गीता मेहता ने पद्मश्री लेने से इनकार किया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 26 जनवरी 2019

गीता मेहता ने पद्मश्री लेने से इनकार किया

geeta-mehta-refuse-padmshree
भुवनेश्वर, 26 जनवरी, प्रख्यात लेखिका गीता मेहता ने पद्मश्री सम्मान लेने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि इस वर्ष बड़े चुनाव होने हैं और उनके पुरस्कार लेने का गलत अर्थ लगाया जा सकता है। मेहता ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की बहन हैं। उन्हें साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है।  न्यूयार्क से उन्होंने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘मैं इस बात से बेहद सम्मानित महसूस कर रही हूं कि भारत सरकार मुझे पद्मश्री के योग्य समझ रही है। लेकिन बड़े खेद के साथ मैं ऐसा महसूस कर रही हूं कि मुझे इसे लेने से इनकार कर देना चाहिए, क्योंकि आम चुनाव होने वाले हैं और पुरस्कार देने की घोषणा का वक्त गलत संदेश दे सकता है जिससे सरकार और मुझे असहज स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा होने पर मुझे ज्यादा पछतावा होगा।’’  लेखिका इस वक्त न्यूयॉर्क में हैं। ‘कर्म कोला’, ‘ए रिवर सूत्र’ ‘स्नेक्स एडं लैडर्स: ग्लिम्सेज ऑफ मॉर्डन इंडिया’ आदि गीता की प्रमुख पुस्तकों में शामिल हैं। साथ ही 76 वर्षीय गीता ने 14 वृत्तचित्रों का निर्माण या निर्देशन भी किया है। 

कोई टिप्पणी नहीं: