उर्दू को दुनियाभर में लोकप्रिय बनाने की जरुरत : मोदी - Live Aaryaavart

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रविवार, 17 मार्च 2019

उर्दू को दुनियाभर में लोकप्रिय बनाने की जरुरत : मोदी

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नयी दिल्ली 16 मार्च, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छठे विश्व उर्दू सम्मेलन की सफलता की कामना करते हुए आज उम्मीद जतायी कि इससे उर्दू भाषा को दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव सामने आयेंगे ।  श्री मोदी ने राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद द्वारा 18 से 20 मार्च तक यहां आयोजित किये जा रहे विश्व उर्दू सम्मेलन के लिए अपने संदेश में कहा कि उर्दू भाषा गंगा जमनी तहजीव को दर्शाती है और एक लोकप्रिय भाषा रही है । इस भाषा के विश्व स्तर पर प्रोत्साहन और संरक्षण के प्रयास सराहनीय हैं । इसे प्रौद्योगिकी और डिजिटल माध्यम से और लोकप्रिय बनाया जा सकता है । उन्होंने कहा , “मुझे विश्वास है कि छठे विश्व उर्दू सम्मेलन में शामिल होने वाले भाषाविद् और विशेषज्ञ ऐसे व्यावहारिक उपाय सुझायेंगे जिनसे उर्दू को विश्व भर में लोकप्रिय बनाने में मदद मिलेगी । ” इस सम्मलेन में 15 मुल्कों के अदीब भाग लेंगे लेकिन इसमें पाकिस्तान को नहीं बुलाया गया है । तीन दिवसीय सम्मलेन का उद्घाटन मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेडकर करेंगे जबकि मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं संघ (आरएसएस) के नेता इन्द्रेश कुमार होंगे जो राष्ट्रीय मुस्लिम मंच से भी जुड़े हैं। 

राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद के निदेशक डॉ. अकील अहमद ने बताया कि सम्मेलन में बंगलादेश, ईरान, माॅरीशस, मिस्र, कनाडा, फ़्रांस, जर्मनी, जापान, कनाडा, अमेरिका तथा ब्रिटेन जैसे देशों के लेखक भाग लेंगे लेकिन पुलवामा हमले को देखते हुए नौ पाकिस्तानी लेखकों का दौरा रद्द कर दिया गया है। डॉ. अहमद ने कहा कि उर्दू केवल एक जुबान नहीं बल्कि गंगा जमुनी तहजीब का नाम है और वह मोहब्बत का पैगाम फ़ैलाने वाली भाषा है। आज पूरी दुनिया में वह पढ़ी जा रही है और पढ़ाई भी जा रही है। उस पैगाम को फ़ैलाने के लिए यह कांफ्रेंस की जा रही है लेकिन जब तक पाकिस्तान से रिश्ते नहीं ठीक होते उनके अदीबों को नहीं बुलाया जायेगा।  उन्होंने बताया कि सम्मेलन में जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय, जामिया, अलीगढ़ विश्वविद्यालय, जम्मू विश्वविद्यालय, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय के रिसर्च स्काॅलर तथा शिक्षक भी डेलिगेट के रूप में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि सम्मलेन में केवल उर्दू अदब नहीं बल्कि उर्दू में मीडिया, कला, मनोरंजन, शिक्षा, कानून जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी और पेपर पढ़े जायेंगे। सम्मलेन में मुज़फ्फर अली, गजेन्द्र चौहान, जस्टिस सुहैल एजाज़ सिद्दिकी, मोहमद फरमान नदवी, प्रोफेसर अख्तरुल वासी, डॉ. मोहम्मद असलम परवेज़, शौकत हयात, शाहिद अख्तर, जिया उस सलाम जैसे लोग भाग लेंगे।

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