गाड़ी बेच दी है तो आरसी में बदलवा लें अपना नाम, दुर्घटना होने पर चुकानी पड़ सकती है कीमत - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

सोमवार, 29 अप्रैल 2019

गाड़ी बेच दी है तो आरसी में बदलवा लें अपना नाम, दुर्घटना होने पर चुकानी पड़ सकती है कीमत

- गाड़ी बेचे जाने के 14 दिनों के अंदर आरटीओ कार्यालय में सूचना देना जरूरी- जिसके नाम गाड़ी बेची गई है उसे तीस दिन के भीतर आवेदन कर आरसी में नाम बदलवाना जरूरी

chnge-ownership-in-rc
कुमार गौरव । पूर्णिया : अगर आपने अपनी गाड़ी बेच दी है लेकिन पंजीयन प्रमाण पत्र में अपना नाम नहीं बदलवाया है तो इसे जितनी जल्दी हाे सके करा लें। क्योंकि यह लापरवाही आपको किसी भी वक्त भारी पड़ सकती है। अगर बेचे गए उक्त वाहन से कोई दुर्घटना हो जाती है तो सारे साक्ष्यों व दस्तावेजों के बाद भी मुआवजे की राशि आपको ही चुकता करनी पड़ेगी। सूत्रों की माने तो ऐसे ही एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला गत दिनों दिया है। इसे देखते हुए अपना वाहन बेचते ही जल्द से जल्द आरसी में बेचने वाले शख्स का नाम दर्ज करा दें। आमतौर पर अपनी गाड़ी बेचने के साथ ही वाहन मालिक लापरवाह हो जाता है और वह आरसी में अपना नाम नहीं हटाता है। मात्र सेल लेटर के सहारे ही मसला लंबी अवधि तक चला करता है। अगर इस दौरान बेचे गए वाहन से कोई दुर्घटना हो गई तो उसकी जवाबदेही अब वाहन बेचने वाले की ही होगी और घटना में जो क्लेम तय होगा उसका भुगतान भी वाहन मालिक को ही करना होगा। 

...तीस दिनों के अंदर करें आवेदन : 
जिसके नाम गाड़ी बेची गई है उसे तीस दिन के भीतर आवेदन कर आरसी में नाम बदलवाना जरूरी है। हालांकि यह जरूरी नहीं कि तीस दिन के अंदर ही हो इससे पहले यानी जिस दिन आप गाड़ी बेच रहे हैं सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से इसे उसी दिन ही पूरा कर लें तो बेहतर होगा। ताकि विषम परिस्थिति में आप बचे रहे। इसके अलावे जो प्रावधान है उसके तहत गाड़ी बेचे जाने के 14 दिनों के अंदर आरटीओ कार्यालय में सूचना देना भी जरूरी है। ताकि नियमत: इसकी जानकारी आपके शहर के परिवहन विभाग को लिखित रूप से हो। क्योंकि हादसे के बाद जब मामला कोर्ट पहुंचता है तो सबसे पहले कोर्ट के द्वारा परिवहन विभाग से ही संबंधित गाड़ी का डाटा मांगा जाता है और उस परिस्थिति में विभाग कोर्ट के समक्ष वही डाटा प्रस्तुत करता है जो वहां रजिस्टर्ड रहता है। ऐसे में यदि आरसी में गाड़ी बेचने वाले का नाम है तो बेशक उसी का नाम कोर्ट में पहुंचता है और परेशानी भी गाड़ी बेचने वाले को ही उठानी पड़ती है। 

...गाड़ी बेचे जाने के दौरान ही आरसी में नाम बदलवा लें : 
अक्सर कोर्ट से ऐसे मामले सामने आते हैं जब वाहन मालिक का पूरा डिटेल्स मांगा जाता है। गाड़ी बेचे जाने के दौरान ही यदि संभव हो तो आरसी से अपना नाम बदलवा लेना चाहिए। ताकि विषम परिस्थिति में कोई परेशानी न हो। आमतौर पर लोग 14 दिनों के अंदर डीटीओ कार्यालय को भी कोई इस संबंध में कोई सूचना देना मुनासिब नहीं समझते हैं और सेल लेटर देकर इतिश्री कर लेते हैं। जो कि गलत है। : विकास कुमार, डीटीओ, पूर्णिया। 

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...