बिहार : हुजूर वेतन दिलवाने की पहल करें - Live Aaryaavart

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शनिवार, 3 नवंबर 2018

बिहार : हुजूर वेतन दिलवाने की पहल करें

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पटना। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत राज्यकर्मियों ने मन बना लिए है कि नियमित वेतन भुगतान नहीं करने वाली  राज्य सरकार को न्यायालय में घसीटा जाएं.इससे अच्छा है कि हुजूर जल्द से जल्द वेतन भुगतान करने का आदेश निर्गत कर दें. नियमित वेतन भुगतान नहीं होने के कारण राज्यकर्मी परेशान हैं. बैंक से कर्ज लेने वालों को बैंक से राशि भुगतान करने की नोटिस आने लगी है.बिजली बिल भुगतान नहीं करने से बिजली लाइन काट दी गयी है.पटना नगर निगम को होल्डिंग टेक्स देना है.बनिया भी टोका-टोकी करना शुरू कर दिया है.कुल मिलाकर राज्यकर्मी कर्ज से डूबते जा रहे हैं.एकमात्र वेतन नहीं भुगतान नहीं करने परेशानी बढ़ती जा रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,मसौढ़ी में कार्यरत कर्मियों को 17 माह से वेतन नहीं मिल रहा है.प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पालीगंज में कार्यरत कर्मियों को 10 माह से वेतन नहीं मिल रहा है.फरवरी,नवम्बर व दिसम्बर, 2017 का वेतन नहीं मिला है.जनवरी, फरवरी, जून,जुलाई, अगस्त, सितम्बर व अक्टूबर,2018 का वेतन नहीं मिला हैं. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,धनरूआ में कार्यरत कर्मियों को 9 माह से वेतन नहीं मिल रहा है.दिसम्बर,2017 का वेतन नहीं मिला है.जनवरी, फरवरी, मई,जून, जुलाई,अगस्त, सितम्बर और अक्टूबर,2018 का वेतन नहीं मिल रहा है. 

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,पटना सदर में कार्यरत कर्मियों को 8 माह से वेतन नहीं मिल रहा है. बताते चले कि पालीगंज अनुमंडल के दुल्हिन बाजार के प्राथमिक स्वास्थ्य कर्मियों ने लंबित वेतन के अविलम्ब भुगतान की मांग को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य गेट का ताला लगा कर विरोध जताया था. इस दौरान नाराज स्वास्थ्य कर्मियों ने डॉक्टर सहित सभी को अंदर जाने से रोक दिया. ओपीडी की सेवा को लंबित कर सभी स्वास्थ्य कर्मी 8 माह की बकाया वेतन का अविलंब भुगतान करने की मांग कर रहे थें. सब का कहना है कि आठ माह से वेतन न मिलने के कारण सबकी माली हालत ठीक नहीं है. वे लोग खाने को मोहताज हैं. इसलिए अब विरोध करने को मजबूर हो गए हैं. आक्रोशित स्वास्थ्य कर्मियों ने चिकित्सा प्रभारी शिव लाल चौधरी को भी स्वास्थ्य केंद्र में जाने से रोक दिया। स्वास्थय कर्मी के गुस्सा के आगे चिकित्सा प्रभारी  राज्यकर्मियों को नियमित वेतन नहीं मिलने से उनके घरों में अराजक स्थिति बन गयी है. बता दें कि सातवीं वेतनमान  व 2 प्रतिशत डी.ए.बढ़ोतरी करके 9 प्रतिशत डी.ए.हो जाने से राज्यकर्मियों में उमंग नहीं है. उल्टे बैंक वालों से नोटिस मिलने की खबर से परेशान  हैं.वेतन भुगतान में विलम्ब होने के  संदर्भ में जानकारी मिली है कि यह सिर्फ एक जिले पटना की ही बात नहीं है वरण समूचे बिहार के 38 जिले कमोबेश वेतन न मिलने के दंश झेल रहे हैं.दूसरों को 'सूई' देकर दर्द बढ़ाने वाली ए.एन.एम.दीदियों को सरकार वेतन न देकर पीड़ा बढ़ाते चली जा रही है.
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