सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 25 मई - Live Aaryaavart

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शनिवार, 25 मई 2019

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 25 मई

मुख्यमंत्री प्याज कृषक प्रोत्साहन योजना के संबंध में संशोधित निर्देश जारी, 31 मई तक होगा ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन

मध्यप्रदेश शासन, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा जारी आदेश में जानकारी दी गई कि प्रदेश के किसानों को प्याज का उचित मूल्य दिलाने के लिए उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री प्याज कृषक प्रोत्सान योजना लागू की गई है। इस संबंध में 30 मार्च 2019 के जारी दिशा निर्देशों में संशोधन कर दिया गया है।  इस योजना के अनुसार अधिसूचित मंडियों में प्याज का मॉडल विक्रय दर रबी प्याज की फसल हेतु निर्धारित अवधि में 800 रुपये प्रति क्विंटल से कम रहता है तब‍ अधिसूचित मंडियों में किसान द्वारा प्याज विक्रय दर एवं समर्थन मूल्य 800 रुपये प्रति क्विंटल के अंतर की राशि ई-उपार्जन पोर्टल पर पजीकृत किसानों के द्वारा विक्रय करने पर बैंक खातों में सीधे डाली की जाएगी। 20 मई से 31 मई तक किसानों का ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराया जाएगा एवं पंजीकृत किसानों के स्थल का भौतिक सत्यापन राजस्व एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। 1 जून से 30 जून तक पूरे प्रदेश की अधिसूचित मंडियों में 800 रुपये प्रति क्विंटल से कम विक्रय मूल्य प्राप्त होने पर योजना अन्तर्गत प्रोत्साहन राशि निर्धारित की जाएगी। खा़द्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा ई-उपार्जन पोर्टल से व्यवस्था बनाई जाएगी कि गिरदावरी पोर्टल से real time sharing व्यवस्था बनाएं जिससे राजस्व विभाग को जानकारी में विसंगति होने से स्वमेंव परीक्षण एवं सत्यापन करने में सुविधा हो। सत्यापन के उपरांत निर्धारित तिथि को ई-गिरदावरी की प्रविष्टियां अंतिम सूची मानी जाएगी एवं यही जानकारी ई-उपार्जन के लिए भी मान्य होगी। राज्य स्तर पर ई-उपार्जन पोर्टल से पंजीकृत कृषक/खसरों की जानकारी का मिलान भू अभिलेख डाटा से किया जाएगा। योजना का लाभ केवल अधिसूचित मंडी में हुए संव्यवहारों पर ही होगा। वर्तमान में प्याज विक्रय मंडी अधिनियम के दायरे में शामिल नहीं होने से मंडी प्रांगण में बेचने की बाध्यता नहीं है। केवल प्याज के लिए मंडी अधिनियम के अन्तर्गत अधिसूचना जारी कर चिन्हित मंडियों में नगर निगम/नगर पालिका/नगर पंचायत में प्याज का विक्रय मंडी प्रांगण के अंदर किया जाना बंधनकारी बनाया जाएगा। मंडी बोर्ड द्वारा यह सुनिश्चत किया जाएगा कि प्याज की घोष विक्रय नीलामी चिन्हित मंडियों में नियमित रूप से हो।

योजना के क्रियान्वयन के लिए होगा समिति का गठन

योजना के क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला क्रियान्वयन समिति का गठन किया जाएगा। क्रियान्वयन समिति में अध्यक्ष कलेक्टर श्री गणेश शंकर मिश्रा, सदस्य सचिव उप/सहायक संचालक उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी एवं सदस्य मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अतिरिक्त कलेक्टर राजस्व, उप पंजीयक सहकारी संस्थाए, जिला खाद्य अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम, जिला प्रबंधक मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ, जिला मुख्यालय का मंडी सचिव, जिला लीड बैंक अधिकारी रहेंगे।

