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बुधवार, 10 अप्रैल 2019

राफेल पर विपक्ष ने कहा अब सामने आएगा राफेल का सच

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नयी दिल्ली, 10 अप्रैल, राफेल सौदे से संबंधित कुछ नए दस्तावेजों को आधार बनाये जाने पर केंद्र की प्रारंभिक आपत्ति को उच्चतम न्यायालय द्वारा ठुकराए जाने के बाद बुधवार को विपक्षी दलों ने जमकर मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि अब राफेल सौदे का सच सामने आएगा। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला और दावा किया है कि 'राफेल की चोरी' का सच सामने आ गया है और 'चौकीदार' को सजा जरूर मिलेगी। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने न्यायालय के बुधवार के आदेश को न्याय की दिशा में पहला कदम करार दिया और कहा कि इस मामले में न्याय संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की जांच से होगी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'राफेल की चोरी की परतें खुलती जा रही हैं। मोदी जी के झूठ का किला ध्वस्त हो गया। न्यायालय के प्राथमिक निर्णय ने मोदी के चेहरे से झूठ के लबादे को निकाल कर फेंक दिया है।'  वामदल माकपा और भाकपा ने भी न्यायालय के फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने देश की सुरक्षा से जो समझौते किए हैं उनका सच अब सामने आएगा। माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने बुधवार को कहा, “मोदी सरकार ने देश के अहम रक्षा सौदे में भ्रष्टाचार कर देश की सुरक्षा से समझौता किया। अब अदालती जाँच से सच सामने आएगा।” 

भाकपा के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अनजान ने भी न्यायलय के आदेश पर ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि, “राफ़ेल मामले में उच्चतम न्यायालय ने मोदी सरकार की कलई खोल दी है।’’  सुरजेवाला ने दावा किया, 'पहले कैग रिपोर्ट के नाम पर उच्चतम न्यायालय को गुमराह किया। फिर राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर सच छिपाने की कोशिश। न्यायालय से यह भी छिपाया की विमान के लिए मोलभाव सीधे प्रधानमंत्री कर रहे थे।'  उन्होंने कहा, 'यह भी छिपाया गया कि मोदी सरकार ने गुपचुप तरीके से भ्रष्टाचार से जुड़ी शर्तों को हटा दिया। सच्चाई बाहर आ गयी जब न्यायालय ने कहा कि मोदी जी अपने भ्रष्टाचार के सबूतों को सरकारी गोपनीयता का हवाला देकर नहीं छिपा सकते।'  सुरजेवाला ने कहा, ' उच्चतम न्याय ने न्याय की दिशा में कदम उठाया। आखिरी न्याय जेपीसी की जांच से होगा। अब जांच भी होगी और चौकीदार और उसके दोस्तों को सजा भी मिलेगी। अब होगा न्याय।'  सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, 'राफेल घोटाले की परतें एक एक करके खुल रही हैं। अब 'कोई गोपनीयता का कानून नहीं है' जिसके पीछे आप छिप सकें।' 

उन्होंने कहा, 'उच्चतम न्यायालय ने कानूनी सिद्धान्त को बरकरार रखा है। परेशान मोदी जी ने राफेल के भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले स्वतंत्र पत्रकारों के खिलाफ सरकारी गोपनीयता कानून लगाने की धमकी दी। चिंता मत करिए मोदी जी, अब जांच होने जा रही है चाहे आप चाहें या नहीं चाहें।'  येचुरी ने कहा कि इस मामले में संयुक्त संसदीय समिति गठित नहीं करके और कैग से राफ़ेल की क़ीमत छुपाकर मोदी सरकार ने पहले देश को गुमराह किया फिर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई को बाधित करने की कोशिश की। उन्होंने मोदी सरकार पर इस मामले में अदालत से ‘क्लीन चिट’ मिलने का ग़लत दावा करने का आरोप लगाते हुए कहा, “मोदी और उनकी सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने की लगातार कोशिश कर रही थी। इसलिए अदालत का यह फ़ैसला महत्वपूर्ण है क्योंकि अब इस मामले के दोषियों के चेहरे सामने आ सकेंगे।”  अनजान ने कहा कि राफेल मामले से मोदी सरकार के भ्रष्टाचार की कहानी परत दर परत खुल रही है। उन्होंने कहा कि अदालत ने भारत सरकार की दलील को खारिज कर दिया है राफेल मामले में न्यायालय के सामने पेश किए गए कागजात चोरी हो गए हैं। इससे स्पष्ट हो गया है कि मोदी सरकार ने राफेल विमान की ख़रीद में गड़बड़ी की थी। दरअसल, उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को राफेल सौदे से संबंधित कुछ नए दस्तावेजों को आधार बनाये जाने पर केंद्र की प्रारंभिक आपत्ति को ठुकरा दिया। इन दस्तावेजों पर केंद्र सरकार ने ‘‘विशेषाधिकार’’ का दावा किया था।

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