बिहार : पापी पेट को भरने का सवाल, दोस्ती खतम - Live Aaryaavart

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रविवार, 24 मार्च 2019

बिहार : पापी पेट को भरने का सवाल, दोस्ती खतम

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कुर्सेला। दिव्यांग नन्दू कुमार ऋषि और लखन कुमार के बीच में गहरी दोस्ती। वह हमेंशा कहते थे यह दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे। मगर पापी पेट को भरने का सवाल सामने आ गया। दोनों जिगरी दोस्तों में दोस्ती खत्म हो गयी। मुसहरी से पलायन लखन कुमार कर गया। और अकेला हो गया नन्दू। पढ़ाई छूट गयी। किस तरह से नन्दू पढ़ाई जारी रखे? सोच सोचकर पापड़ हो गया। आईजीएसएसएस के सहयोग से प्रगति नामक संस्था के कार्यकर्ता का आगमन मुसहरी में होता है। नन्दू कुमार ने आपबीती सुना डाली। फिर कार्यकर्ताओं के प्रयास से उसे तिनपहिया वाहन मिली। तिनपहिया वाहन से नन्दू कुमार पढ़ाई शुरू कर दिया है। 

दिव्यांग हैं नन्दू कुमार ऋषि
प्रगति ग्रामीण विकास समिति के द्वारा बल्थी महेशपुर मुसहरी में आजीविका और सर्वागीण विकास के क्षेत्र में कार्य किया जाता है। यहां पर बिगो ऋषि और लीला देवी रहते हैं। इनके 10 बच्चे हैं। 7 लड़के और 3 लड़कियां। केवल मैट्रिक पास हैं लालमोहन कुमार। नन्दू कुमार ऋषि 9 वीं कक्षा में हैं। रवि कुमार 5 वीं कक्षा में अध्ययन हैं। परिवार में नन्दू कुमार ही दिव्यांग है। उसका विकलांगता प्रमाण पत्र 15 जून 1999 को बना। जब वह द्वितीय श्रेणी में पढ़ता था। 90 प्रतिशत तक विकलांग हैं।  एक पैर सामान्य और दूसरा छोटा है। इस प्रमाण पत्र के आलोक में 01जनवरी 2012 में निरूशक्तता सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलने लगा।

गहरी दोस्ती नन्दू और लखन के बीच में
जन्मजात दिव्यांग हैं नन्दू कुमार। वह पढ़ता भी है। वहीं सामान्य व्यक्ति है लखन कुमार। वह पढ़ता नहीं है। उसके पास साइकिल है और साइकिल चलाता भी है। कुर्सेला रेलवे लाइन के बगल में है तिनघरियां। यहीं पर है अयोध्या प्रसाद उच्च विद्यालय। इसी स्कूल में नन्दू कुमार ऋषि 9 वीं कक्षा में पढ़ता है। बल्थी महेशपुर मुसहरी से स्कूल की दूरी ढाई किलोमीटर है। लखन कुमार दोस्ती के नाम पर दिव्यांग को साइकिल पर बैठाकर स्कूल ले जाता और द्यर पहुंचा देता। नन्दू कहा करता था कि लखन आप भी पढ़ना शुरू कर दें। मगर वह माना नहीं। दिव्यांग नन्दू कहते हैं कि अपने परिवार के सदस्यों के लालन-पालन करने में लखन कुमार जुड़ गया। इसका परिणाम निकला कि वह साइकिल से स्कूल ले जाना और ले आना बंद कर दिया। 9 वीं कक्षा से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। इसके 2018 में मैट्रिक की परीक्षा नहीं दे सका। वह वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं कर पाये। विधायक गोपाल यादव व मुखिया मनीष कुमार सिंह के पास दौड़ लगाकर थ्री व्हीलर ( तिनपहिया वाहन ) दिलवाने का आग्रह करते रहे। जो आजतक सफल नहीं हो सका।