अंतर्राष्ट्रीय तम्बाकू एवं धुम्रपान निषेध दिवस 31 मई को

हर साल की तरह इस साल भी 31 मई को अंतर्राष्ट्रीय तम्बाकू एवं धूम्रपान निषेध दिवस मनाया जायेगा। इस दिवस पर युवाओं, छात्र-छात्राओं एवं जनसामान्य में तम्बाकू एवं धूम्रपान के सेवन की बढ़ती आदत पर रोक लगाने के लिये विभिन्न कार्यक्रम होंगे। इन कार्यक्रम में तम्बाकू, बीड़ी एवं सिगरेट के उपयोग से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्परिणामों को बताया जायेगा। दिवस पर जिले में तम्बाकू एवं धूम्रपान के सेवन के दुष्परिणामो की जानकारी  देने के लिये सेमीनार, रैली, पोस्टर, प्रदर्शनी, वाद-विवाद, निबंध-लेखन, प्रश्नमंच, चित्रकला प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक, गीत, नृत्य कार्यक्रमो आयोजन होगा।  मध्यप्रदेश स्वास्थ्य आयुक्त द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि जिला मुख्यालय एवं प्रत्येक विकासखंड मुख्यालय पर सार्वजनिक स्थान पर तंबाकू के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के संबंध में कार्यशाला का आयोजन किया जाए। जिसमें जन प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, पत्रकार, शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हों। जनसमुदाय द्वारा तंबाकू का सेवन किसी भी रूप में न करने एवं अपने कार्यालय/दुकानों को तंबाकू सेवन से मुक्त रखने की शपथ ग्रहण करें। क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर रैली निकालकर जनजागरुकता लाई जावे एवं किशोर-किशोरियों, युवाओं के द्वारा वाद विवाद प्रतियोगिता, पेंटिंग प्रतियोगिता, हस्ताक्षर अभियान चलाया जाए। जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाला कार्यक्रम कलेक्टर/जनप्रतिनिधियों की अध्यक्षता में एवं विकासखंड में आयोजित होने वाला कार्यक्रम अनुविभागीय अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित किया जाए।  प्रत्येक ग्राम पंचायत में तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभावों के संबंध में जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया जावे एवं साइकिल रैली, दौड़ प्रतियोगिता, गांव में नारे लेखन का कार्य किया जाए। प्रत्येक विद्यालय/महाविद्यालय स्तर पर जागरुकता कार्यक्रम, प्रश्नमंच, निबंध, चित्रकला प्रतियोगिता, पोस्टर, रैली का आयोजन किया जाए।

10 जून से 20 जुलाई तक चलेगा दस्तक अभियान

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा बताया गया कि इस वर्ष पुनः दस्तक अभियान 10 जून से 20 जुलाई 2019 तक आयोजित किया जायेगा। जिसमें एएनएम, आशा कार्यकर्ता तथा आंगनबाडी कार्यकर्ता का संयुक्त दल बनाकर उनके द्वारा सभी ग्रामों में घर-घर जा कर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण, गंभीर एनीमिया, निमोनिया, दस्त रोग की पहचान, एस.एन.सी.यू. एवं एनआरसी से छुट्टी प्राप्त बच्चों का फालोअप कर, बच्चों में जन्मजात विकृति की पहचान तथा सभी बच्चों में विटामिन ए का अनुपूरण किया जायेगा। दस्तक अभियान का उद्देश्य है कि 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में प्रमुख बाल्यकालीन बीमारियों की सामुदायिक स्तर पर सक्रिय पहचान द्वारा त्वरित प्रबंधन ताकि बाल मृत्यु दर पर में वांछित कमी लाई जा सके।अभियान के दौरान समुदाय में बीमार नवजातों और बच्चों की पहचान की जायेगी।  जिला टीकाकरण अधिकारी  ने बताया कि दस्तक अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु 27 मई से प्रशिक्षण दिया जायेगा जिसमें जिले के समस्त विकासखंडों में पदस्थ एएनम, एमपीडब्ल्यू एवं एलएचव्ही को प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा।

