दुमका : पंचायत सचिव के विरुद्ध आक्रोश चरम पर, डीसी को कार्रवाई के लिये दिया आवेदन - Live Aaryaavart

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शनिवार, 3 नवंबर 2018

दुमका : पंचायत सचिव के विरुद्ध आक्रोश चरम पर, डीसी को कार्रवाई के लिये दिया आवेदन

  • रंगालिया (रानीश्वर) पंचायत, दुमका के पंचायत सविव एमानुएल सोरेन पर पूर्ण भ्रष्ट होने का आरोप
  • पंचायत सचिव एमानुएल सोरेन के विरुद्ध ग्रामवासियों को आक्रोश चरम पर, डीसी को कार्रवाई के लिये दिया आवेदन
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विगत 8-10 वर्षों से एक ही पंचायत में पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत कर्मी एमानुएल सोरेन के विरुद्ध पंचायत रंगालिया (रानेश्वर) के ग्रामीणों का आक्रोश दिन-व-दिन चरम पर देखा जा रहा है। पंचायत सचिव के कार्यों व से आजीज  ग्रामीणों के आक्रोश का गुबार कभी भी प्रखण्ड कार्यालय में फूट सकता है जैसा कि डीसी दुमका को दिये आवेदन से प्रतीत होता है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ विचौलियों की सहायता से पंचायत सचिव एमानुएल सोरेन जन उपयोगी कार्यों को कागज पर ही संपन्न दिखाकर सरकारी राशि को लूटने में लगे हुए हैं। इस पंचायत में जब से श्री सोरेन की प्रतिनियुक्ति हुई है लगातार मनमर्जी कार्यों को अंजाम देते रहे हैं। इन्हें न तो कानून का कोई भय रह गया है और न ही बीडीओ, डीसी का। ग्रामवासियों को ये अपना गुलाम समझते हैं। किसी भी कार्य के लिये ग्रामवासी जब पंचायत सचिव श्री सोरेन से संपर्क स्थापित करना चाहते हैं, पैसे की उगाही के लिये रखे इनके दो-तीन विचालियों से ही उन्हें संपर्क करने को कहा जाता है। ग्रामवासी जब
बिचौलिये के समक्ष जाते हैं तो वे अनाप-शनाप पैसे मांगते है। परिणामस्वरुप गरीब आदिवासी व मुस्लिम ग्रामवासी ग्रामीण बैरन अपने-अपने घरों की ओर लौट जाते है। पंचायत सेवक एमानुएल सोरेन के गैरजिम्मेदाराना कार्यों से आजीज होकर ग्रामवासियों ने डीसी दुमका को आवेदन देकर पंचायत सेवक के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई के साथ-साथ  अन्यत्र स्थानान्तरण का अनुरोध किया है। ग्रामवासी मरीजन बीबी, मनरुद्दिन अंसारी, गोसाई सोरेन, सुकांत हेम्ब्रम, सुनील किस्कू, अरुण कुमार सुरेश मोहली, शिवम मोहली, अनिसा सोरेन, जयन्ती मोहली, गंगेल मोहली, श्याम लाल मोहली, मंगला मोहली, सोय मोहिली, व अन्य ने डीसी दुमका को दिये आवेदन में जिक्र करते हुए लिखा है कि 13 वें व 14 वें वित्त आयेग सहित मनरेगा से संबंधित कार्यों में जाली ग्रामसभा संपन्न करवा कर भारी गड़बड़ी की गई है। ग्रामीणां को आरोप है कि कुकड़ीभषा ग्राम पुराना निर्मित नाला में ही पुन नाला निर्माण कार्य का एकरारनामा कर कार्य प्रारंभ करवा दिया गया। ग्रामीणों के कड़े विरोध के बाद अंततः सहायक अभियंता व कनीय अभियंता द्वारा उक्त योजना का कार्य बंद कर दिया गया। नवनिर्मित पंचायत भवन के सामने सड़क पर जहाँ पानी निकासी का कोई साधन नहीं है नाला निर्माण का कार्य बिचौलियो की मदद से किया जा रहा है। वर्ष 2005-06 में निर्मित नये पंचायत भवन की मरमम्ती व रंगाइ्र-पुताई के नाम पर दुबारा मोटी राशि की निकासी कर ली गई। रंगालिया पंचायत के मुख्य पथ पर उनुपयोगी पुलिया निर्माण, वर्ष 2015-16 में गोसाईपाड़ा मुख्य पथ पर मनरेगा योजना के तहत पुलिया निर्माण के लिये राशि की निकासी। 14 वें वित्त आयोग से उसी पुलिया को दिखलाकार फाइनल रुपये की निकासी। इनके द्वारा गैरकानूनी तरीके से किये गए ऐसे कार्यों की उपरोक्त मात्र बानगी है। इनके विरुद्ध उच्चस्तरीय जाँच करवाकर भ्रष्टाचार की पूरी रामकहानी इनकी सार्वजनिक की जा सकती है। आम जनता के प्रति पंचायत सचिव का व्यवहार सबसे आपत्तिजनक है। जनता की सम्पत्ति का दुरुपयोग व आम आदमी की भावनाओं से खिलवाड़ करने वाले ऐसे पंचायत सचिव के विरुद्ध उच्चस्तरीय जाँच और कठोर कानूनी कार्रवाई ही एकमात्र निदान रह गया है।  पंचायत सचिव एमानुएल सोरेन के विरुद्ध बीडीओ रानीश्वर को कई मर्तबा उनके अन्यत्र स्थानान्तरण के लिये आवेदन दिया गया है किन्तु बीडीओ ग्रामीणों के आवेदन पर कोई रिस्पॉन्स नहीं लेते।  प्रतीत होता है बीडीओ रानीश्वर खुद पंचायत सचिव के चंगुल में हैं जिनपर ग्रामीणां के आक्रोश का भी कोई असर नहीं रह गया है।
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