बेगूसराय : जिला बेगूसराय में नौ देवियों का सम्मान समारोह। - Live Aaryaavart

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शनिवार, 13 अक्तूबर 2018

बेगूसराय : जिला बेगूसराय में नौ देवियों का सम्मान समारोह।

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बेगूसराय (अरुण शाण्डिल्य) बेगूसराय को मिथिला का नाभि स्थल कहा जाता है और मिथिला की अनगिनत स्वर्णिम इतिहास रहा है।भौगोलिक बनावट के कारण सिमरिया तट का उत्तरी किनारा मिथिला तो दक्षिणी किनारा मगध जिसका नाम है सिमरिया।साथ ही पूर्व की ओर बढ़ने पर कर्ण का क्षेत्र अंग प्रदेश का भी मिलान स्थल है सिमरिया।(हिन्दी में सीमा,मागधी और अंग तथा मिथिला भाषा मे अरिया दोनो को मिला दिया बन गया सिमरिया) बेगूसराय को मिथिला,मगध और अंग का संगम स्थल होने का गौरव प्राप्त है।बेगूसराय के आंगन में जब दिनकर का जन्म होता है तब रश्मिरथी की रचना हो जाती है।बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्री बाबू जब बेगूसराय को कर्म स्थली बनाते हैं तो बेगूसराय औद्योगिक नगरी के रूप में विकसित हो जाता है।अनेक उपलब्धि को अपने सीने में संजोए बेगूसराय बुलन्दी से आज भी खड़ा है।

श्रीरामजानकी फ़िल्म के संस्थापक श्री रजनीकान्त बताते हैं कि कार्यक्रम के सूत्रधार प्रभाकर जी का 10 दिन पूर्व फोन आया।कुशल क्षेम की सामान्य शिष्टाचार से जब बात आगे बढ़ी तो उन्होंने कहा कि मेरे मन में एक विचार आया है।विचार यह कि नवरात्र के समय बेगूसराय की बेटियां जो विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर समाज में प्रेरक बनी हैं क्यों न उन्हें "नौ देवी सम्मान" से सम्मानित किया जाय?सच पूछिए तो यह प्रेरक सुझाव सुन मेरा मन हर्षित हो गया।बात आगे बढ़ी और इस विषय को लेकर 2 दिन के अंदर अभिभावक तुल्य बेगूसराय निगम के मेयर उपेंद्र बाबू की अध्यक्षता में एक बैठक हुई।उस बैठक में सर्वश्री-भूमिपाल जी,उप मेयर राजीव रंजन जी,अमिय जी,नितेश जी उपस्थित थे।बैठक में उपेंद्र बाबू का सुझाव था कि नौ देवी चयन में कोशिश कीजिये कि ऐसी महिलाओं का चयन हो जो विभिन विधा से आयें।चयन समिति द्वारा दर्जनो नाम सुझाये गए जिसमें 09 देवी को चुनना कठिन था।ऐसा इसलिय क्योंकि बेगूसराय में असंख्य महिलायें हैं जिन्होंने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है और प्रेरणा की स्त्रोत बनी है।कार्यक्रम के अनुसार 09 देवियों को ही चुनाव होना था क्योंकि कार्यक्रम का शीर्षक ही नौ देवी सम्मान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्र में माँ के नौ रूप की आराधना होती है।वैसे मिथिला के धार्मिक महत्व व उसके मान्यताओं पर गौर करें तो शक्ति का केंद्र ही मिथिला है।इसके प्रमाण भी है।कौन नही जानता है कि जगत को देने वाले श्री राम अवध से चलकर मिथिला में शक्ति  मांगने आये थे और वह शक्ति माता सीता थी।यही नही बल्कि  बिष्नु अवतार राम जिनके कानो में वेद की ऋचाएं गूंजती थी और जब मिथिला आये तो वहाँ की महिलाओं ने उन्हें रस भड़ी गाली सुनाई थी।

आयोजन का उद्देश्य-
निश्चितरूप से 14 अक्टूबर को बेगूसराय में नौ देवियों का सम्मान समाज में महिलाओं के प्रति एक नजीर पेश करेगा।इस प्रकार के आयोजन से प्रेरणा लेकर असंख्य महिलाएं ऊर्जान्वित महसूस करेंगी खुद में  जो जीवन में संघर्ष और अभाव को बाधा मानकर थक हार कर बैठ जाती हैं,संघर्ष करना छोड़ देती है उनके लिये यह कार्यक्रम बहुत बड़ा मायने रखता है। 09 महिलाओं को चुनना किसी चुनौती से कम नही था,यह चयन समिति महसूस करती है।बेगूसराय में असंख्य महिलाओं ने प्रेरक काम किया है जिन्हें इस वर्ष शामिल नही किया गया,वे भी आयोजन समिति की नजर में हैं।यह प्रथम वर्ष है।शुरुआत की जा चुकी है और बेगूसराय की मिट्टी में एक ऐसा भी  शख्सियत है जो जब किसी कार्यक्रम को शुरू करता है तो वह परम्परा गत अनन्तकाल तक चलता है। समस्त बेगूसराय के नागरिकों से निवेदन है कि दिनांक 14 अक्टूबर को इस अभिनव और प्रेरक नौ देवी सम्मान समारोह में अवश्य अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर यश का भागी बनें।
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