लू-तापघात से बचने के उपाय 

इस समय गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। ऐसे में लू-तापघात सभी उम्र वर्ग में होने की संभावनाएं अधिक रहती है, लेकिन वृद्ध, गर्भवती महिलाएं, नवजात शिशु, युवा, क्रोनिक बीमारियों से ग्रसित मरीजों को यह संभावना अधिक पाई जाती है। अत्यधिक गर्मियों में लू-तापघात जानलेवा भी हो सकता है। इस समय हमें सीधी धूप से बचना चाहिये। घर के अंदर हवादार ठंडे स्थान पर रहना चाहिए। पंखे का उपयोग करें, किन्तु अधिक तापमान होने पर ठंडे पानी से नहाये तथा कूलर या एयरकडिंशन का प्रयोग करें। हल्के रंग के ढीले व पतले वस्त्रों का प्रयोग करें। धूप में जाने से पहले सिर को छाते, कपड़े अथवा टोपी से ढकें। जूते-चप्पल तथा नजर के काले चश्में का प्रयोग करें। भोजन करके एवं पानी पीकर ही बाहर निकलें। पानी का अधिक मात्रा में सेवन करें तथा प्यास लगने का इंतजार न करें। अधिक से अधिक पेय पदार्थ जैसे नीबू पानी, लस्सी, छाछ, जलजीरा, आम पना, दही, नारियल पानी आदि का सेवन करें। अल्कोहलयुक्त नशीले पेय पदार्थों का उपयोग न करें। चाय, काफी, सॉफ्ट ड्रिंक तथा ऐसे पेय पदार्थ, जिनमें शक्कर की मात्रा अधिक होती है, के सेवन से परहेज करें। फल तथा सब्जी, जिनमें पानी की मात्रा अधिक होती है। (तरबूज, खीरा, अनन्नास, संतरा, अंगूर आदि) का अधिक मात्रा में सेवन करें। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिशुओं तथा बच्चों 65 वर्ष से अधिक आयु के महिला-पुरूषों, घर के बाहर काम करने वाले, मानसिक रोगियों तथा उच्च रक्तचाप वाले मरीजों का विशेष ध्यान रखें। बंद गाड़ी के अंदर का तापमान बाहर से अधिक होता है। अत: कभी भी किसी को बंद, पार्किंग में रखी गाड़ी में अकेला न छोड़ें। यदि बाहर कार्य करना अति आवश्यक हो तो-बाहरी गतिविधियाँ सुबह व शाम के समय में ही करें। अत्यधिक शारीरिक श्रम वाली गतिविधियां दिन के अधिकतम तापमान वाले घरों में न करें। बहुत अधिक भीड़, गर्म घुटन  भरे कमरों, रेल, बस आदि की यात्रा गर्मी के मौसम में अत्यावश्यक होने पर ही करें। यदि कोई व्यक्ति लू-तापघात से प्रभावित होता है, तो उसका तत्काल तरीकों से प्राथमिक उपचार किया जाये। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री प्रभाकर तिवारी ने बताया कि रोगी को तुरंत छायादार जगह पर कपड़े ढीले कर लिटा दें एवं हवा करें, रोगी को होश में आने की दशा में प्याज का रस अथवा जौ का आटा भी ताप नियंत्रण हेतु मला जा सकता है। रोगी के शरीर का ताप कम करने के लिये यदि संभव हो तो उसे ठण्डे पानी से स्नान करायें या उसके शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखकर पूरे शरीर को ढक दें। इस पक्रिया को तब तक दोहरायें जब तक कि शरीर का ताप कम नहीं होता है। उपरोक्त उपचार से यदि मरीज ठीक नहीं होता है तो उसे तत्काल निकट की चिकित्सा केन्द्र में लेकर जायें।

महिलाओं हेतु स्वरोजगार प्रशिक्षण ’’वस्त्र की रूपरेखा एवं सिंलाई’’ का आयोजन

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सीआरडीई कृषि विज्ञान केन्द्र  सेवनिया जिला द्वारा 05 दिवसीय महिलाओं हेतु स्वरोजगार प्रषिक्षण ’’वस्त्र की रूपरेखा एवं सिलाई’’ विषय पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 20 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देष्य प्रतिभागियों द्वारा स्वंय के परिधान व परिवार के अन्य सदस्यों के परिधान व स्वरोजगार हेतु सिंलाई सिखाकर स्वरोजगार को स्थापित करना। इस कार्यक्रम के प्रतिभागियों को वस्त्र की रूपरेखा, वस्त्रों की पहचान, रेषा, सिलाई हेतु आवष्यक उपकरणों की जानकारी कृषि विज्ञान केन्द्र, सेवनिया जिला कुसुम सुखवाल, कार्यक्रम सहायिका, गृह विज्ञान द्वारा विस्तार से दी गई।  05 दिवसीय स्वरोगजार प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रत्येक दिवस तैयार कार्यक्रम अनुसार प्रषिक्षणार्थियों को सिलाई हेतु उपयोग उपकरण जैसे - सिंलाई मशीन एवं मशीन के पार्ट, इंचटेप, स्केल, चोक, कैंची इत्यादि, नाप लेने का तरीका, नाप लेते समय ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण सावधानियां नाप रिकार्ड करने के तरीके, प्रारूप निर्माण व पेपर पैर्टन निर्माण व पैर्टन की सहायता ये कपड़ों के विभिन्न भागों की कटाई, कटे हुए कपडों की सिलाई व पूर्ण आकार देना, सिले हुए वस्त्रों में आवष्यकतानुसार परिवर्तन का तरीका, साथ ही साथ विभिन्न कपड़ों की डिजाईन के प्रारूपों इत्यादि विषयों पर विस्तार से प्रषिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों के द्वारा अपने साथीगणों का नाप लिया गया, वस्त्र सिलाई हेतु ड्राफ्ट भी तैयार किये, पैर्टन की सहायता से कपडों की कटाई भी की। प्रतिभागियों को प्रत्येक दिवस विभिन्न प्रकार के परिधानों की ड्राफ्टिंग व पैर्टन का कार्य सिखाया गया, जिसमें मुख्यतः ब्लाउज, सलवार एवं कुर्ता आदि का सजीव प्रदर्शन कर प्रषिक्षणार्थियों द्वारा स्वयं द्वारा वस्त्रों को तैयार कर एक प्रारूप भी तैयार किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रषिक्षणार्थियों द्वारा कार्यक्रम के अनुरूप अपनी सहभागिता सुनिष्चित की गयी। प्रशिक्षण समापन अवसर पर वैज्ञानिक संदीप ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण विषय पर विस्तृत चर्चा कर अपने अनुभवों को साझा किया। साथ ही प्रशिक्षण में सम्मिलित प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित कर स्वरोजगार के स्थापन हेतु प्रेरित भी किया।

