राजनेता को दल बदलने से पहले पद से इस्तीफा देना चाहिए : वेंकैया - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

बुधवार, 5 दिसंबर 2018

राजनेता को दल बदलने से पहले पद से इस्तीफा देना चाहिए : वेंकैया

leaders-of-any-political-party-should-resign-from-their-posts-before-changing-party-venkaiah
विजयवाड़ा, 05 दिसंबर, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा है कि किसी भी राजनीतिक दल के नेता को पार्टी बदलने का अधिकार है लेकिन उससे पहले उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। श्री नायडू ने बुधवार को यहां स्वर्ण भारत ट्रस्ट में संवाददाताओं से बातचीत में नेताओं द्वारा एक-दूसरे की आलोचना के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा नेताओं की बेतुकी टिप्पणी से लोगों की उनके लिए नकारात्मक राय बनती है और अनादर की भावना पैदा होती है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि ये “मेरे दिल से निकले हुए शब्द” हैं। उन्होंने कहा उच्चतम न्यायालय के रिकॉर्ड के अनुसार जनप्रतिनिधियों के खिलाफ गंभीर अापराधिक मामलों समेत 4127 मामले लंबित है। उन्होंने कहा एक वर्ष के भीतर प्राथमिकता के आधार पर इन मामलों को निपटाया जाना चाहिए।  श्री नायडू ने कहा कि राजनीतिक दलों को झूठे वादों को सहारा नहीं लेना चाहिये और उन्हें राज्य एवं क्षेत्र की आर्थिक स्थिति के अनुरूप काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए उपहारों या किसी तरह के प्रलोभन को प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराधियों को संबंधित देशों को सौंपने के लिए सभी देशों में सर्वसम्मति बननी चाहिए। आर्थिक अपराध की बढ़ती घटनाएं आर्थिक क्षेत्र के लिए खतरा हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को इस दिशा में पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देशों को पड़ोसी देशों को अपने अधीन करने लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए। 
एक टिप्पणी भेजें