अंतरराष्ट्रीय समुदाय कश्मीर की स्थिति पर संज्ञान लेगा : इमरान - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

रविवार, 29 सितंबर 2019

अंतरराष्ट्रीय समुदाय कश्मीर की स्थिति पर संज्ञान लेगा : इमरान

international-comunity-hear-kashmir-imran-khan
वाशिंगटन, 28 सितंबर, कश्मीर को लेकर लगातार राग अलापने के बाद भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर तवज्जो नहीं मिलती देख पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने अब कहा कि उन्हें विश्वास है कि अंततः अंतरराष्ट्रीय समुदाय घाटी की स्थिति पर संज्ञान लेगा।  सीएनएन को दिये एक साक्षात्कार में कश्मीर के स्व-नामित दूत बने खान ने अपने भारत विरोधी रुख को बरकरार रखते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पिछले महीने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किये जाने के बाद उनकी अपने भारतीय समकक्ष के साथ मुलाकात का कोई सवाल ही नहीं है।  खान ने कहा, “कश्मीर में उन्होंने जो किया है उसके बाद मेरा प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करने का कोई सवाल ही नहीं।”  वहीं भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ तब तक वार्ता शुरू करने का सवाल ही नहीं है जबतक वह सीमापार आतंकवाद को रोकने के लिये ठोस कदम नही उठाता । यह पूछे जाने पर कि उन्हें क्यों लगता है कि कश्मीर को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई हो-हल्ला नहीं है, खान ने कहा कि दुनिया भर के नेता भारत को एक अरब से ज्यादा लोगों वाले बाजार के तौर पर देख रहे हैं।  खान ने कहा, “बहुत से नेताओं को इसका एहसास नहीं है। लेकिन मेरा विचार है कि जिन्हें यह एहसास है, वो भी भारत को 1.2 अरब लोगों के बाजार के तौर पर देखते हैं। और यह दुखद चीज है, भौतिक चीजों को इंसानों से ज्यादा तवज्जो देना।”  प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने दुनिया के प्रमुख नेताओं को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र में हिस्सा लेने के दौरान कश्मीर की स्थिति से अवगत कराया। 

एक सवाल के जवाब में खान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर पर कोई अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता नहीं चाहते।  उन्होंने कहा, “वह कहते रहे हैं कि यह द्विपक्षीय संबंध हैं। जब हम उनसे बात करने की कोशिश करते हैं तो वह कहते हैं कि यह एकपक्षीय मुद्दा है। इसलिये हम कुछ हासिल नहीं कर रहे क्योंकि हम घूम फिर कर वहीं हैं।”  उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अपनी चेतावनी दोहराते हुए कहा, “लेकिन अंत में, और यह मेरा मानना है, मुझे यह लगता है मैनें अपने दौरे में यहां हासिल किया है, मेरा विश्वास है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय प्रभावित होगा। उन्हें होना होगा क्योंकि यह टकराव का बिंदु बनने जा रहा है। ”  भारत के दावों कि पाकिस्तान द्वारा नियंत्रण रेखा पर आतंकवादियों को भेजा जा रहा है जिससे उन्हें कश्मीर और भारत के दूसरे हिस्सों में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिये घुसपैठ कराई जा सके पर खान ने कहा कि उन्होंने खास तौर पर पाकिस्तानियों को बताया है कि कोई भी जो कश्मीर जाएगा वह देश और कश्मीरियों का दुश्मन होगा।  उन्होंने कहा , “ यह पहली बार है जब दो परमाणु शक्ति संपन्न देश आमने - सामने हैं। अगर यह वैसा ही रहता है जैसा फरवरी में हुआ था , जब हमने विमान को मार गिराने के बाद तत्काल पायलट को लौटा दिया था क्योंकि हम तनाव बढ़ाना नहीं चाहते थे। ”  पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा , ‘‘ छह सालों में भारत बदला है और मुझे डर है कि वह ज्यादा तेजी से बदलने जा रहा है। इसलिये मैं इसे तुष्टिकरण कहता हूं। दुनिया को कोई रुख तय करना होगा। ’’  भारत ने पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द कर दिया था।  इस पर लेकर पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया और नाराजगी जाहिर की थी। पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाकर इसका अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिश कर रहा है जबकि भारत हमेशा से इसे अपना अंदरुनी मामला बताता रहा है जिसमें किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं है। 

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...