पूर्णिया : सेल्फ ऑटोमेटिक ड्रिप सिस्टम : रूफ टॉप व किचेन गार्डेन को हरा भरा रखने की तकनीक - Live Aaryaavart

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बुधवार, 21 अगस्त 2019

पूर्णिया : सेल्फ ऑटोमेटिक ड्रिप सिस्टम : रूफ टॉप व किचेन गार्डेन को हरा भरा रखने की तकनीक

- सेल्फ ऑटोमेटिक ड्रिप सिस्टम (एसएडीएस) तकनीक के जरिये न सिर्फ आप जल संरक्षण कर सकते हैं बल्कि पौधों को भी सूखने से बचा सकते हैं- आप अगर एक माह की छ़ुट्‌टी पर भी हैं तब भी पौधे नहीं सूखेंगे, यह तकनीक 20 पौधों को 40 दिन तक पानी दे सकता है : सुनील झा 
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कुमार गौरव । पूर्णिया : यदि आप 15-20 दिनों के लिए घर से बाहर जा रहे हैं और आपने अपने घर की छत पर किचेन गार्डेन या फिर रूफ टॉप गार्डेनिंग की है तो बेशक आपके लिए खुशखबरी है। आमतौर पर लोग छुटि्टयों में जब बाहर जाते हैं तो उनके लगाए पौधे सूख जाते हैं और दोबारा पौधों को हरा भरा करने के लिए उतनी ही मेहनत करनी पड़ती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। क्याेंकि सेल्फ ऑटोमेटिक ड्रिप सिस्टम (एसएडीएस) तकनीक के जरिये न सिर्फ आप जल संरक्षण कर सकते हैं बल्कि पौधों को भी सूखने से बचा सकते हैं। केनगर प्रखंड उद्यान पदाधिकारी सुनील झा बताते हैं कि अब ऐसी तकनीक ही तकनीक आ गई है जिससे आप अगर एक माह की छ़ुट्‌टी पर भी हैं तब भी पौधे नहीं सूखेंगे। यह तकनीक 20 पौधों को 40 दिन तक पानी दे सकता है। सेल्फ सिस्टम बहुत ही जल्दी तैयार होने वाली उपयोगी तकनीक है। उन्होंने बताया कि यह 25 लीटर के टैंक और बैटरी से चलने वाला स्वतंत्र और सुरक्षित उपकरण है। इसमें 4 विकल्प होते हैं जिन्हें आप 10, 20, 30 व 40 दिनों के हिसाब से सेट कर सकते हैं। इसका विशेष अंदरूनी उपकरण स्वचालित है और पानी के दबाव को नियंत्रित करता है। बैटरी इलेक्ट्राॅनिक टाइमर और सोलेनाइड वॉल्व वैकल्पिक सुरक्षा और कम बैटरी की खपत करते हैं। इसमें एक बड़ा फिल्टर है जो पौधों के लिए गुणवत्तायुक्त पानी प्रदान करता है। डबल सेक्शन रबर और कंडेंसेशन के कारण यह आसानी से निकलता नहीं है और अापके घर में किसी भी जगह लग सकता है। 

...कैसे काम करता है :  
- 25 लीटर टैंक
- 10 मीटर वितरण के लिए नली या पाइप
- 20 फिक्सिंग स्टेक्स
- 20 ड्रिपर
श्री झा ने बताया कि इसे आप उपकरणों को खरीदकर खुद से या फिर किसी जानकार की मदद लेकर तैयार कर सकते हैं। सबसे पहले आप अपने घर में या बाहर किसी सुरक्षित जगह इन सभी कंपोनेंट को रख लें। फिर 25 लीटर के टैंक को किसी ऊंचाई वाली जगह पर रखें। जो पौधों से 70 से 80 सेंटीमीटर की ऊंचाई पर हो। उसके बाद टाइमर वाले स्विच को 0 पर कर दें। साथ ही टैंक के आसपास अपने पौधे रखे। फिक्सिंग स्टेक्स को सभी पौधों की मिट्‌टी में लगा दें। फिर टाइमर के पास लगी दोनों नलियों में से एक पर 10 मीटर पाइप जोड़कर उसे सभी पौधों के फिक्सिंग स्टेक्स में लगाकर दूसरी नली पर लगा दें। कैंची की मदद से सभी फिक्सिंग स्टेक्स से 3 सेंटीमीटर की दूरी पर पाइप को काट दें और फिर सभी पौधों पर ड्रिपर लगाने के बाद उन्हें कटे हुए पाइप से जोड़ दें। आखिर में 25 लीटर टैंक में पानी भरकर अपनी जरूरत के अनुसार दिन के विकल्प पर नॉब घुमा दें और स्विच ऑन कर दें। इसे तैयार करने में महज 20-21 हजार रूपए खर्चने पड़ते हैं। 

...क्या हैं इसके फायदे :  
इससे नल की जरूरत नहीं है। साथ ही इससे किसी भी प्रकार की बिजली की आवश्यकता भी नहीं है। इसलिए आप बाहर छुटि्टयों में जाने से पहले मेन स्विच बंद कर सकते हैं। सेल्फ ऑटोमेटिक ड्रिप सिस्टम (एसएडीएस) में एक सेंसर होता है जो मिट्‌टी में नमी की मात्रा को देखता है। जब कभी पौधों में नमी की कमी होती है तो वह अपने आप ऑन हो जाता है और पौधों को ड्रिपर के जरिये पानी देता है। आप इसका इस्तेमाल जब घर पर हैं तब भी कर सकते हैं। क्योंकि कई बार हम बेवजह पौधों में पानी देते हैं। जिससे पौधे मुरझा जाते हैं इससे न सिर्फ पौधों को जरूरत के हिसाब से पानी मिलेगा बल्कि जल संरक्षण भी होगा।

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