बिहार : भागलपुर में माले नेता की हत्या निंदनीय, दबंगों-अपराधियों पर लगाम नहीं लगाने का नतीजा: माले - Live Aaryaavart

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शनिवार, 23 फ़रवरी 2019

बिहार : भागलपुर में माले नेता की हत्या निंदनीय, दबंगों-अपराधियों पर लगाम नहीं लगाने का नतीजा: माले

हत्यारों को अविलंब गिरफ्तारी की मांग पर भागलपुर सहित अन्य जिलों में प्रतिवाद.
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पटना 23 फरवरी 2019,, भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड कमिटी के पार्टी नेता जवाहर यादव की बर्बर हत्या की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राज्य में अपराधियों के लगातार बढ़ते मनोबल और उनपर न होने वाली कार्रवाई का नतीजा है. भाजपा-जदयू राज में अपराधी बेलगाम हैं और आंदोलनकारियों को खासकर निशाना बनाया जा रहा है.  उन्होंने कहा कि कामरेड जवाहर की हत्या पूरी पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है. हम हत्यारों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग करते हैं.  काॅ. जवाहर यादव राशन-किरासन तथा मिड डे मिल में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ पार्टी के नेतृत्व में जारी लड़ाई की अगली कतार में थे. स्थानीय स्तर पर अपने पंचायत में उन्होंने कई आंदोलनों का नेतृत्व किया. कुछ दिन पहले आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की चयन प्रक्रिया में हुई धांधली के खिलाफ काफी सक्रिय थे. इस कारण वे स्थानीय दबंगों व अपराधियों के निशाने पर थे. 22 फरवरी की रात तरकीबन 8 बजे भागलपुर पार्टी जिला सम्मेलन की तैयारी के सिलसिले में नगवछिया से तैयारी कर जब जवाहर यादव अपने घर बगरी (खरीक प्रखंड का एक गांव) लौट रहे थे, तब पहले से घात लगाकर बैठक अपराधियों ने उनके सिर में कान के पास गोली मार दी. गोली लगने के उपरांत उन्हें खरीक अस्पताल लाया यगा और फिर वहां से उन्हें भागलपुर रेफर कर दिया गया. भागलपुर के मायागंज अस्पताल में डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया कामरेड जवाहर यादव 2012 में भाकपा-माले के संपर्क में आए थे, और तब से वे लगातार पार्टी काम से जुड़े रहे. वे फिलहाल पार्टी के खरीक प्रखंड कमिटी के सदस्य थे । उनके परिवार में बूढ़ी मां-कौशल्या देवी, बूढ़े पिता -नरेश यादव, पत्नी व 4 छोटे बच्चे (2 बेटी और 2 बेटा) हैं. सभी के पालन - पोषण की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी.

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