पूर्णिया : भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश : प्राचार्य - Live Aaryaavart

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शनिवार, 1 जून 2019

पूर्णिया : भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश : प्राचार्य

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पूर्णिया (आर्यावर्त संवाददाता) : भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के प्रभारी डाॅ पंकज कुमार यादव की देखरेख में विश्व दुग्ध दिवस का आयोजन किया गया। इस विश्व दुग्ध दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के सह अधिष्ठाता सह प्राचार्य डाॅ पारस नाथ ने की। प्राचार्य ने छात्र छात्राओं को विश्व दुग्ध दिवस की महत्ता पर विस्तार से जानकारी दी। भारत में श्वेत क्रांति के जनक डाॅ वर्गीज कुरियन थे। उन्होंने बताया कि किसान एवं कृषि श्रमिक दोनो के लिए वर्तमान समय में अपने परिवार के स्वास्थ्य को बनाए रखना मुश्किल हो रहा है। पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन का सीधा संबंध कृषि एवं किसान से है। सरकार ने दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पहली पंचवर्षीय योजना 1951 में दूध उत्पादन के लिए डेयरी उद्योग को प्राथमिकता दी थी। वर्ष 1970 में डॉ वर्गीज कुरियन के कुशल प्रयास से आॅपरेशन फ्लड परियोजना आरंभ हुई। जिसके अंतर्गत हुए लाभ से कुल 100 डेयरी विकास परियोजनाएं प्रारंभ की गई। 1978 में आॅपरेशन फ्लड परियोजना का तीसरा चरण पूरा करते करते डेयरी विकास एवं प्रसार काफी बढ़ गया। डाॅ वर्गीज कुरियन ने राष्ट्रीय डेयरी बोर्ड की स्थापना वर्ष 1970 में की। आॅपरेशन फ्लड परियोजना विश्व का बहुत बड़ा कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम की सफलता ने दूध की कमी से बेहाल भारत को सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक बना दिया। परियोजना की सफलता से डाॅ वर्गीज कुरियन श्वेत क्रांति के जनक कहलाए। परियोजना की सफलता से भारत वर्ष 1998 में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त किया। भारत का कुल दुग्ध उत्पादन करीब 176.35 मिलियन टन प्रति वर्ष के साथ विश्व का प्रथम दुग्ध उत्पादक देश बन गया है। डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए पशुओं की महत्वपूर्ण भूमिका है और पशुओं के दुग्ध उत्पादन की क्षमता आहार एवं चारे पर निर्भर करती है। इसलिए चारे वाली फसलों का भी अधिक उत्पादन करने की आवश्यकता है। जिसके द्वारा फसलों को हरा चारा मिल सके एवं उनके गोबर से अच्छी खाद का निर्माण किया जा सके। वैज्ञानिकों में डाॅ जेएन श्रीवास्तव एवं डाॅ अनिल कुमार तथा छात्राओं में सोनम वैष्णवी ने अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर डाॅ जनार्दन प्रसाद, डाॅ रणवीर कुमार, जेपी प्रसाद, डाॅ रवि केसरी समेत कई अन्य मौजूद थे।

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