झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर 09 सितंबर - Live Aaryaavart

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सोमवार, 9 सितंबर 2019

झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर 09 सितंबर

हमे गीता भी प्यारी है और हम कुरआन वाले है, हमारे दुष्मनों सुनलो, जरा औकात मे रहना, न टकराना कभी हमसे, हम हिन्द्रुस्तान वाले है’’
लोग क्यूं प्यार निभा करके तोड देते है, एक अनमोल रतन पाके छोड देते है, जैसी सषक्त रचनाओं ने श्रोताओं को देर रात्री तक बांधे रखासार्वजनिक गणेष मंडल के अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन का हुआ सफल आयोजन
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झाबुआ । सार्वजनिक गणेश मंडल राजवाडा चैक द्वारा शनिवार की रात्री 9-30 बजे से पैलेस गार्डन में अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन का आयोजन  किया गया ।  समाज सेवी बृजेन्द्रशर्मा एवं सुरेशचन्द्र जैन पप्पु सेठ के सौजन्य से आयोजित अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन में देश के मुर्धन्य साहित्यमणियों ने अपनी रचनाओं से रात्री 2 बजे तक श्रोताओं का भरपुर मनोंरजन किया । कवि सम्मेलन में सप्त कवियों ने श्रोताओं को देर तक बांधे रखा तथा सभी श्रोताओं का हास्य,व्यंग साहित्य, श्रृंगार एवं देशभक्ति की रचनाओं से सराबोर कर दिया ।  कवि सम्मेलन में पधारे सुरेन्द्र याग्वेन्द्र हास्य, बारा राजस्थान,संचालनकर्ता अशोक नागर हास्य, शाजापुर, विभासिंह श्रृगार एवं गीत गजल बनारस, डा. मुकेश गौतम लाफ्टर शो मुंबई, नैत्रहिन कवि अकबर ताज देशभक्ति, खंडवा,  वीरेन्द्र चैरे हास्य पंधाना, एवं विष्णु विश्वास हास्य खाचरौद का  गणेश मंडल के सरंक्षक विद्याराम शर्मा, डा. केके त्रिवेदी, राजेन्द्र अग्निहौत्री, नानालाल कोठारी, नीरजसिंह राठौर, रविराज राठौर, अजय रामावत, राजेन्द्र सोनी, हर्षभट्ट, लालु भाई, जितेन्द्र शाह,  दौलत गोलानी, बण्टू अग्निहौत्री आदि ने पुष्पगुच्छो एवं मालाओं से स्वागत किया । कवि  सम्मेलन की शुभारंभ  सरस्वती वंदना से बनारस से आइ्र श्रीमती विभासिंह ने अपनी कविता ’’ विणा वाली जननी भवानी मां द्वार तोरे बेटी आई है, मोडो नही करूण नजरिया मां द्वारे तेरी बेटी आई है’’ से किया  और तालिया बटोरी।   इसके बाद खाचरोद से आये हास्य सम्राट विष्णु विश्वास ने ’’ अरे दिल वालों सोनिया से कहदों, संसद में फिर से मोदी आगया है, अटकते भटकते तीन सौ के पार लेके सरकार मोदी आगया है।’’ ने काफी तालिया बटोरी। पंधाना से पधारे कवि वीरेन्द्र चोरे ने अपनी रचना ’’ सारे हिन्दी बोलने वाले अग्रेज हो गये, अंग्रेजों की रफकापी के पेज हो गये ’’  उनकी अन्य हास्य रचनाओं जिसमे माहौल की विकृति और सभ्यता एवं संस्कृति पर सुनाई कवितायें काफी पसंद की गई । अगले कवि के रूप  में देशभक्ति का जज्बा लिये खंडवा से आये राष्ट्रीय कवित अकबर ताज की रचना ’’ सभी रहमान वाले है, सभी भगवान वाले है । हमे गीता भी प्यारी है और हम कुरआन वाले है, हमारे दुश्मनों सुनलो, जरा औकात मे रहना, न टकराना कभी हमसे, हम हिन्द्रुस्तान वाले है’’ पर पूरा सदन तालियों से गुंज उठा । उनकी एक और रचना ’’ तेरी नापाक हरकत से हम कभी डर नही सकते, तुझे कश्मीर देदे ऐसा हरगिज कर नही सकते, जो अमर होते है पाते दर्जा शहीदों का, वतन पर कुर्बान होने वाले कभी मर नही सकते ।’’ को काफी पसंद किया गया । इसके अलावा भी उनकी आधा दज्रन से अधिक रचनाओं को काफी पसंद किया गया ।  श्रृंगार रस की सशक्त हस्ताक्षर विभासिंह ने अपनी रचना लोग क्यूं प्यार निभा करके तोड देते है, एक अनमोल रतन पाके छोड देते है, निभाना प्यार तो सीखों गुलाब फुलों से, जो टूटकर भी दो दिलों को जोड देते है ’’ तथा ’’ किसी पतझड से न पुछो बहार का तलब, संगे दिल समझा कब अश्कबार का मतलब, कृष्ण बन कर ही कोई जान पाया राधा को, मन का जोगी क्ष्या जाने प्यार का मतलब ’’ को खुब तालिया मिली । मुबई से आये लाफ्टर डा. मुकेश गौतम ने अपनी हास्य रचना ये फेसबुक भी कमाल की चिज है, जिसने कालेज की बुक का फेस नही देखा, उसके फेसबुक पर अकाउंट एक सौ तीस है ’’ तथा बडा वो नही जो बडा होने का अभिमान करें, बडा वह है जो सबको साथ लेकर वले और सबका सम्मान करें ’’ को काफी पसंद किया गया । उनकी हास्य रचना एक कवि और कवियित्री ने आपस में शादउी रचाई, सुहागरात पर घुंघट उठाते ही दुल्हे ने दुल्हन ने पांच गीत, चार रूबाई , दोनो का कवि सम्मेलन रात भर चला, दोनों ने एक दुसरे को खुब दाद दी, दोनों को सुबह याद आया आज तो सुहाग रात थी’’ ने काफी तालिया बटोरी ।  बारा राजस्थान से आये हास्य कवि  सुरेन्द्र याग्वेन्द की कविता ’’ कुछ देशो के तो बस झंडे पर ही है चान्द, भारत ने चांद पर ही झंडा गाड दिया ’’ तथा ’’ ज्ञान में भारत तो था पहले विश्व गुरू अब उसे विज्ञान में भी सबको पछाड दिया ’’ दोनो वक्त जितना खाता है पुरा पाकिस्तान, इतना तो हम हयां झुठा छोड देते है’’उनकी जेएनयु  तथा हनुमन्थप्पा पर लिखी गंभीर कविता को भी काफी पसंद किया गया ।  शाजापुर से आये हास्य कवि अशोक नागर ने भी एक से बढ कर एक कवितायें सुनाई उनकी कविता ’’ मंबई के फिल्मी गीतकारों केकारण देश की तमाम मातायें परेशान हो गई, बाप मुन्नी की बदनामी के दाग धोने गया गया था, तब तक शीला जवान हो गई ’’  श्री नागर की साला जीजा  पर लिखी मालवी कविता का श्रोताओं ने खुब आनन्द लिया । कार्यक्रम के पूर्व गणेश मंडल के पदाधिकारियों ने केन्द्रीय स्कूल झाबुआ के शिक्षक मनीष त्रिवेदी का सफल प्रश्नमंच कार्यक्रम संचालन के लिये शाल श्रीफल से अभिनंदन भी किया । कवि सम्मेलन के पूर्व कवि परिचय एवं कवियों तथा अतिथियों का सम्मान नीरजसिंह राठौर द्वारा किया गया तथा अन्त में आभार प्रदर्शन अजय रामावत द्वारा किया गया ।

