बिहार : परियोजना को प्रभावशाली बनाने हेतु सुझाव, स्टेट लेबल ऑफिस स्थापित हो - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 26 मार्च 2019

बिहार : परियोजना को प्रभावशाली बनाने हेतु सुझाव, स्टेट लेबल ऑफिस स्थापित हो

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पटना। आई. जी. एस. एस. एस. का कार्यालय दिल्ली में है। अभी तक स्टेट लेबल पर ब्रांच आॅफिस नहीं है। जो जरूरी है। हर तरह का कार्या स्टेट लेबल पर किया जा सकता है। सहयोगी संस्था और सरकारी कार्य करने में आसानी होगी। हर तरह का कार्य में स्टेट लेबल पर जाकर संपर्क किया जा सकेगा। टाइम और मनी में व्यय कम हो जाएगा। स्टेट लेबल आॅफिस के आॅफिसर के द्वारा मूविंग करने से सामने वाली समस्याओं का समाधान आसानी से हो जाएगी। उनके द्वारा सहजतता से कार्य प्रगति को जाकर निकट से आकलन कर सकते हैं। इसके बाद आवश्यक सुझाव दे सकते हैं। इस तरह स्टेट लेबल आॅफिस से फायदा ही फायदा है। अगर स्टेट लेबल पर स्टेट आॅफिस खोलना असंभाव हो तो इस तरह का कार्य करने का दायित्व सहयोगी संस्था को दिया जा सकता है। 

लाइवलीहुड के स्ट्डी को एडवोकेसी लायक बनाया जाए
यह आई.जी. एस. एस. एस. को सुझाव दिया जा रहा है। जो सहयोगी संस्थाओं के द्वारा लाइवलीहुड के ऊपर कार्य किया जा रहा है। उनसे सकारात्मक और नकारात्मक केस स्ट्डी प्रस्तुत करने की मांग की जाती है। मेहनत करके सहयोगी संस्थाओं के द्वारा के केस स्ट्डी तैयार किया जाता है। इसके बाद नेशनल आॅफिस के पास प्रेषित किया जाता है। उसका उपयोग करने की जरूरत है। अगर सहयोगी संस्था के द्वारा प्रेषित केस स्ट्डी में सुधार करना जरूरी है। तो उसमें आवष्यकतानुसार सुधार किया जा सकता है। एक बार बेतहर ढंग से केस स्ट्डी तैयार करने का तरीका मालूम हो जाए। तो सहयोगी संस्था के द्वरा उस तरीका को अपना कर बेहतर केस स्ट्डी बना सकेंगे। उसको लेकर स्टेट लेबल पर एडवोकेसी करने की शुरूआत हो। ऐसा करने से ग्रास रूट की लाइवलीहुड की समस्या को स्टेट लेबल तक ला सकेंगे। यहां पर संभावना बढ़ जाएगी। उन समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द हो सकेगा। 

लाइवलीहुड पर नीति निर्धारण करने हेतु प्रयास हो
स्टेट लेबल पर स्टेट आॅफिस का स्थापना हो। इस स्टेट लेबल के आॅफिसरों के साथ मिलकर किसी मुद्धे पर नीति बनाने पर पहल कर सकते हैं। ऐसा करने पर आईजीएसएसएस और गैर सरकारी संस्थाओं के लाइवलीहुड कार्यक्रमों में तीसरी शक्ति स्टेट गर्वमेंट भी जुड़ जाएगी। तीनों शक्ति मिलकर ग्रास रूट की समस्याओं पर बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। इसी के माध्यम से सरकार की ओर से संचालित लाइवलीहुड कार्यक्रमों को ग्रास रूट में पहुंचाया जा सकता है। अगर कुछ कमी है तो स्टेट के मिनिस्टर और आॅफिसरों से बातचीत कर दूर कर सकते हैं। अगर जरूरी हो तो लाइवलीहुड पर किसी तरह की नीति निर्धारण तैयार करने पर बल भी दिया जा सकता है। 

प्रभावशाली कार्य करने वाली संस्था को सम्मानित करें
वर्ष 2018-19 में प्रभावषाली कार्य करने वाली सहयोगी संस्था को सम्मानित करना चाहिए। ऐसा करने से संस्थाओं के बीच में हेल्दी कम्पीटिशन आ जाएगा। इसका प्रभाव संस्थाओं पर पड़ेगा। मगर सबसे अधिक फायदा ग्रास रूट पर पड़ेगा। जो सम्मानित संस्था है वह नहीं चाहेगा कि उसके क्रियाकलाप में गिरावट आए। वहीं अन्य संस्था जोरदार ढंग से कार्य प्रगति कर सम्मानित होना चाहेगा। यह फायदेमंद सुझाव हो सकेगा। उसी तरह प्रभावषाली कार्य करने वाले कार्यकर्ता को सम्मानित किया जाए। यह जरूरी नहीं है कि जिस संस्था को सम्मानित किया गया है. उनके ही कार्यकर्ता को सम्मानित किया जाए। अन्य संस्था के भी कार्यकर्ता हो सकते हैं। जो उनसे बेहतर कार्य परिणाम सामने लाए हैं। जो लाइवलीहुड के हर आयाम को करने का प्रयास किया है। 

प्रत्येक तीन माह में प्रशिक्षण की व्यवस्था हो
सहयोगी संस्थाओं के द्वारा प्रत्येक तीन माह पर रिपोर्ट पेश किया जाता है। इस रिपोर्ट को लेकर ट्रेर्निंग देने की व्यवस्था करनी चाहिए। ऐसा करने से तीन माह की रिपोर्ट को मजबूती मिलेगी। ट्रेनर से मिलकर सामूहिक एवं व्यक्तिगत कमजोरियों को कार्यकर्ता रख सकेंगे। जो बेहतर परिणाम देगा। मन की बात को सामने रखकर समस्याओं को दूर कर सकेंगे। उसी समय अगली अर्द्धवार्षिक रिपोर्ट में निर्माण पेश करने के बारे में जानकारी दे सकेंगे। जो रिपोर्ट बेहतर ढंग से पेष नहीं कर पाते हैं। तो उनको यहा पर सीख मिलेगी। इस सीख से बेहतर रिपोर्ट पेश कर पाने में कामयाब होंगे। इस प्रशिक्षण के बाद तरोताजा होकर कार्यकर्ता जाएंगे। इस ट्रेर्निंग में प्रेषित रिपोर्ट को ग्रास रूट की बैठक में रख सकते हैं। इसका प्रभाव ग्रास रूट पर पड़ेगा। 

सम्मान विचारघारा रखने वाली संस्थाओं का नेटवर्किंग 
यह आई.जी.एस.एस.एस. का प्रयास होना चाहिए। सहयोगी संस्था सम्मान विचारधारा रखने वाली संस्थाओं का नेटवर्किंग तैयार करें। अभी प्रगति ग्रामीण विकास समिति के द्वारा प्रयास किया गया है। ऐसे लोगों के साथ मिलकर लाइवलीहुड के आयामों को लेकर एकजूटता बनाएं। इन नेटवर्किंग के द्वारा घर का अधिकार कानून बनवाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। अगर घर का अधिकार कानून बनता है तो लाइवलीहुड का एक आयाम शेल्टर पूर्ण हो जाएगा। इसी तरह जनता की मांग को राजनीतिक दल घोषणा पत्र में शामिल करें। इसमें बाल्यावस्था से वृद्धावस्था तक के लोगों की बुनियादी समस्या को शामिल किया गया है।

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