पूर्णिया : सात दशक बीत गए नहीं बना झौआरी पुल, ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार का बनाया मूड - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 9 अप्रैल 2019

पूर्णिया : सात दशक बीत गए नहीं बना झौआरी पुल, ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार का बनाया मूड

villeger-decide-bycott-vote
पूर्णिया : श्रीनगर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत श्रीनगर से केनगर प्रखंड मुख्यालय व कसबा और जलालगढ़ मुख्यालय को जोड़ने वाले झौआरी घाट का पुल 70 साल बीत जाने के बाद भी नहीं बन पाया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी लोग आजाद नहीं हुए हैं। आज भी 50 हजार आबादी वाले प्रखंड व पंचायत श्रीनगर, केनगर, कसबा, जलालगढ़, गढ़बनैली, चंपानगर, परोरा, झुन्नीकलां, झुन्नीइस्तम्बरार, बेगमपुर, देवीनगर के लोग इसी घाट के सहारे एक जगह से दूसरी जगह को आते जाते हैं। इसके अलावे यह घाट चार प्रखंड और आठ गांव को जोड़ता है। 

...पिछले 70 वर्षों में नहीं हो सका झौवारी घाट का विकास : ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधि से लेकर बीडीओ, विधायक, सांसद तक का दरवाजा खटखटाया लेकिन इस क्षेत्र में विकास की बयार नहीं बही। 16 लोकसभा चुनाव के बाद भी विकास की बाट जोह रहा है झौवारी घाट। बार बार चुनाव के दौरान कई जनप्रतिनिधि यहां आए और झौवारी घाट के विकास की बड़ी बड़ी बातें कर और वोट बटोरकर चले गए। उसके बाद दोबारा झौवारी घाट की तरफ किसी ने मुड़कर नहीं देखा। 

...झौवारी घाट पर पुल नहीं बनने से क्या होती है परेशानी : हाट बाजार, प्रखंड मुख्यालय, पुलिस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, स्वास्थ्य केंद्र, कृषि कार्यालय, थाना परिसर, पशु चिकित्सा कार्यालय आने जाने में लोगों को काफी दिक्कतें होती हैं। कई बुद्धिजीवी व बुजुर्ग लोगों ने कहा कि पुल की लड़ाई लड़ते लड़ते मिश्री दास बाबा स्वर्ग सिधार गए। जो कि झौआरी घाट पुल के लिए बारंबार आवाज उठाते रहे। कई बार धरना प्रदर्शन व वोट का बहिष्कार भी किया गया। समाजसेवी दिनेश शर्मा ने बताया कि यहां जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी व विधायक से लेकर सांसद तक का वादा बार बार टूट चुका है। कई जनप्रतिनिधि अश्वासन देकर वोट लेते रहे और पुल निर्माण में अपनी कोई दिलचस्पी तक नहीं ली। इस पुल के निर्माण के लिए कसबा विधायक मो अफाक आलम और सांसद पप्पू यादव, उदय सिंह, वर्तमान सांसद संतोष कुशवाहा को भी आवेदन देकर गुहार लगाई गई लेकिन सिर्फ अाश्वासन की घुट्‌टी ही पिलाई गई।  

...झौआरी घाट पुल बन जाने से इन जगहों का हो जाएगा सीधा संपर्क : बेगमपुर, डंगराहा, कसबा, जलालगढ़, गढबनेली, श्रीनगर कॉपरेटिव बाजार व कई प्रखंड मुख्यालयों से इस इलाके के लोगों का सीधा संपर्क सुलभ हो जाएगा। साथ ही लोगों को 3 किलोमीटर के बदले 10 किलोमीटर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। फिलहाल लोग टूटी नाव के सहारे हाट बाजार आने जाने को विवश हैं। जो कि दुर्घटनाओं को हरवक्त दावत देती है। पुल नहीं बनने के कारण यहां के लोगों ने अबकी बार वोट बहिष्कार का मूड बना लिया है। सुल्तान मरांडी, चंदन सोरेन, ताला मरांडी, मंजुला हैम्ब्रम, मंगल मरांडी समेत कई अन्य ग्रामीणों ने कहा कि इस चुनाव में वे वोट का बहिष्कार करेंगे और जब तक इलाके का विकास नहीं होता है तबतक वे अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।

...पुल निर्माण को ले नहीं है कोई जानकारी : 
झौआरी पुल घाट के बारे मुझे कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में पुल निर्माण विभाग ही जानकारी दे सकता है। : डॉ विनोद कुमार, एसडीओ सदर। 

...दिशा निर्देश प्राप्त होने के बाद होगी कार्रवाई : 
जल्द ही पुल का निर्माण कार्य कराया जाएगा। इस संबंध में पुल निर्माण विभाग के उच्च पदस्थों से दिशा निर्देश प्राप्त होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। : जगन्नाथ प्रसाद यादव, पुल निर्माण विभाग।

कोई टिप्पणी नहीं: