पत्नी की अनुमति मिलते ही भारत भेजा जाएगा मिश्रा का शव - Live Aaryaavart

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रविवार, 28 अप्रैल 2019

पत्नी की अनुमति मिलते ही भारत भेजा जाएगा मिश्रा का शव

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ओटावा 27 अप्रैल, कनाडा में भारत के उच्चायोग ने स्पष्ट किया है कि विनीपेग में दुर्घटनावश स्विमिंग पूल में डूबने के कारण मृत भारतीय मूल के साॅफ्टवेयर इंजीनियर रामनिवास मिश्रा एवं उनके पुत्र के पार्थिव शरीर सदमे से बीमार श्रीमती मिश्रा की औपचारिक अनुमति मिलने पर तत्काल स्वदेश भेजा जाएगा। उच्चायोग के सूत्रों ने इस बात का खंडन किया है कि दिवंगत पिता पुत्र के शव पैसों की मांग के कारण भारत नहीं भेजे जा पा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि श्री मिश्रा की पत्नी श्रीमती अनुपमा मिश्रा को भयंकर मानसिक आघात लगा है और उनका मनोचिकित्सक से इलाज चल रहा है। देश के नियमों के अनुसार शवों को अस्पताल से बाहर लाने के लिए मृतक के वारिस की औपचारिक अनुमति लेनी होती है। श्रीमती मिश्रा ऐसी हालत में नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक भारतीय उच्चायुक्त विकास स्वरूप के निर्देश पर टोरंटो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से एक अधिकारी को विनीपेग भेजा गया है ताकि वह अस्पताल प्रशासन से सीधा संपर्क करे और जैसे ही श्रीमती मिश्रा की स्थिति संभले, वैसे ही जरूरी औपचारिकता पूरी कर शवों को स्वदेश भेजने की कार्यवाही तत्परता से की जा सके। सूत्रों के मुताबिक शवों को भारत भेजने का पूरा व्यय एवं व्यवस्था उच्चायोग करेगा। सूत्रों ने कहा कि भारतीय उच्चायोग प्रवासी भारतीय समुदाय के कल्याण के हमेशा से ही सजग है और किसी भी भारतीय समुदाय के व्यक्ति को संकट के क्षणों में तुरंत ही मदद करता है। उल्लेखनीय है कि श्री रामनिवास मिश्रा अपनी पत्नी और दो बेटों - श्रेयान (9) और आरव (10) के साथ हाल ही में कनाडा आ बसे थे। इस सप्ताह विनीपेग में अपने निवास परिसर में श्री मिश्रा अपने दोनों बच्चों के साथ स्विमिंग पूल में नहाने गये थे और वह एवं श्रेयान दुर्घटनावश डूब गए जबकि आरव को बचा लिया गया। आरव अभी अस्पताल में भर्ती है और उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। इस घटना से श्रीमती मिश्रा को भयंकर मानसिक आघात लगा है। प्रवासी भारतीय समुदाय के एक नेता ने टोरंटो में भारतीय वाणिज्य दूतावास को इस बात की जानकारी दी। तबसे दूतावास पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है तथा सामुदायिक नेताओं के लगातार संपर्क में है। इस बीच एक भारतीय अखबार में छपी रिपोर्ट में कहा गया कि पैसे की मांग की वजह से शव भारत नहीं भेजे जा रहे हैं। 

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