अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों को कश्मीर घाटी छोड़ने का परामर्श - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 2 अगस्त 2019

अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों को कश्मीर घाटी छोड़ने का परामर्श

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श्रीनगर, दो अगस्त सेना ने शुक्रवार को खुफिया जानकारियों का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी, कश्मीर घाटी में अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। इसके तुरंत बाद, जम्मू कश्मीर प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों से घाटी की अपनी यात्रा में ‘‘कटौती करने’’ तथा तुरंत वापस जाने को कहा। यात्रा मार्ग से हथियार और विस्फोटक बरामद होने की सूचना देते हुए सेना के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा बल तीर्थयात्रियों पर हमले के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद हैं। यात्रा एक जुलाई को शुरू हुई थी और 15 अगस्त को संपन्न होगी। सेना की 15वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने यह बयान ऐसे समय दिया है जब बीते कुछ दिन में सुरक्षा बलों की छापेमारी में अमरनाथ यात्रा मार्ग पर पाकिस्तान में बनी बारूदी सुरंग और भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं। कोर कमांडर ने कहा कि पाकिस्तान और उसकी सेना कश्मीर घाटी में शांति बाधित करने की पूरी कोशिश में है। ढिल्लों ने जम्मू कश्मीर के पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह के साथ यहां संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘बीते तीन से चार दिन में, हमें स्पष्ट और पुष्ट खुफिया जानकारी मिल रही थी कि पाकिस्तान के आतंकवादी और पाकिस्ताऩी सेना यहां जारी श्री अमरनाथजी यात्रा को निशाना बनाने का प्रयास कर रही है।’’  जम्मू कश्मीर फिलहाल राज्यपाल शासन के अधीन है। ढिल्लों ने कहा कि सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमों ने पवित्र गुफा की तरफ जाने वाले बालटाल और पहलगाम मार्गों पर छानबीन की और बीते तीन दिन से जारी अभियान में हथियार, गोलियां और विस्फोटक सामग्री जब्त की। उन्होंने कहा, ‘‘हमें छानबीन में कुछ बड़ी सफलताएं मिलीं। कुछ आईईडी बरामद हुए जिन्हें निष्क्रिय किया गया है। छानबीन में एक अमेरिकी एम 24 राइफल के अलावा जवानों को निशाना बनाने वाली बारूदी सुरंग मिली है जिस पर पाकिस्तान आयुध फैक्ट्री का ठप्पा लगा है, जो स्पष्ट रूप से बताता है कि पाकिस्तान कश्मीर में आतंकवाद में शामिल है।’’ 

अधिकारी ने कहा, ‘‘मैं यहां आपको सुरक्षा बलों की तरफ से आश्वस्त कर सकता हूं कि ऐसा कुछ नहीं होने दिया जाएगा। पाकिस्तान और इसकी सेना के मंसूबों को हर कीमत पर नाकाम किया जाएगा। कोई कश्मीर की शांति बाधित नहीं कर सकता। यह हमारा कश्मीर की जनता और राष्ट्र के हर व्यक्ति से वादा है।’’  राज्यपाल प्रशासन ने सुरक्षा परामर्श जारी करते हुए कहा कि अमरनाथ यात्री और पर्यटक घाटी में अपनी यात्रा में कटौती करें तथा जल्द से जल्द वापस लौटें। इस बीच, नेशनल कांफ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने कहा कि यह परामर्श घाटी में घबराहट पैदा करेगी। उन्होंने इसे अभूतपूर्व करार दिया।डीजीपी सिंह ने कहा कि राज्य में सुरक्षाबलों की बड़े पैमाने पर तैनाती की खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। सिंह ने कहा, ‘‘हमारे पास बीते नौ महीनों में पंचायत, यूएलबी और आम चुनाव जैसे कई काम आए।इसके बाद अमरनाथ यात्रा भी चल रही है... इसलिए इस अवधि के दौरान बलों को आराम नहीं मिला।’’ सिंह ने कहा, ‘‘इसलिए कुछ बलों को हटाया जा रहा है और कुछ को इनकी जगह तैनात किया जा रहा है। मीडिया में संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है।’’ ढिल्लों ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर स्थिति फिलहाल नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ के प्रयास हो रहे हैं लेकिन इन प्रयासों को लगातार नाकाम किया जा रहा है। 30 जुलाई की एक घटना में, तीन आतंकवादियों को गुरेज सेक्टर में मार गिराया गया था। कल रात कुपवाड़ा सेक्टर में घुसपैठ का प्रयास किया गया।’’  अधिकारी ने कहा कि उपलब्ध खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, पाक के कब्जे वाले कश्मीर में सभी ‘लांच पैड’ (आतंकी ठिकाने) पूरी तरह से भरे हैं और घुसपैठिये कश्मीर में नियंत्रण रेखा के जरिये घुसने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पुंछ-राजौरी में भी यह हो रहा है। जम्मू से लेकर पठानकोट सेक्टरों में भी घुसपैठ हो रही है। यह अन्य देशों के जरिये, अन्य मार्गों के अलावा है। घुसपैठ कम नहीं हुई है, प्रयास किये जा रहे हैं लेकिन उनसे नियंत्रण रेखा पर ही निपटा जा रहा है।’’  सिंह ने कहा कि पाकिस्तानी सेना चार महीने के अंतराल के बाद आम नागरिकों के इलाकों को निशाना बनाकर संघर्षविराम का उल्लंघन कर रही है। राज्य के अंदरूनी इलाकों में आतंकवाद रोधी अभियानों पर उन्होंने कहा कि आतंकी संगठनों के प्रमुख नेताओं को मार गिराने पर ध्यान केन्द्रित किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘बीते छह -सात महीनों में, हमने ज्यादातर प्रमुख नेताओं को मार गिराया है और काम अब भी जारी है।’’ डीजीपी ने कहा कि सुरक्षा बल घाटी में लश्कर ए तैयबा और जैश के नेताओं को मार गिराने में कामयाब रहे हैं।

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