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शुक्रवार, 1 मार्च 2019

विज्ञान लोकप्रियकरण के लिए डॉ. ज़ाकिर अली 'रजनीश' को राष्ट्रीय विज्ञान संचार पुरस्कार

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विज्ञान इसलिए महत्वपूर्ण नहीं है कि वह हमें सुख और सुविधा के साधन मुहैया कराता है, वह इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि हमें तर्कपूर्ण और विचारशील बनाने के लिए भी प्रेरित करता है। और इस नजरिए से समाज को परिचित कराने में विज्ञान संचारकों की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसके लिए उनकी जितनी सराहना की जाए कम है। उक्त बातें विज्ञान दिवस के अवसर पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान संचार पुरस्कार वितरण समारोह में सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार, प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने कहीं। इस पर लखनऊ के लोकप्रिय लेखक और 'साइंटिफिक वर्ल्ड' के सम्पादक डॉ. ज़ाकिर अली 'रजनीश' को बच्चों के मध्य विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान संचार पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें दो लाख रूपये, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गये। 

इस अवसर पर पर प्रिंट मीडिया के लिए हुद्रम बीरकुमार सिंह, मणिपुर, मनींद्र कुमार मजूमदार, असम, प्रोफेसर मानसी गोस्वामी, उड़ीसा को, बच्चों के मध्य विज्ञान लोकप्रियकरण के लिए रूरल एग्रीकल्चरल डेवलेपमेंट सोसायटी, आंध्र प्रदेश, डॉ. राजकुमार उत्तर प्रदेश को अनुवाद के लिए प्रोफे. मनीष रत्नाकर जोशी, परम्परागत माध्यम के लिए डॉ. बृजमोहन शर्मा, उत्तराखण्ड, डॉ. सुनीता झाला राजस्थान, व इलेक्ट्रानिक मीडिया के लिए डॉ. अंकुरन दत्ता, असम को भी पुरस्कृत किया गया। बच्चों के मध्य विज्ञान विज्ञान लोकप्रियकरण के लिए राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार से सम्मानित होने वाले डॉ. ज़ाकिर अली 'रजनीश' देश के जाने-माने रचनाकार हैं, जो अपनी विज्ञान कथाओं के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। डॉ. रजनीश गत दो दशकों से बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने वाले साहित्य का सृजन कर रहे हैं। उनकी 60 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे हिंदी की लोकप्रिय ब्लॉग पत्रिका 'साइंटिफिक वर्ल्ड' के सम्पादक हैं, जो देश की आई.एस.एस.एन. नम्बर प्राप्त इकलौती हिन्दी ब्लॉग पत्रिका है। इसके अलावा वे 'साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन', 'सर्प संसार' और 'टेकगेप' नामक ब्लॉग पत्रिकाओं के द्वारा भी विज्ञान संचार की अलख जला रहे हैं।

बताते चलें कि डॉ. रजनीश 'तस्लीम' (टीम फॉर साइंटिफिक अवेयरनेस आन लोकल इश्यूज़ इन इंडियन मॉसेस) नामक संस्था के महासचिव भी हैं और इसके माध्यम से विज्ञान संचार सम्बंधी सम्मेलन, गोष्ठी और कार्यशालाओं का आयोजन करते रहते हैं , जिनसे अबतक हजारों बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। डॉ. ज़ाकिर अली 'रजनीश' की इन उपलब्धियों के लिए उन्हें अब तक बॉब्स अवार्ड, जर्मनी, कथा महोत्सव पुरस्कार, शारजाह, यू.ए.ई. सहित तीन दर्जन से अधिक पुरस्कार/सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

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