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शुक्रवार, 22 मार्च 2019

बिहार : एक पत्रकार पर बरपा शराब माफियाओं का कहर, मुहल्ले वासी ने किया जमकर मुकाबला

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अरुण कुमार (आर्यावर्त) राजधानी पटना :- होली के मौके पर पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की बात की गई थी,लेकिन शराब माफियाओं ने उनके इस दावे को खुलेआम धज्जिया उड़ाई। जिले के दूर-दराज की बातों को छोड़ दें, राजधानी में ही शराब माफियाओं ने एक पत्रकार के घर पर महला बोल दिया। गनीमत यह रही कि मुहल्ले वाले एकजुट होकर उनका मुकाबला किया और पत्रकार की जान बच गई। हालांकि घटना में दर्जनभर लोग गंभीर रुप से घायल हो गये। घटना के संबंध में बताया गया है कि आलमगंज थाना क्षेत्र के विस्कोमान कॉलनी में गुरुवार को होली के दिन एक दैनिक अखबार के पत्रकार के घर पर शराब माफियाओं ने हमला बोल दिया। बताया जा रहा है कि घर के लोग होली मनाने में व्यस्त थे। उसी दौरान 30-40 की संख्या में आए शराब माफियाओं ने घर में घुसकर मारपीट करना शुरु कर दी। इधर घटना की जानकारी मिलते ही मुहल्लेवासी एकजुट हो गए और मिलकर उनका मुकाबला किया। दोनों ओर से जमकर मारपीट और ईट-पत्थर चले। घटना में दर्जन भर लोग घायल भी हुए हैं।घटना के पीछे का कारण कुछ यूँ बताया जा रहा है कि सोमवार को कॉलोनी के ही एक घर में उत्पाद विभाग ने छापेमारी कर भारी मात्रा में शराब बरामद की थी। घर रिटायर प्रोफेसर कुलदीप यादव का है। इस घर को सील भी कर दिया गया है। शराब माफियाओं को शक था कि छापेमारी में पत्रकार और कॉलोनी के कुछ लोगों का हाथ  है।मारपीट में दर्जनों लोग गंभीर रुप से घायल हो गये। वहीं कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि घटना की सूचना उन्होंने तुरंत थाने के साथ ही एसएसपी व अन्य अधिकारियों को दी गई, लेकिन पुलिस घटना के तकरीबन दो घंटे बाद मौके पर पहुंची।  घटना के बाद से इलाके में दहशत और भय का माहौल व्याप्त है। कॉलोनी वालों को डर है कि शराब माफिया कहीं फिर हमला कर सकते है। सरकार और सरकारी तंत्र नाकाम शराबबंदी को कर न सका सफल,बल्कि अब तो और भी शराब माफियाओं की कमाई में इज़ाफ़ा हो गया है।धन्धा पहले से बेहतर चल भी रही है।हाँ चलाने का थोड़ा अंदाज़ बदल गया है बस।बाकीं सब पूर्ववत ही तो है।रही पुलिसप्रशासन का डर तो भाई जब खुद पुलिसवाले ही दारू पीकर नौटंकी करते हैं तो उनसे कोई क्यों डरे, पहले कोई खुद की गिरेवां में झाँक कर देखे फिर कहीं और नज़र डाले तो कुछ बात बन सकती है,अन्यथा बात वहीं की वहीं धाक के तीन पात बाली।

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