मधुबनी : मीजल्स - रूवेला को जड से मिटाने के लिय पोलियो की तरह चलाया जायेगा अभियान - Live Aaryaavart

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शनिवार, 12 जनवरी 2019

मधुबनी : मीजल्स - रूवेला को जड से मिटाने के लिय पोलियो की तरह चलाया जायेगा अभियान


मधुबनी (आर्यावर्त संवाददाता) । मीजल्स रूवेला खतरनाक और जानलेवा बीमारी है। वहीं रूवेला से बच्चों में जन्मजात बीमारियों जैसे- दिल में छेद, मानसिक विकलांग्ता आदि का खतरा बढ जाता है। इन बीमारियों से बचने के लिये सरकार ने अब मीजल्स का टीका लगाना बंद कर उसके स्थान पर बच्चों को मीजल्स रूवेला का टीका लगाया जायेगा। यह अभियान 15 जनवरी 2019 से शुरू किया जायेगा। इस बैक्सीन से बच्चों में मीजल्स और रूवेला जैसी बीमारियों से बचाव होगा। वही लडकियाँ को यह टीका लगाने से माँ बनने का खतरे से बचाया जा सकता है। जब वह मां बनेगी तब उसके गर्भ में जन्म लेने वाले बच्चे में जन्मजात की बीमारी नहीं आयेगी। अधिकांश महिलाओं को बार-बार गर्भपात का शिकार या गर्भधारण हो जाता है, तो मृत्यु शिशु को जन्म तथा उनका गर्भस्थ शिशु विकसित अथवा जन्मजात शारीरिक दोष के साथ जन्म लेता है। जैसे- दिल में छेद, मानसिक विकलांग्ता शरीर का कोई भाग न होना शारीरिक या मानसिक रूप से बधित होना। शिशु के साथ माता पिता का जीवन भी नक्रीय हो जाता है। जो बच्चा बढा हो कर माता पिता का सहारा होगा वहीं बच्चा माता पिता पर आसरित हो जाता है। जिसके कई कारण हो सकते है, जिसमें से एक बडा कारण है रूवेला वायरस का संक्रमण। बच्चों को एक ओर घातक बीमारी अपना शिकार बनाती है जिसे मीजल्स या खसरा कहते है। मीजल्स खुद इतना खतरनाक नहीं होता। जितना उसके दुष्य परिणाम अंधापन, मस्तिक में सूजन, निमोनिया, डायरिया, मीजल्स पीडित बच्चा कुपोषण का शिकार भी हो जाता है। अधिकांश बच्चों की मृत्यु हो जाती है। मीजल्स से होने वाली मौतें 36 प्रतिशत बाल मृत्यु भारत में होती है। क्या दोनो घातक बीमारियों को रोका जा सकता है, जी हां बिल्कुल रोका जा सकता है। एमआर बैक्सीन के टीके द्वारा इन बीमारियों को रोका जा सकता है। इसलिए भारत के 23 राज्यों में सफलता पूर्वक 15 करोड से अधिक बच्चों को सुरक्षित करने के बाद सरकार 9 माह से 15 वर्ष के सभी बच्चों को निरूशुल्क टीका लगवा कर जीवन सुरक्षित करने जा रही है। इस अभियान के अन्तर्गत शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों, आंगनवाडी केन्द्रों मदरसो तथा अशासकीय स्वास्थ्य संथाओं में टीका लगाया जायेगा। आमजनता से अपील की जाती है कि अपने 9 माह से 15 वर्ष तक सभी बच्चों को एमआर बैक्सीन का टीका अवश्य लगवाये। जिससे बच्चों में होने वाली बीमारियों को रोका जा सके।

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