दुमका : उचक्के नयी स्कार्पियो गाड़ी उड़ा गए, एफ आई आर दर्ज - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 4 अप्रैल 2019

दुमका : उचक्के नयी स्कार्पियो गाड़ी उड़ा गए, एफ आई आर दर्ज

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दुमका (अमरेन्द्र सुमन) दुमका के रास्ते माँ तारा के दर्शन हेतु तारापीठ (प0 बंगाल) जाने का बहाना बनाकर बाबा बैद्यनाथ की पावन भूमि (शिवगंगा) से ही यूपी के एक स्कार्पियो वाहन मालिक को बरगलाकर दुमका लाया गया और फिर रात्रि विश्राम के लिये होटल साकेत में ठहरा कर तथा नशीला पदार्थ मिलाकर भोजन खिलाने के बाद गहरी नींद में उसके जाते ही उचक्के यू पी 32 के एफ 6100 एमएस-7 (काली रंग की स्कार्पियो) वाहन ले उड़े। यह घटना बीते 17 मार्च की है। चार पहिया वाहन स्कार्पियो की चोरी का मामला दुमका टाउन पीएस केस नं0- 81/1 भादवि की धारा 379/ 34 के तहत दर्ज कर लिया गया है। म0सं0-381 रामनगर धैरहरा, थाना रौनाही, जनपद अयोध्या (यूपी) निवासी राम सुन्दर सिंह के 36 वर्षीय पुत्र प्रार्थी राजपूत राघवेन्द्र सिंह ने अपने एफआईआर में जिक्र करते हुए कहा कि 17 मार्च को अपने साले की स्कार्पियो गाड़ी की पूजा व बाबा के दर्शन के लिये वे बाबा बैद्यनाथ (देवघर) आया था। दर्शन करने के बाद शिवगंगा के समीप चाय की एक दूकान पर तीन अज्ञात लोग उससे मिले। बातचीत के दौरान उपरोक्त ने खुद को लखनउ का निवासी बतलाया और कहा कि वे लोग भी दर्शन के लिये पहुँचे जिन्हें तारापीठ (तारा देवी शक्ति पीठ) भी जाना है। उचक्कों के झांसे में आकर प्रार्थी ने उन्हें अपनी गाड़ी में बैठा लिया और तारापीठ की ओ बढ़ चले। इसी बीच सभी दुमका पहुँच गए। स्कार्पियो पर सवार अज्ञात उचक्कों ने तारापीठ में सुबह दर्शन करने की बात कह कर रात्रि विश्राम के लिये एक अच्छा के नाम पर होटल साकेत में प्रार्थी को ठहरा दिया। रात्रि विश्राम में भोजन के दौरान उपरोक्त उचक्कों ने प्रार्थी के भोजन में नशीला पदार्थ डाल कर उसे खाने दिया। भोजन के बाद प्रार्थी को गहरी नींद आ गई। प्रार्थी की जब नींद खुली तो उसने अपना मोबाईल, पर्स व स्कार्पियो की चाभी गायब पाया। भागा भागा वह होटल के बाहर गया। देखा तो उसके होश उड़ गए। नयी चमचमाती उसकी स्कार्पियो गाड़ी अपने स्थान से गायब थी। होटल कर्मियों से पूछताछ के बाद भी गाड़ी चोरी का कोई सुराग नहीं मिल पाया। एक अनजान शहर में जहाँ तक वह प्रयास कर सकता था उसने किया, किन्तु गाड़ी का कोई अता पता नहीं चला। कई दिनों तक गाड़ी की खोज में ही वह भटकता रहा। चारों ओर से निराशा के बाद अंततः उसने नगर थाना, दुमका को पूरी जानकारी देते हुए सीसीटीवी कैमरे में मिले फोटो के आधार पर एफआईआर दर्ज करवा दिया।  प्राथी के अनुसार उसकी गाड़ी का चेचिस नं0-एम ए आइ्र टी एक 2 एम ए 1 टी ए 2 डब्ल्यू आर 212 के 42318 व इंजन संख्या डब्ल्यू आर जे 4 के 17731 है। इस कांड के अनुसंधान की जिम्मेवारी ए एस आई ओ पी ंिसंह को दे दी गई है। 

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