हिंदू समाज 68 वर्षों से कोर्ट का इंतजार कर रहा है अब इंतजार करना मुमकिन नहीं है।आगे के आंदोलन जनवरी माह के धर्म संसद पूज्य संतों के आदेश पर तय होगा।ई
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