नयी दिल्ली, 26 अगस्त, उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को एक वकील को जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधान को समाप्त करने के राष्ट्रपति के आदेश को चुनौती देने वाली जनहित याचिका के समर्थन में अतिरिक्त दस्तावेज दायर करने की अनुमति दे दी। न्यायमूर्ति एन वी रमन ने याचिकाकर्ता एम एल शर्मा के उस प्रतिवेदन को संज्ञान में लिया कि उन्हें अतिरिक्त हलफनामा दायर करने की इजाजत दी जाए क्योंकि उनकी याचिका पर समुचित निर्णय के लिये यह जरूरी है। न्यायालय ने हालांकि एक अन्य वकील के प्रतिवेदन को स्वीकार नहीं किया जिसमें उसने कहा था कि शर्मा को निर्देश दिया जाए कि वह प्रस्तावित अतिरिक्त हलफनामा की प्रति उन्हें भी दें क्योंकि उन्होंने इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय में पहले एक याचिका दायर की थी। एम एल शर्मा ने कहा, “वह (दूसरे वकील) मेरी याचिका में कुछ भी नहीं हैं और मैं उन्हें दस्तावेज देने के लिये बाध्य नहीं हूं।” न्यायालय ने 16 अगस्त को संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को रद्द किये जाने के मुद्दे पर “त्रुटिपूर्ण” याचिकाओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। न्यायालय ने कहा था कि शर्मा की जनहित याचिका का कोई “मतलब नहीं” है लेकिन उन्हें याचिका में संशोधन की इजाजत दे दी थी।
सोमवार, 26 अगस्त 2019
अनु. 370 के प्रावधानों को हटाने के खिलाफ पीआईएल की मिली इजाजत
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