सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 09 मई - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 9 मई 2019

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 09 मई

लोकसभा निर्वाचन-2019 – भोपाल एवं विदिशा संसदीय क्षेत्र में मतदान 12 मई को
आज शाम 6 बजे से थम जायेगा चुनावी शोर गुल, केवल घर-घर दी जा सकेगी दस्तक
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लोकसभा निर्वाचन का चुनावी प्रचार मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व यानि शुक्रवार 10 मई की शाम 6 बजे से थम जायेगा। इस अवधि के बाद चुनाव लड रहे उम्मीदवार या राजनैतिक दल अपने चुनावी प्रचार के लिए न तो जुलूस एवं आम सभायें आयोजित कर सकेंगे और न ही लाउड स्पीकर का उपयोग कर सकेंगे। इन 48 घंटों के दौरान उम्मीदवार केवल घर-घर जाकर ही मतदाताओं से संपर्क कर सकेंगे। भोपाल एवं विदिशा संसदीय क्षेत्र के लिए मतदान रविवार 12 मई प्रात: 7 से शाम 6 बजे तक होगा । भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के मुताबिक मतदान समाप्त होने की निर्धारित अवधि के ठीक पूर्व के अड़तालीस घंटों के दौरान सार्वजनिक सभाओं, लाउड स्पीकर और जुलूस पर प्रतिबंध रहेगा। इस अवधि के दौरान उम्मीदवारों द्वारा निर्वाचन के संबंध में कोई जूलूस एवं सार्वजनिक सभा आयोजित नहीं होगी और न ही इस तरह की किसी सभा या जुलूस में वो शामिल हो सकेंगे अथवा संबोधित कर सकेंगे । चल चित्र-यंत्र टेलीविजन या अन्य इसी प्रकार के यंत्र या उपकरणों के माध्यम से भी निर्वाचन संबंधी मामले का जनसाधारण को प्रदर्शन इस दौरान प्रतिबंधित रहेगा।  निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मतदान समाप्त होने के पूर्व के 48 घंटों के दौरान उम्मीदवारों या राजनैतिक दलों द्वारा जनसाधारण को आकर्षित करने की दृष्टि से किसी संगीत गोष्ठी, नाटय - अभिनय या अन्य मनोरंजन आमोद-प्रमोद का आयोजन करके अथवा आयोजन की व्यवस्था करके चुनावी प्रचार नहीं किया जा सकेगा। इन प्रतिबंधों का उल्लंघन किसी व्यक्ति द्वारा किया जाता है तो उसके विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई की जायेगी और उसे दो वर्ष के कारावास या जुर्माने की अथवा दोनों की सजा से एक साथ दण्डित किया जा सकेगा। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदान समाप्ति की अवधि के 48 घंटे पूर्व से अर्थात 10 मई की शाम 6 बजे से मोबाइल पर थोक में भेजे जाने वाले राजनैतिक एसएमएस और वॉयस मैसेज को भी प्रतिबंधित कर दिया है।

राजनैतिक दलों द्वारा दी जाने वाली पर्ची में अभ्यर्थी या पार्टी का नाम तथा चुनाव चिन्ह न हो


भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव लड़ रहे राजनैतिक दल अथवा उम्मीदवार यदि मतदाताओं की सुविधा के लिए उन्हें मतदाता पर्ची जारी करते हैं तो ऐसी पर्चियों में उम्मीदवर का नाम या उसके राजनैतिक दल का नाम एवं चुनाव चिन्ह नहीं होना चाहिए। आयोग के मुताबिक ऐसी मतदाता पर्ची सफेद कागज पर ही होनी चाहिए तथा पर्चियों में किसी दल या उम्मीदवार को मत देने के लिए कोई नारे या आव्हान भी नहीं होना चाहिए। आयोग के मुताबिक मतदान केन्द्र के दो सौ मीटर के दायरे के भीतर किसी नारे या आव्हान वाली पर्ची का परिचालन को मतयाचना माना जायेगा जो विधि के अधीन अनुज्ञेय नहीं है।

मतदान दिवस पर वेबकास्टिंग के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त

लोकसभा निर्वाचन 2019 को लेकर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री गणेश शंकर मिश्रा द्वारा जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों में मतदान दिवस पर की जाने वाली वेबकास्टिंग का अवलोकन करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी श्री एस.पी.त्रिपाठी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। श्री त्रिपाठी के सहयोग के लिए प्रशिक्षण अधिकारी आईटीआई कॉलेज श्री सुरेश पटेल, श्री परवेज खान, मानचित्रकार महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज श्री हरीश रघुवंशी, प्रयोगशाला तकनीशियन शासकीय कन्या महाविद्यालय श्री राजेश शर्मा को नियुक्त किया गया है। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि श्री त्रिपाठी मतदान दिवस 12 मई एवं 19 मई को प्रात: 6 बजे जिला कार्यालय के सभाकक्ष में उपस्थित होकर कार्य उपरांत अपना प्रतिवेदन जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत करेंगे।