नेशनल हाईवे पर 5 का नाका में घाट पर दो गाड़ियों को आमने-सामने टकराने से तीन लोगों को चोट लगी

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पिटोल । अभी नेशनल हाईवे टू लेन रोड पर 5 का नाका में एक तूफान गाड़ी कमेटी का गाड़ी टकराने से जिन लोगों को चोट लगी जिन्हें 108 की सहायता से पिटोल स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाया मौके पर पिटोल चैकी प्रभारी नाथ सिंह चैहान ने और प्रधान आरक्षक जोशी द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला ज्ञात रहे कल शाम 6ः00 बजे भी यहां पर एक एलपीजी गैस का टैंकर पलट गया था उसी स्थान पर अभी इंदौर से गुजरात की ओर जा रही अर्टिगा कार हर06 एल ई 6028 और तूफान गाड़ी एमपी 45 बीबी 0 454 सकरा जाने से तूफान में बैठी सवारियों में  संगीता जो आज ही नन्हे मासूम को जन्म देकर अपने घर बटिया बड़ी जा रहे थे उनको चोट लगी कांता को भी सर में चोट लगी अगर समय रहते इन हादसों की जगह पर फोरलेन बनाने का काम नहीं किया तो न जाने कितनी जानो को और काल के गाल में समा ना पड़ेगा ।

’तेजा दशमी के अवसर पर भगवान तेजाजी महाराज का  भव्य जुलूस निकाला’

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पिटोल । प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष  भी पिटोल बस स्टैंड स्थित तेजाजी मंदिर पर तेजा दशमी का भव्य आयोजन कर मनाई गई इस अवसर पर पिटोल में निवासरत मेवाड़ समाज के  साथ पिटोल के सभी समाज वर्गों के लोगों ने भी हिस्सा लेकर  बैंड बाजों के साथ दोपहर 12 बजे तेजाजी महाराज  का भव्य जुलूस   धर्म ध्वजा एवं तेजाजी की तस्वीर को फूलों से सजे विशेष रथ पर रखकर  पूरे नगर में भ्रमण करवाने के पश्चात वापस मंदिर पहुंचा इसके पश्चात तेजाजी की आरती  कर वहां पर सांप काटने बिच्छू काटने एवं अपनी जो मन्नते ली हुई वह पूरी होने पर पंडा गुडला गारी द्वारा उन के धागे ताती तोड़ने का काम दिन भर  चलता रहा इस स्थानीय मंदिर पर पिटोल के आसपास के 20 गांव के लोग अपने मन्नत पूरी होने पर यहां पर मन्नत छोड़ने के लिए आते है।

एक बार भगवान से तुम्हारा रिश्ता जुड़ गया तो आपको दुनिया में मरण बाद भी याद रखा जाएगा -ः  पं. अनुपानंदजी महाराज, सात दिवसीय श्रीमद् भागवत सप्ताह का हुआ शुभारंभ

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झाबुआ। श्री पद्मवंषीय मेवाड़ा राठौर तेली समाज द्वारा स्थानीय सिद्धेष्वर काॅलोनी स्थित नवगृह षनि मंदिर के पीछे राठौर धर्मषाला में आयोजित श्रीमद भागवत सप्ताह का शुभारंभ 8 सितंबर, रविवार को सुबह हुआ। कथा का वाचन कानपुर (उत्तर प्रदेष) से पधारे पं.. अनुपानंदजी महाराज के मुखारबिंद से हुआ। प्रथम दिन संगीमतय भागवत कथा का भक्तों ने रसास्वादन किया। श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिवस पं. अनुपानंदजी ने बताया कि अगर भगवान को पाना है तो प्रेम और भक्ति का मार्ग अपनाना पड़ेगा, मानव जीवन में प्रेम और भक्ति की भावना का उदय तब होता है, जब उनको संत और ग्रंथ का सानिध्य मिलता है। 7 सितंबर को पूज्यश्री ने श्रीमद् भागवत कथा के दौरान षाम 6 बजे भागवत महात्म्य और भक्ति की शक्ति पर प्रकाश डाला। उन्होने आगे कहा कि भागवत को समझने के लिए भक्ति भावना बहुत आवश्यक है।

असली भक्त वहीं, जो भक्ति में दुनिया की शर्म न करे
भगवताचार्य ने आगे कहा कि रामायण में नौ प्रकार की भक्ति बताई गई है, जिनके माध्यम से भक्त भगवान को प्राप्त कर सकते है। असली भक्त वही है जो भक्ति में दुनिया की शर्म न करे। इस मायावी दुनिया में अगर कन्हैया का सहारा मिल जाए, तो किसी सांसारिक सहारे की जरुरत नहीं है। लोग सोचते है कि उनकी संतान उनका नाम रोशन करेगी, लेकिन कोई जरुरी नहीं है कि कोई रिश्ता तुम्हे प्रसिद्धि दिलाएं, मगर इसमें कोई संदेह नहीं है कि अगर एक बार भगवान से तुम्हारा रिश्ता जुड़ गया तो तुम्हारा नाम तुम्हारे बाद भी याद रखा जाएगा।