महिला उत्पीड़न एवं आंतरिक परिवाद समिति की  जिला स्तरीय त्रैमासिक बैठक संपन्न

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चन्द्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में शनिवार को महिला उत्पीड़न एवं आंतरिक परिवाद समिति की जिला स्तरीय त्रैमासिक बैठक का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. आशा गुप्ता की अध्यक्षता में प्राचार्य कक्ष में आयोजित की गई। डॉ. सुमन तनेजा प्राचार्य शासकीय कन्या महाविद्यालय, श्रीमती गौमती गोलाईत सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास सीहोर, सुश्री अनुभा सिंह जन संम्पर्क अधिकारी जिला, सुश्री प्रियंका बंशीबाल श्रम पदाधिकारी जिला सीहोर एवं महाविद्यालय की महिला उत्पीड़न समिति सदस्य इस कार्य हेतु माननीय कलेक्टर सीहोर द्वारा नामांकित किये गये थे । संबंधित समिति सदस्यों द्वारा दिये गये ऐजेण्डा के अनुसार महत्वपूर्ण बिन्दुओ पर चर्चा की गई एवं कैसे कार्य का क्रियान्वयन किया जाना है इस पर निर्णय लिया गया । समस्त शासकीय एवं अषासकीय संस्थाओं से कार्य उपरांत प्रतिवेदन प्राप्त किया जा चुका है इस महाविद्यालय में बुनियादी सुविधाये उपलब्ध करवाई गयी जैसे शिकायत पेटी रखी गयी अन्य सुविधाये जैसे प्राथकम उपचार पेटी महिला प्रसाधन कक्ष सिक रुम एवं कामन रुम जैसी अन्य सुविधाये भी उपलब्ध करवाई जाये यह भी निर्णय लिया गया की समय समय पर निरीक्षण समिति द्वारा अन्य संस्थाओं का निरीक्षण किया जायेगा ताकि संबंधित कार्यो का क्रियान्वयन सफलतापूर्वक किया जा सके और प्रत्येक माह मे एक बार संबंधित अधिकारी के समक्ष पेटी खोलकर षिकायतो का निवारण किया जाये बैठक मे डॉ.सुमन तनेजा, श्रीमती गौमती गोलाईत, डॉ.फरजाना रिजवी, डॉ.प्रमिला जैन, डॉ.नोरारुथ कुमार एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

