बेगूसराय : नए कलाकारों का हुआ ऑडिशन बेगूसराय में बनेगी आगामी अनाम फ़िल्म। - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 23 अक्तूबर 2018

बेगूसराय : नए कलाकारों का हुआ ऑडिशन बेगूसराय में बनेगी आगामी अनाम फ़िल्म।

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बेगूसराय (अरुण शाण्डिल्य) आज दिनांक 23 अक्टूबर 2018 रोज मंगलवार शुभ बेला में स्थानीय कला भवन बेगूसराय में सम्पन्न हुआ आगामी बनने बाली फ़िल्म का ऑडिशन।गौरव कुमार प्रॉडक्शन इंचार्ज अपने पूरे टीम के साथ स्थानीय दिनकर कला भवन में अपने नये फ़िल्म के लिये।स्थानीय कलाकारों को विरियता देते हुए मुम्बई से ऑडिशन के लिये आये।इस फ़िल्म के बतौर निर्देशक के रुप में मनीष जी रहेंगे इन्होंने ही सभी कलाकारों का ऑडिशन लिया।ऑडिशन में भाग लेने के लिए स्थानीय कलाकरों में कुमार संजय "रोजी" फ़ैयाजुल हक़, "फ़ैज़",भूमिपाल राय,संगीता सिंह, मोनिका कान्ति,चाँदनी कुमारी,पंकज गौतम,प्रणय  मिथलेश कान्ति,मोहित मोहन,सचिन कुमार,राहुल,अरविन्द जी आदि कलाकार के रूप में ऑडिशन दिया।साथ ही अन्य लोगों की उपस्थिति दर्शकों में तबतक बनी रही जबतक ऑडिशन चलता रहा।इस फ़िल्म के निर्देशक मनीष जी से पूछने पर इन्होंने बताया कि यह फ़िल्म एक समाज के लिये आईना के रूप में हम प्रदर्शित करने की सोचे हैं,इस फ़िल्म में प्रबुद्धजनों के लिये तो कोई बात ही नहीं जो गाँव देहात से जुड़े लोग हैं उनके पटल पर सही और गलत का निर्णय लेने की बातों को स्थापित करने के उद्देश्य से मैं यह फ़िल्म बनाने जा रहा हूँ।मेरे ये पूछने पर की यह फ़िल्म का नाम क्या है और फ़िल्म निर्माण तो आप मुम्बई में भी कर सकते थे तो फिर आपने बेगूसराय को ही क्यों चुना?इस पर इन्होंने फ़िल्म का नाम अभी बताने से इनकार करते हुए आगे इन्होंने बताया कि,हमारे फ़िल्म के प्रॉडक्शन इंचार्ज भाई गौरव जी बेगूसराय से हैं और मैं भी बिहार से जुड़ा हुआ हूँ और इस फ़िल्म में अच्छी खासी बजट है तो हमने सोचा कि जब फ़िल्म करनी ही है तो अपने साहित्यिक और सांस्कृतिक राजधानी बेगूसराय से ही क्यों न करुँ।यहाँ करने से सबसे बड़ी बात तो यह होगी कि हम अपने स्थानीय कलाकारों को मौका देंगे।कुछ करने का जिनमें टेलेंट होगा वो निखार कर आ सकते हैं,दूसरी बात यह कि जिस बजट में हम मुम्बई में काम करेंगे एक फ़िल्म के लिये,उसी बजट में मैं यहाँ काम करके दो फिल्मों पर काम कर सकते हैं।सबके बड़ी बात यह है कि वहाँ लोकेशन बहुत मँहगे पड़ते हैं और आर्टिष्टों पर भी बजट काफी भाग सकता है।यहाँ ये सब परेशानियों से बचा जा सकता है,हाँ सेट का जो भी डिमान्ड होगा दृष्यों के अनुसार उसपर हमलोग खुलकर खर्च करेंगे फ़िल्म ऐसी बनेगी जैसे कि मुम्बई में बनाई जाती है।इस फ़िल्म निर्माण में हम किसी तरह का समझौता कहीं से भी नहीं करेंगे।सभी कलाकरों को यथोचित पारिश्रमिक भी दिया जाएगा।जैसा कि हमें N S D से उतीर्ण गणेश जी से कलाकरों के सम्बंध में बात करने पर यहाँ के कलाकरों के बारे जो ज्ञात हुआ वो मैं इस ऑडिशन में देखा भी वाकई यहाँ के कलाकरों में काफी दम है आवश्यकता है इन्हें बस मौके की,मौका नहीं मिलने के कारण ये सभी इतने अच्छे अच्छे कलाकर यहाँ पड़े हैं,और वहाँ ऐसे कलाकरों की जरुरत है वहाँ तो ढूंढने से भी ऐसे कलाकर नहीं मिलते हैं।आज यहाँ के कलाकर यदि वहाँ मुम्बई चले जाएं तो वहाँ इनकी ज़रूरत है पर इन्हें काम फिर भी नहीं मिलेगा क्योंकि इन्हें कोई जानता नहीं है।मैं अपने माटी के कलाकारों को भी एक पहचान दिलाने के ख्याल से यहाँ काम करने के लिए सोच समझकर आया हूँ जिसमे गणेश गौरव जी मेरा भरपूर सहयोग करने के लिये हामी भरे हैं।आगे आपसबों के सहयोग की आवश्यकता भी हमें होगी और आपलोग हमें सहयोग करेंगे यही उम्मीद रखते हैं हम आपलोगों से भी।


अब वह दिन दूर नहीं जब बेगूसराय भी फ़िल्म नगरी के नाम से जाना जाएगा 2005 से बेगूसराय में फ़िल्म निर्माण का कार्य शुरु हुआ और आज 2018 तक अनवरत बेगूसराय ने छोटे बड़े 50 से अधिक फ़िल्म दे चुका है जिसमें कुछ प्रदर्शित भी हो चुके हैं कुछ सेंसर में पड़े हैं कुछ आजकल में प्रदर्शित होनेवाले हैं तो कुछ निर्माणधीन हैं और आज फिर एक नये फ़िल्म के लिये ऑडिशन का आयोजन किया गया वाकई बेगूसराय की माटी में कला,संस्कृति और साहित्य की उर्वरा शक्तियों की कोई सीमा नहीं।धन्य है यह दिनकर की धरती।
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