बिहार : बिजली के नंगे तार की चपेट में आने से समाप्त एक बच्चे की मौत - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

रविवार, 28 जुलाई 2019

बिहार : बिजली के नंगे तार की चपेट में आने से समाप्त एक बच्चे की मौत

one-children-dead-electric-poll
अरुण कुमार (आर्यावर्त) बेगूसराय, एक 12 वर्षीय बच्चे की मौत नंगे बिजली के तार की चपेट में आने से हो गई।घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।आनन फानन में परिजनों ने बच्चे को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।आगे आपको बताते चलें कि खोदावंदपुर थाना क्षेत्र के निवासी मौसराज रंजीत यादव का 12 वर्षीय पुत्र रूपेश कुमार आज हैंड पंप से पानी लाने गया था,ज्यों ही उसने हैंडपम्प के हेंडिल  को पकड़ा उसी दौरान वह नंगे तार की चपेट में आ गया और वहीं उसकी मौत हो गई।घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।शव को भेजने के बाद पुलिस घटना के तफ़्तीश में जुट गई है।जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में बिजली की चपेट में आने से अबतक दर्जन से अधिक लोगों ने अपनी जान गावां चुके हैं।पर क्या मजाल की बिजली विभाग के कानों पर जूँ तक रेंगे,बिजली विभाग के लापरवाही से इतने जाने जा रही है और विभागीय अधिकारी  कुंभकरण की नींद सो रहे हैं।बिजली विभाग की लापरवाही से हुई मौत के कई घटनाओं में लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी,सड़क जाम सहित कई अंदोलन किया लेकिन विभाग पर कोई भी असर आज तक देखने को नहीं मिला।इन सभी घटनाओं का एकमात्र कारण है कि सरकारी अधिकारी तनख्वाह लेते हैं और मौज करते हैं,काम करने के लिये ठेकेदार के आदमी हैं जो ढंग से काम नहीं करते नतीजा आमजन जीवन अपने जिन्दगी और मौत के बीच आँख-मिचौली खेल रहे हैं।अगर साफ साफ शब्दों में कहा जाय तो हरएक सरकारी दफ्तर के अधिकारियों से लेकर,आदेशपाल तक का यही हाल है।

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...