ग्रीष्मऋतु में पेयजल संकट के संबंध में बैठक संपन्न

अपर कलेक्टर श्री विनोद कुमार चतुर्वेदी एवं परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण की अध्यक्षता में पेयजल संकट के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आष्टा एवं सीहोर, आष्टा, जावर, कोठरी एवं इछावर के मुख्य नगरपालिका अधिकारी उपस्थित थे। अपर कलेक्टर एवं परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण द्वारा उपस्थित नगरीय निकायों के सीएमओ से नगरीय निकायों में पेजल आपूर्ति के संबंध में चर्चा की गई। नगरपालिका आष्टा के मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री नीरज श्रीवास्तव एवं अनुविभागीय अधिकारी द्वारा नगर की पेयजल आपूर्ति के संबंध में अवगत कराया गया कि आष्टा नगर में वर्तमान में दो दिवस छोड़कर 30-45 मिनट पेयजल आपूर्ति की जा रही है, पेजल आपूर्ति के लिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अनुविभागीय अधिकारी द्वारा लगभग 26 बोर अधिग्रहित किये गये थे, वर्तमान में 10-15 बोर का जलस्तर नीचे चले जाने के कारण उपयोग में नहीं आ रहे हैं, शेष शहरी क्षेत्र के लगभग 9 बोरों का नगर की पाईपलाइन से जाड़कर नगर के विभिन्न वार्डों में जल प्रदाय आपूर्ति की जा रही है, ग्रामीण क्षेत्रों में किये गये अधिग्रहित बोरों से एवं बगैर पाईपलाइन के द्वारा लगभग 11.50 लाख लीटर पानी एकत्रित किया जाता है। अपर कलेक्टर श्री चतुर्वेदी द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आष्टा एवं सीएमओ को निर्देशित किया गया कि आष्टा नगर में पेयजल आपूर्ति अंतर्गत अधिग्रहित किये गये बोरों पर शतत निगरानी की जाए एवं नगर में पानी की उपलब्धता के संबंध में अन्य बोरों को भी अधिग्रहित करें, ताकि जलस्तर की कमी होने पर उन बोरों में निकाय के साधन-संसाधन का उपयोग कर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चत की जा सके। नगर परिषद जावर के सीएमओ श्री मकसूद अली द्वारा नगर में पेयजल आपूर्ति किये जाने की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया गया कि नगर में दो दिवस छोड़कर जल प्रदाय किया जा रहा है। नगरीय निकाय में 4 नवीन बोर कराये गये थे जिसमें से 2 बोरों का जलस्तर खत्म होने के कारण शेष दो से एवं अधिग्रहित किये गय 10 बोर में से 8 बोरों का जलस्तर न्यूनतम हो जाने से शेष 2 बचे बोरों से प्रदाय किया जा रहा है। अपर कलेक्टर श्री चतुर्वेदी द्वारा बैठक में अनुपस्थित नगरपरिषद जावर के उपयंत्री श्री दीपक बागरी को अपर कलेक्टर एवं परियोजना अधिकारी द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया।  नगर परिषद कोठरी के सीएमओ श्री अशफाक खान द्वारा कोडरी में पेयजल आपूर्ति किये जाने की स्थिति से अवगत कराया गया कि नगर में 2 दिवस छोड़कर जल प्रदाय किया जा रहा है, नगरीय निकाय में 10 ट्यूबबेल में से मात्र 1 ट्यूबबेल में पर्याप्त पानी है। निकाय द्वारा 2 नवीन ट्यूबबेल का परिवहन किराये के ट्रैक्टर द्वारा पूर्व में की गई स्वीकृति अनुसार करवाया जा रहा है।  नगर परिषद इछावर के सीएमओ श्री के.एल.सुमन द्वारा इछावर में पेयजल आपूर्ति किये जाने की स्थिति से अवगत कराया गया है कि नगर में 2 दिवस छोड़कर जल प्रदाय किया जा रहा है, नगरीय निकाय द्वारा 8 बोरों को अधिग्रहित किया गया है एवं जलप्रदाय का परिवहन किराये के ट्रैक्टर एवं टेंकरों द्वारा करवाया जा रहा है। नगरपालिका सीहोर के सहायक यंत्री श्री दीपक शर्मा द्वारा सीहोर में पेयजल आपूर्ति किये जाने की स्थिति से अवगत कराया गया कि नगर में वर्तमान में 2 दिवस छोड़कर जलप्रदाय किया जा रहा है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र से लगभग 75 नलकूपों को अधिग्रहित किया गया है, अधिकग्रहण किये गये बोरों में अधिकांश बोर जलस्तर न्यूनतम हो जाने के कारण बंद हो गये हैं। जो बोर वर्तमान में चालू हैं उन्हें वार्डों में स्थापित नगर पालिका की पाईपलाईन से जोड़कर एवं नगरपालिका द्वारा वार्डों में रखवाई गई पानी की टंकी से कनेक्शन कर स्थापित टंकियों में टोटियां लगाकर पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था भी की गई है। साथ ही जमुनिया डेम का जलस्तर के आंकलन अनुसार पानी की उपलब्धता से एक माह तक पेयजल आपूर्ति नगर में की जा सकेगी। अपर कलेक्टर श्री चतुर्वेदी द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं सहायक यंत्री नगरपालिका को निर्देशित किया गया है जहांगीरपुरा क्षेत्र का निरीक्षण कर प्रस्तावित की गई कार्ययोजना को मूर्तरुप दिए जाने हेतु कार्यवाही प्रारंभ करें। बैठक के अंत में अपर कलेक्टर एवं परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी, उपयंत्री/सहायक यंत्री को सौंपे गये दायित्वों का निर्वाहन समय सीमा में विधि अनुसार करें जिससे कि जिले की समस्याग्रस्त नगरीय निकाय में पेयजल संकट की स्थिति से निपटान एवं नगर में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चत किये जाने के लिए निर्देशित किया गया।

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