नयी दिल्ली 26 जनवरी, देश की विराट सैन्य शक्ति, ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर और अनेकता में एकता की गौरवशाली परंपरा की आज राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड में भव्य झलक दिखायी दी जिसमें पहली बार आजाद हिन्द फौज (आईएनए) के भूतपूर्व सैनिकों ने भी हिस्सा लिया। सत्तरवें गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह राजधानी के राजपथ पर हुआ। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सीरिल रामाफोसा समारोह के मुख्य अतिथि थे और प्रवासी भारतीय दिवस में हिस्सा लेने आये भारतवंशी नेताओं को भी इसके लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। समूची राजधानी में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किये गये थे और परेड स्थल, आस-पास की इमारतों की छतों पर शार्प शूटर तथा उनसे लगते क्षेत्रों में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात किये गये थे। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद प्रधानमंत्री ने सलामी मंच के निकट राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और समारोह के मुख्य अतिथि श्री रामाफोसा की अगवानी की। राष्ट्रपति ने सलामी मंच पर राष्ट्रीय ध्वाजारोहण किया जिसके बाद उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गयी और सेना के एम आई-17 हेलिकाॅप्टरों ने राजपथ पर पुष्प वर्षा की जिससे दर्शकों के हर्ष का ठिकाना नहीं रहा। राष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए सेना के लांस नायक नजीर अहमद वानी की पत्नी श्रीमती महजबीं को शांतिकाल का सर्वोच्च सम्मान अशोक चक्र प्रदान किया। इस दौरान राजपथ पर माहौल भावुक हो गया।
शनिवार, 26 जनवरी 2019
परेड में दिखी सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक धरोहर की झलक, आईएनए के सैनिक भी हुए शामिल
Tags
# देश
Share This
About आर्यावर्त डेस्क
देश
Labels:
देश
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
संपादकीय (खबर/विज्ञप्ति ईमेल : editor@liveaaryaavart या वॉट्सएप : 9899730304 पर भेजें)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें