बिहार : पुलिस की सेवा करने वाले सेवानिवृत वाल्टर माइकल को गहरा आघात लगा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 26 जनवरी 2019

बिहार : पुलिस की सेवा करने वाले सेवानिवृत वाल्टर माइकल को गहरा आघात लगा

शातिर दिमाग वालों से बैंक खाता से 19999 रू. लूटा देने के बाद फरियाद करने पहुंचे थाने में बेतिया थाने में एफ.आई.आर.दर्ज करने वाले बड़ा बाबू कहने लगे कि इससे क्या होगा? पैसा थोड़े ही मिलेगाकनीय और वरीय पुलिस अधिकारी हम साथ-साथ होकर नहीं किए सहयोगवहीं 48 घंटे में झारखंड पुलिस ने 19999 रू.रिकवरी करके थप्पड़ जड़ दिया कहने वालों पर 
ex-police-waltor-michalबेतिया,26 जनवरी। बिहार सरकार के स्पेशल ब्रांच में सब-इंस्पेक्टर पद पर कार्यरत थे वाल्टर माइकल। पुलिस महकम्मा में 33 साल गौरवषाली कार्य करने के बाद सेवानिवृत किए हैं। वे जहां भी गए अपने कार्यनिष्ठा और ईमानदारी की छाप छोड़ते चले गए। कभी भी पुलिस पदाधिकारी वाल्टर साहब नहीं सोचे होंगे कि एक दिन पुलिस महकम्मे के द्वारा उपेक्षित हो जाएंगे। सोच के विपरित पुलिस महकम्मे के पाले में पड़ गए। आफत में पड़ने के बाद पुलिस बिरादरी ने हम साथ-साथ चलने को तैयार ही नहीं हुए। कनीय और वरीय आरक्षी भी सहायक नहीं बने। यह पुलिस व पीपुल्स के बीच दीवार दर्षाता है। 

शातिर दिमाग वालों के चक्कर में सेवानिवृत पुलिस पदाधिकारीः 
शातिर दिमाग वालों ने सेवानिवृत पुलिस पदाधिकारी वाल्टर माइकल साहब के खाते से 19999 रू. निकासी कर लिए। इसकी जानकारी बेतिया थाना में जाकर लिखिति एफ.आई.आर. दर्ज करवाने का प्रयास किया गया। पर बड़ा बाबू का कहना था कि एफ.आई.आर.दर्ज करवाने से क्या होगा? पैसा थोड़े ही मिलेगा। काफी दबाव बनाने के बाद लिखित आवेदन तो लिए पर पता नहीं कि मामला दर्ज हुआ है कि नहीं । शातिर दिमाग वालों से लूटे गए प्रभावित ने एस.पी. साहब से मिलना चाहा तो एस.पी.साहब ने मिलने से ही इंकार कर दिया। यह एक पुलिस पदाधिकारी का मामला है तो आम आदमी के साथ एस.पी.साहब का बर्ताव कैसा होगा?यह सोचनीय विषय है। 

जब अवकाश प्राप्त पुलिस पदाधिकारी से मिलना पसंद नहीं किए बेतिया के एस.पी. साहबः
अवकाश प्राप्त पुलिस पदाधिकारी का नाम है वाल्टर माइकल। पश्चिमी चम्पारण जिले के बेतिया क्रिश्चियन क्वार्टर, चर्च रोड में रहते हैं। स्पेशल विभाग के सब-इंस्पेक्टर पद से अवकाश कर पेंशनभोगी हैं। इस पुलिस पदाधिकारी ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया,मेंन ब्रांच, नया धर्मशाला, लाल बाजार, बेतिया ,पश्चिम चंपारण,बिहार में खाता खोल रखा है। खाता संख्या है’’’’’’’475 है। पुलिस पदाधिकारी वाल्टर माइकल कहते हैं कि मोबाइल पर एसएमएस एल्टेट से 23.01.2019 को 12.09 बजे जानकारी मिली कि खाता से एकमुश्त 19,999 रू.की निकासी की गयी है। मोबाइल से राशि की निकासी की सूचना मिलते ही माथा ठनक गया। भागे-भागे स्थानीय बेतिया थाने में जाकर लिखित सूचना दे दी। बड़ा बाबू लिखित आवेदन को जरूर मुस्करा-मुस्कराकर पढ़ा। पढ़ने के बाद बड़ा बाबू कहे कि इससे क्या होगा? पैसा थोड़े ही मिलेगा? पुलिस पदाधिकारी ने कहा कि वहां पर काफी दबाव डालने के बाद ही आवेदन लिया गया। एफ.आई.आर.दर्ज हुआ या नहीं इस बाबत कोई जानकारी नहीं दी गयी। यहां से निपटने के बाद बेतिया के एसपी साहब से मिलने गए। तो साहब मिलने से ही इंकार कर दिए। घर जाने के बाद फोन से सम्र्पक कर बात करने का प्रयास किया गया  पर कोई जवाब ही नहीं मिला। एक वरीय पुलिस पदाधिकारी का सेवानिवृत पुलिस पदाधिकारी के साथ व्यवहार अशोभनीय है। 

बुरे वक्त बिहारी पुलिस ने नहीं परन्तु पुत्र सहारा बनाः
सेवानिवृत पुलिस पदाधिकारी वाल्टर माइकल ने कहा कि मेरा सुपुत्र दिल्ली में रहते हैं। सुपुत्र ने इंटरनेशनल मीडिया के एसक्यूटिव हेड से संपूर्ण दास्तान की जानकारी सुना दिए। उनका कहना है कि मोबिक्विक ऐप के माध्यम से से पैसा ट्रांसफर किया गया। उसके बाद डारयेक्टर बात कर सारा डिटेल प्राप्त कर लिया। प्राप्त कर सीधे देवघर के पुलिस अधीक्षक से सीधे फोन से बात की और त्वरित गति से कार्य अंजाम देने का आग्रह किया।

देवघर पुलिस अधीक्षक का जाल में फंसेः
देवघर पुलिस अधीक्षक त्वरित गति से कार्य अंजाम शुरू कर दिए। इस कार्य को पुलिस अधीक्षक ने अपना फर्ज समझा। इसमें साइबर क्राइम के डी०एस०पी० की अहम मुख्य भूमिका रही। जिन्होंने अपने कर्तव्य को प्राथमिकता दी और आने फर्ज को निभाया। उन्होंने एक बहुत बड़ा गैंग का पर्दाफास कर दिया। जिसका संचालन है देवघर आराजी सिल्वे गांव निवासी सलाउद्दीन अंसारी वल्द मकबूल अंसारी के द्वारा होता है। सूचना प्राप्त होते ही देवघर पुलिस के कप्तान एवं पुलिस उपाध्यक्ष साइबर क्राइम टीम के नेतृत्व में संचालक को पकड़ लिया गया। 48 घंटे के अंदर ही 19,999 रू. बरामद हो गया। सलाउद्दीन अंसारी वल्द मकबूल अंसारी नामक अपराधी ने कहा कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के वेब साइट गुगल पर अपना एक फर्जी वेब साइट फोन नंबर के साथ पोस्ट किए हुए हैं जिससे कोई व्यक्ति झांसे में आ जाते हैं और फंस जाते हैं। अंत में सेवानिवृत पुलिस पदाधिकारी वाल्टर माइकल ने कहा कि काश ! बिहार की पुलिस भी कर्तव्यनिष्ट होती। झारखण्ड पुलिस ने सक्रियता दिखाकर साइबर क्राइम संचालक को सलाखों के पीछे कर दिए। वहीं सेंट्रल बैंक आॅफ इंडिया के वेब साइट पर एक फर्जी वेब साइट फोन के साथ जोड़ रखा है। उसका उद्भेदन कर दिया। अब सभी बैंकों को भी सचेत रहने की जरूरत है और देखने की जरूरत है कि कोई फर्जी वेब जोड़कर नहीं न रखे हैं। सेवानिवृत पुलिस पदाधिकारी ने झारखंड पुलिस की शत-षत नमन किया है। उम्मीद किया है कि सरकार उक्त टीम को पुरस्कृत जरूर करेगी। झारखंड सरकार से आग्रह है कि उन्हें पुरस्कृत किया जाए । बहुत बड़े गिरोह का पर्दाफास हुआ है।

जीवन का 33 वर्ष बिहार पुलिस की सेवा मेंः सेवानिवृत वाल्टर माइकल को बहुत दुख है कि अपने जीवन का 33 वर्ष बिहार पुलिस की सेवा में बिताया और आज मुसीबत की घड़ी में कार्यवाही तो दूर मुझसे मिलने या मेरी बात सुनने के लिए भी हमारे  एसपी साहब को समय नही था। थाने से कोई कार्यवाही अभी तक नहीं की गई है ,और अब क्या करेंगे जब मेरा काम झारखंड (देवघर)पुलिस ने ही पूरा कर दिया । अपने राज्य की बेतिया पुलिस के इस व्यवहार से काफी तकलीफ हुई है। आगे कहते है कि मुझे विश्वास हो चला था कि मेरा पैसा वापस नही हो पायेगा परंतु ये चाहता था कि पुलिस कार्यवाही करें और एफ.आई.आर. ले ताकि जो मेरे साथ हुआ वो आगे किसी और के साथ ना हो और वे पकड़े जाएं ।मगर मेरे बेतिया के पुलिस कर्तब्य के प्रति बहुत असंवेदनशील है मुझे ऐसा लगा । अपराधी ने जो गूगल पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया नाम से अपना एक फर्जी वेब साइट डाला है उसमें फोन नंबर -07890081821 है जो अभी भी पोस्टेड है उसी पर मैं फंस गया । ये नंबर मौर्य लोक काम्प्लेक्स पटना स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के हेड आफिस के वेबसाइट में डाला है। गूगल में चेक किया जा सकता है। उनका कहना है उनलोगों का सारा हुलिया बैठे बैठे पता करवा लिया । वो देवघर के भारतीय स्टेट बैंक , सिरसा ( देवघर ) ब्रांच में मेरा पैसा ट्रांसफर किया था ।उसका खाता संख्या भी मालूम कर लिया , जिससे पुलिस को काफी सहायता मिली उन्हें पकड़ने में। वो सलाउद्दीन अंसारी रांची में बैठ कर सारा खेल कर रहा था और अपने खाता पैसा आने के बाद अपने बाप मकबूल अंसारी जो बीड़ी बनाने का काम करता है के खाते में पैसा ट्रांसफर कर बाद में निकाल लेता था ।उसके बाप को भी पुलिस पकड़ी है।और इनके सहयोगियों का पता लगाया जा रहा है। इसका गांव आराजी सिल्वे , देवघर में इतना सुदूर क्षेत्र में है कि गाड़ी भी नहीं जा सकती मगर पुलिस ने काफी मुस्तैदी से काम किया और पकड़ा। उस गांव में सभी कच्चे मकान हैं सिर्फ इसी का आलीशान शानदार पक्का का मकान है। इसी जालसाजी के पैसे से बनवाया है।

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