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शुक्रवार, 2 अगस्त 2019

भारत ने पाकिस्तान से जाधव को निर्बाध राजनयिक पहुंच मुहैया कराने को कहा

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नयी दिल्ली, दो अगस्त, भारत ने कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान से कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के फैसले के अनुरूप जाधव को प्रतिशोध एवं ‘‘धमकाए जाने के भय’’ से मुक्त माहौल में ‘‘निर्बाध’’ राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराए। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पाकिस्तान ने इस सप्ताह की शुरुआत में भारत को एक प्रस्ताव भेजकर शुक्रवार को जाधव को राजनयिक पहुंच मुहैया कराने का प्रस्ताव रखा था। भारत ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए बृहस्पतिवार को पाकिस्तान से कहा कि राजनयिक पहुंच ‘‘बिना किसी रुकावट’’ के दी जानी चाहिए और यह आईसीजे के आदेश के अनुरूप मुहैया कराई जानी चाहिए।आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारत के इस रुख पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा था कि वह मामले में जाधव को राजनयिक पहुंच मुहैया कराने के पाकिस्तान के प्रस्ताव का आकलन कर रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि भारत के प्रस्ताव पर पाकिस्तान की तरफ से जवाब आने का इंतजार है। ऐसा बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने जाधव को राजनयिक पहुंच मुहैया कराने पर कुछ शर्तें रखी हैं जिनमें से एक शर्त यह है कि जब भारतीय कैदी को भारतीय अधिकारियों से मुलाकात की अनुमति दी जाएगी, उस समय कोई पाकिस्तानी अधिकारी मौजूद रहेगा। भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव (49) को पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने ‘‘जासूसी और आतंकवाद’’ के आरोपों में अप्रैल 2017 में मौत की सजा सुनाई थी जिसके बाद उनकी मौत की सजा पर रोक लगाने के लिए भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव की सजा की ‘‘प्रभावी समीक्षा और पुनर्विचार’’ करने के लिए कहा था। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने पाकिस्तान को यह भी निर्देश दिया था कि वह जाधव तक भारत को अविलंब राजनयिक पहुंच दे। आईसीजे ने 42 पन्नों के आदेश में कहा कि पाकिस्तान ने कूटनीतिक संबंधों पर वियना संधि का ‘‘उल्लंघन’’ किया।

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