बिहार : काली रात की सुबह शोभा देवी और चार मासूम बच्चों के लिए नहीं आयी - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

बुधवार, 9 जनवरी 2019

बिहार : काली रात की सुबह शोभा देवी और चार मासूम बच्चों के लिए नहीं आयी

अप्रत्याशित मौत के बाद विधवा शोभा देवी और उनके चार बच्चे सड़क पर आ गये
no-change-for-poor-in-bihar
कुर्सेला,09 जनवरी। ट्रक की चपेट में आ जाने से मौत के मुंह में समाने वाले दीना मंडल की विधवा शोभा देवी फटेहाल जिंदगी जीने को बाध्य है। जिंदगी में ठेले पर चाय बेचकर दीना मंडल परिवार का लालन-पालन किए। उनके अप्रत्याशित मौत के बाद विधवा शोभा देवी और उनके चार बच्चे सड़क पर आ गये हैं। 8 साल की रिंकी कुमारी है, जो प्रथम कक्षा में पड़ती हैं। 6 साल का प्रिंस कुमार और 4 साल का पीयूष कुमार आंगनबाड़ी केन्द्र में अध्ययनरत हैं। 2 साल का आयुष कुमार है। जो मां का दूध पीता है। आसपास के लोग कहते हैं कि पूरा परिवार ही चाय की दुकान पर निर्भर था। आज परिवार मुश्किल में है।  वह 16 दिसम्बर की काली रात की सुबह शोभा देवी और चार मासूम बच्चों के लिए नहीं आयी। शोभा का पति दीना मंडल और चार बच्चों के पिता दीना मंडल के चले जाने से दुःख का पहाड़ ही टूट गया है। किसी तरह से बचत कर 9 फीट लम्बा और 12 फीट चैड़ा घर बना पाए थे दीना मंडल। पैसे के अभाव में छत भी नहीं बना पाए थे। इसी घर में शोभा देवी बच्चों को लेकर रहती हैं। दीना मंडल की बहन राषन दे रखी है। उसी राषन से खाना-दाना चल रहा है। वह भी कब तक यह सवाल खड़ा हो गया है! शोभी देवी के चचेरा भाई अनिल मंडल ने मोबाइल से कहा कि कुर्सेला चैक से आगे स्टेट बैंक के सामने 16 दिसम्बर,2018 की रात में कार और ट्रक में भिड़ंत हो जाने के बाद रेंलिंग तोड़कर ठेले पर चाय बेचने वाले दीना मंडल पर ट्रक चड़ गया। घटना स्थल पर दीना मंडल की मौत हो गयी। 24 दिनों के बाद भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिल पायी है। कुर्सेला थाना पुलिस आजकल कहकर दौड़ा रही है। अभी तक किसी तरह की सरकारी राहत नहीं मिली है। कायदे से परिवार लाभ योजना से 20 हजार रूपए मिल जाना चाहिए था। कबीर अंत्येष्टी योजना से 14 सौ रूपए और लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन मंजूर कर 400 रू0 मासिक स्वीकृति कर देनी चाहिए। जो नहीं मिल रहा है।  
एक टिप्पणी भेजें
Loading...