पूर्णिया : पिछले वित्तीय वर्ष में बिना प्लानिंग के नगर निगम ने बनाया 42.50 करोड़ रुपए का नाला - Live Aaryaavart

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बुधवार, 10 जुलाई 2019

पूर्णिया : पिछले वित्तीय वर्ष में बिना प्लानिंग के नगर निगम ने बनाया 42.50 करोड़ रुपए का नाला

अब नगर आयुक्त बोल रहे, नालों की कनेक्टिविटी को वुडको से होगी बात 
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कुमार गौरव । पूर्णिया : नगर निगम प्रशासन का काम करने का तरीका ऐसा कि आपको जमीन पर काम होता तो दिखेगा, पर उसका लाभ नहीं मिल सकेगा। शहर के विकास के नाम पर धड़ल्ले से काम चल रहा है। लेकिन इसके पीछे निगम प्रशासन की कोई प्लानिंग नहीं है। बिना प्लानिंग के करोड़ों रुपए फूंके जा रहे हैं। भले शहरवासियों को उन योजनाओं का लाभ नहीं मिल सके, लेकिन निगम के पैसे से ठेकेदार मालामाल हो रहे हैंं। पिछले वित्तीय वर्ष में हरेक वार्ड में 65 लाख रुपए से नाला व सड़क का निर्माण किया गया। यानी निगम के 46 वार्डों में 42.50 करोड़ रुपए नाले व सड़क के निर्माण पर खर्च किए जा चुके हैं। लेेकिन इन नालों का निर्माण नगर निगम प्रशासन अजीबोगरीब ढंग से करवा रहा है। कहीं आधे हिस्से में नाले का निर्माण किया गया तो बाकी को छोड़ दिया गया। एक नाले से दूसरे नाले को कहीं भी कनेक्ट नहीं किया जा सका। हालत यह है कि उन नाले से घरों का गंदा पानी नहीं बहता है। अगर पानी बहने भी लगे तो उसकी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। निगम का काम करने का यह तरीका लोगोंे की समझ से परे है।  

...ठेकेदार कर रहे मनमानी : 
हालात कुछ ऐसे हैं कि निगम की ओर से नाला निर्माण की निगरानी तक की मुकम्मल व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इसलिए ठेकेदार मनमाने ढंग से नाले का निर्माण कर रहा है। पंचम वित्त आयोग (मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना नाली व गली) के तहत वार्ड नंबर दो में शिव मंदिर से मोनू लाल केशरी वाया सुख सिंह (मधुबनी) के घर तक पक्कीकरण नाला निर्माण 15 लाख से किया गया। इसका शिलान्यास पूर्व मेयर विभा कुमारी (वर्तमान डिप्टी मेयर) ने 19 जुलाई 2017 को किया था। इसका निर्माण ठेकेदार मधुकांत झा ने किया। लेकिन निर्माण पूरा करने की जगह छोड़ छोड़कर किया गया है। हालत यह है कि वहां की पार्षद रंजना सहाय के पति बबलू सहाय भी इस बात को स्पष्ट रूप से नहीं बता पाते कि ऐसा काम क्यों किया गया है। नाले में उस मोहल्ले के घरों का गंदा पानी नहीं बह रहा है। लोग अपने घर के पास ही गड्‌ढे खोद रहे हैं, जिसमें उनके घरों का पानी जमा होता है। बीच बीच में घर के लोग ही उस गड्‌ढे की सफाई करवाते हैं, कभी कभी सफाई नहीं होने पर उस गड्‌ढे का पानी आसपास फैलने लगता है और लोग उस गंदे पानी से होकर ही चलने को विवश हो जाते हैं। 

...लोगों की नहीं, केवल अफसरों की है फिक्र :
कमिश्नरी रोड के आसपास नाला निर्माण को ले खुदाई तो की गई लेकिन पूरी तरह से नाले का निर्माण नहीं कराया गया। हालांकि अफसरों के क्वार्टर के सामने स्लैब डाल दिया ताकि साहब को आने जाने में दिक्कत न हो। मरंगा रोड में कमिश्नरी से लेकर कस्टम ऑफिस तक भी नाला निर्माण किया गया है। इस रोड में शिक्षा विभाग, कस्टम, इनकम टैक्स ऑफिस से लेकर कई अफसरों के क्वार्टर हैं। नाला निर्माण में अनियमितता बरती गई है। कई जगहों पर नाला का निर्माण कर इसे कनेक्ट नहीं किया गया है। लोग बताते हैं कि निगम प्रशासन को राहगीरों की चिंता नहीं है। पर, अफसरों की पूरी फिक्र है, शायद इसलिए उनके क्वार्टर के सामने स्लैब डाल दिया गया है। नगर निगम सड़क व नाला निर्माण की निगरानी नहीं कर पा रहा है। इसके लिए कोई व्यवस्था भी नहीं बनाई गई है। लेेकिन योजना बनाने में निगम पीछे नहीं रहता है। पिछले वित्तीय वर्ष के पहले चरण में निगम के 46 वार्डों के लिए 65 सड़क व नाला निर्माण की योजना बनी थी। हरेक वार्ड में 65 लाख रुपए की योजना से सड़क व नाला बनाए गए। दूसरे चरण के लिए भी कार्ययोजना बनाई गई। इसके लिए 63 सड़क व नाला की योजना की मंजूरी दी गई थी। जिसमें 30 करोड़ रुपए की लागत से काम होना था। 

...विधायक की पहल से दोबारा सक्रिय हुए पदाधिकारी : 
सदर विधायक विजय खेमका द्वारा नवंबर 2017 में जब मास्टर प्लान को लेकर नगर विकास विभाग पटना में जब पड़ताल की गई तो पता चला कि अब तक डीपीआर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। लिहाजा, इस लापरवाही पर विधायक ने गंभीरता दिखाई थी। जिसके बाद आनन फानन में नगर विकास एवं आवास विभाग के पदाधिकारियों ने फाइल को खंगालना शुरू किया तो इस बात का भी जिक्र किया गया कि अब नए सिरे से मास्टर प्लान की प्लानिंग की जाएगी। इस नई प्लानिंग में नगर निगम में शामिल दस नए वार्डों के लिए भी नए सिरे से प्लान तैयार किया जाएगा। बता दें कि पूर्व में बने मास्टर प्लान के तहत सिर्फ 36 वार्डों को समाहित किया गया था लेकिन हालिया बने इस प्लान में सभी 46 वार्ड के लिए 900 करोड़ रूपए का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। जिसमें सड़क व नाला निर्माण के साथ साथ अन्य विकास कार्य शामिल हैं। इस राशि को नगर निगम के द्वारा तीन चरणों में खर्च किया जाएगा। 

...नालों की कनेक्टिविटी के लिए वुडको से हुई है बात : 
नालों की कनेक्टिविटी की योजना बनाई गई है। इसके लिए वुडको से बात चल रही है। हालांकि शहर के सभी 46 वार्डों में 124 सड़क व नाला निर्माण के लिए 30 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई है। जिस पर कार्य चल रहा है। साथ ही शहर के सभी नालों की उड़ाही का कार्य रूटीन के तौर पर किया जा रहा है और मुख्य सफाई निरीक्षक इसे प्रतिदिन अपडेट भी कर रहे हैं।  : विजय कुमार सिंह, नगर आयुक्त, नगर निगम पूर्णिया।

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