मतदान से 48 घण्टे पहले से सार्वजनिक सभाओं पर रहेगा प्रतिबंध

लोकसभा निर्वाचन 2019 के अंतर्गत  संसदीय क्षेत्र क्रमांक-19 भोपाल  में 12 मई को मतदान कराया जायेगा। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126 के  अंतर्गत मतदान की समाप्ति के लिए नियत किए गए समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घण्टों में सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध रहेगा। यह अवधि 10 मई को सायं 6 बजे से प्रारंभ होकर 12 मई  को सायं 6 बजे समाप्त होगी। इस अवधि में कोई भी व्यक्ति मतदान क्षेत्र में किसी निर्वाचन के लिए कोई भी सार्वजनिक सभा या जूलूस आयोजित नहीं  करेगा । सिनेमा घर, केबल नेटवर्क, टेलीविजन या अन्य साधनों द्वारा जनता के समक्ष किसी निर्वाचन संबंधी बात का प्रकाशन प्रचार प्रसार नहीं करेगा। इस अवधि में नुक्कड़ नाटक, संगीत सभा या अन्य मनोरंजनात्मक कार्यक्रमों से भी चुनाव प्रचार अथवा मतदाता को प्रभावित करने का प्रयास पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।  इसका उल्लंघन करने पर प्रकरण दर्ज कर दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

मतगणना का राउंडवार होगा रिजल्ट एनाउंसमेंट

लोकसभा निर्वाचन 2019 को लेकर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री गणेश शंकर मिश्रा द्वारा मतगणना स्थल महिला पॉलीटेक्निक महाविद्यालय सीहोर में जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों के राउंडवार रिजल्ट का एनाउंसमेंट किये जाने के लिए शासकीय महिला पॉलीटेक्निक महाविद्यालय विभागाध्यक्ष डॉ पंकज जैन एवं सहायक प्रध्यापक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय श्री उदय डोलस को नियुक्त किया गया है। नियुक्त किये गये दोनों अधिकारी मतगाना स्थल पर 23 मई 2019 को प्रात: 6 बजे उपस्थित होकर निर्देशानुसार कार्यवाही करना सुनिश्चत करें।

किसी कारणवश मतदाता पर्ची नहीं मिली तो भी डाल सकेंगे वोट

लोकसभा चुनाव में ऐसे मतदाता भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे जिनके नाम मतदाता सूची में हैं लेकिन किन्हीं कारणोंवश या घर पर मौजूद न रहने के कारण बीएलओ द्वारा वितरित की गई मतदाता पर्ची प्राप्त नहीं कर सके हैं।  ऐसे मतदाताओं को भी एबसेंट, शिफ्टेड या डुप्लीकेट वोटर्स की सूची में शामिल माना  जायेगा। वोट डालने के लिए मतदान केन्द्र पहुंचने पर ऐसे मतदाताओं से उनकी पहचान स्थापित होने पर मतदाता रजिस्टर में न केवल हस्ताक्षर लिये जायेंगे बल्कि उनके अगूँठे के निशान भी लगवाये जायेंगे।  निर्देशों के मुताबिक बीएलओ से प्राप्त अवितरित मतदाता पर्चियों की अल्फाबेटिकल सूची तैयार कर रिटर्निंग अधिकारी को दो प्रतियों में उपलब्ध कराई  जायेगी।  इनमें से एक प्रति रिटर्निंग अधिकारी द्वारा अपने कार्यालय में रखी जायेगी जबकि दूसरी प्रति संबंधित मतदान केन्द्र के पीठासीन अधिकारी को उपलब्ध कराई जायेगी। पीठासीन अधिकारी इस सूची का इस्तेमाल एबसेंट, शिफ्टेड या डुप्लीकेट वोटर सूची के रूप में करेगा।  निर्देशों के अनुसार मतदान के दिन यदि ऐसा मतदाता जिसका नाम ए एस डी लिस्ट में शामिल है, मतदान के लिए मतदान केन्द्र पहुंचता है तो उसे अपना फोटो मतदाता परिचय पत्र या आयोग द्वारा पहचान साबित करने के लिए निर्धारित वैकल्पिक दस्तावेज पीठासीन अधिकारी को बताना होगा। पीठासीन अधिकारी फोटो पहचान पत्र अथवा वैकल्पिक दस्तावेजों के आधार पर मतदाता की पहचान संबंधी जांच करेगा तथा जांच के बाद संबंधित मतदान अधिकारी मतदाता रजिस्टर में ऐसे मतदाता द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज का विवरण दर्ज करेगा। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि ए एस डी मतदाता के मामले में मतदान अधिकारी को मतदाता रजिस्टर में ऐसे मतदाता के हस्ताक्षर के साथ-साथ अंगूठे का निशान भी लेना  होगा। पीठासीन अधिकारी को ए एस डी मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं का रिकार्ड रखना होगा तथा मतदान की समाप्ति पर उसे इस आशय का एक प्रमाण पत्र भी तैयार करना होगा कि कितने ऐसे मतदाताओं को यथोचित जांच के बाद मतदान की अनुमति प्रदान की गई है जिनके नाम ए एस डी सूची में दर्ज है।

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