बल्थी महेश नगर में प्रगति ग्रामीण विकास समिति का आगमन
जब इंडो ग्लोबल सोशल सर्विस सोसायटी के साॅल थ्री के सहयोग से प्रगति ग्रामीण विकास समिति के कार्यकर्ता आए थे। बैठक समाप्त कर प्रस्थान कर रहे थे। उसी समय भइया जी से आपबीती सुनाएं। उन्होंने कुर्सेला प्रखंड कार्यालय आने को कहा। यहां पर नन्दू कुमार ऋषि का कार्य नहीं बना तो वह भइया जी जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, कटिहार चले गए। वहां पर तिनपहिया वाहन प्राप्त करने के लिए आवेदन जमा कर दिए। दिव्यांग नन्दू कुमार ऋषि के आग्रह पर आवेदन लिखा गया। प्रखंड सह अंचल कार्यालय,कुर्सेला के प्रखंड विकाास पदाधिकारी के बड़ा बाबू ने कहा कि अब कार्यालय के प्रपत्र पर ही आवेदन लिया जाता है। इसके साथ आय प्रमाण पत्र, विकलांगता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और एक फोटो देना होगा। इस आवेदन को विस्तार से लिखकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास ई-मेल किया गया। उनसे आग्रह किया है कि तत्काल थ्री व्हीलर दिव्यांग को उपलब्ध करवाने की व्यवस्था करें। तिपहिया वाहन नहीं रहने के कारण वह पढ़ाई छोड़ दी है। उसका दोस्त साइकिल पर बैठाकर स्कूल ले जाता और स्कूल से घर ले आता था। उस ख्याल को पूर्ण करने के लिए कहता है तिपहिया साइकिल मिल जाएगा तो पढ़ाई जारी कर देगा। उसने वादा भी किया था। वह किसी पर आश्रित नहीं नहीं चाहता था। वह खुद्दार बनना चाहता था। कोई ‘पंख‘ लगा दें। उससे उड़ना शुरू कर देना। आखिरकार प्रगति ग्रामीण विकास समिति ने ‘पंख‘ लगाने का प्रयास शुरू कर दिया।

जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग में दस्तुर नहीं
कटिहार जिले के जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग में दस्तुर नहीं है। किसी आवेदक के आवेदन का रिसिविंग दें। परंतु यहां पर दस्तुर नहीं है। यहां आवेदन प्राप्त करने का प्रमाण नहीं दिया जाता है। कुछ भी कर ले पर बड़ा बाबू  देते ही नहीं हैं। यहां तक द्वितीय पत्र पर भी हस्ताक्षर नहीं करते हैं। हस्ताक्षर करने की मांग करने पर बड़ा बाबू लाल हो जाते हैं। गुस्से में तनमना कर आवेदन ही वापस करने लगते हैं। अब आवेदक क्या करें? बिना पावती के ही आवेदन दे दिया जाता है। अब आपकी मर्जी है आवेदन भूला दो या काम बना दो। कोषांग के प्रधान सहायक हैं रामाशीष पोद्दार। इनका कहना है कि यहां पर हमलोग आवेदनों का जिला स्तर पर संग्रह करते हैं। इसी तरह प्रखंड स्तर पर भी होता है। सेंचुरी अप होने के बाद आवेदन को पटना भेजा जाता है। किसी कम्पनी के द्वारा वाहन तैयार करने बाद  दिव्यांगों की मांग पूर्ण कर पाते हैं।

भारत के प्रथम राष्ट्रपति डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद जी के जन्म दिन पर 
भारत के प्रथम राष्ट्रपति डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद जी के जन्म दिन के अवसर पर तीन दिसम्बर को विश्व विकलांग दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर नन्दू कुमार ऋषि को तिपहिया वाहन मिला। वह और उसके परिवार के लोग भी खुश थे। थैक्स!प्रगति ग्रामीण विकास समिति को दिए। उसके वरिष्ठ कार्यकर्ता को दिए। जिसके समक्ष वह परेशानी बयान करके तिनपहिया वाहन दिलवाने का आग्रह किया था। उनके ही प्रयास से संभव हो सका। वह अंतिम बार विश्व विकलांग दिवस के अवसर पर बल्थी महेशपुर,कुर्सेला से रेंगकर कटिहार गया। वहां तिनपहिया वाहन पर चढ़कर घर आया। बहुत खुश है। विश्वास व्यक्त किया कि तिनपहिया वाहन से पंख लग गया। 

तिनघरिया में है अयोध्या उच्च विघालय
उस विघालय में नन्दू कुमार ऋषि का नाम लिखा गया है। वह रोजाना स्कूल जाता है। वह बताता है कि उसने मैट्रिक की परीक्षा देने के लिए रजिस्ट्रेशन भी करवा लिया है। सच में आईजीएसएसएस को धन्यवाद! देने का मन करता है। आशा व्यक्त किया है कि अगले साल भी सहयोग देने का सिलसिला जारी रखेगा।

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