युवाओं की बढ़ती विकृत मानसिकता पर चिंता जताई
पूज्यश्री ने मीरा का उदाहरण देते हुए कहा कि मीरा की कोई संतान नहीं थी, उनका विवाह राज-घराने में हुआ, लेकिन आज भी उनका नाम कन्हैया से जुड़े उनके संबंध से लिया जाता है। आधुनिक युवाओ की बढ़ती विकृत मानसिकता पर पूज्यश्री ने चिंता जताई। कथा वाचन से पूर्व भागवत की पूजन यजमान महेष रणछोडलाल राठौर दंपति ने की। राठौर धर्मषाला में श्रीमद भागवत सप्ताह के दौरान कथा प्रतिदिन प्रातः 9 से 12 बजे एवं दोपहर 3 से 6 बजे तक होगी।

देवेन्द्र विजयजी ने अल्प अवस्था में ही मुझे आगमों का ज्ञान प्रदान किया -ः अष्ट प्रभावक नरेन्द्र सूरीष्वरजी, सकल जैन श्वेतांबर श्री संघ ने नरेन्द्र सूरीजी को ‘प्रवचन सम्राट’ की उपाधि से किया अलंकृत
गुरू गुण किर्तन सभा में सकल जैन श्वेतांबर श्री संघ ने आचार्य श्रीजी के जीवन पर डाला प्रकाष
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झाबुआ। स्थानीय श्री ऋषभदेव बावन जिनालय में अष्ट प्रभावक नरेन्द्र सूरीष्वरजी मसा के 50वें संयम अनुमोदनार्थ त्रि-दिवसीय महोत्सव के अंतिम दिन 8 सितंबर, रविवार को पोषध शाला भवन में भव्य गुरू गुण किर्तन सभा का आयोजन हुआ। जिसमें वह स्वर्णिम अवसर रहा कि आचार्य नरेन्द्र सूरीष्वरजी एवं प्रन्यास प्रवर जिनेन्द्र विजयजी मसा के परिवारजन भी शामिल रहे। साथ ही सकल जैन श्वेतांबर श्री संघ झाबुआ के साथ देष के विभिन्न शहरों और गांवों से भी श्री संघ के सदस्यगण और गुरूभक्तनों ने पधारकर आचार्य श्रीजी के संयम अनुमोदनार्थ उनके दर्षन का लाभ लिया। सभा के दौरान अष्ट प्रभावक नरेन्द्र सूरीष्वरजी को सकल जैन श्वेतांबर श्री संध झाबुआ की ओर से ‘प्रवचन सम्राट’ की उपाधि प्रदान की गई। साथ ही आचार्य एवं प्रन्यास प्रवर के परिवारजनों का श्वेतांबर जैन श्री संघ एवं श्री नवल स्वर्ण जयंती चातुर्मास समिति की ओर से भावभरा बहुमान भी किया गया। पोषध शाला भवन में सुबह 8 बजे गुरू गुण किर्तन सभा आरंभ हुई। जिसमें सर्वप्रथम गुरूवंदन श्रावक रत्न धर्मचन्द मेहता ने करवाया। बाद चांदी के 50 सिक्कों से आचार्य भगवंत नरेन्द्र सूरीजी एवं प्रन्यास प्रवर जिनेन्द्र विजयजी के समक्ष गहूली लाभार्थी परिवार ने की। आगम ज्ञाता परम् पूज्य देवेन्द्र विजयजी मसा की अष्टप्रकारी पूजन आचार्य नरेन्द्र सूरीजी एवं जिनेन्द्र विजयजी ने जल, चंदन, पुष्प, धूप, दीप, अक्षत, नैवेद्य, फल से की। इस दौरान समुधर संगीत की प्रस्तुति संगीतकार देवेष जैन (मोहनखेड़ा) एवं पार्टी इंदौर द्वारा दी गइ्र्र। बाद गुरू किर्तन सभा को संबोधित करते हुए श्वेतांबर श्री संघ के वरिष्ठ संरक्षक यषंवत भंडारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि बड़ी खुषी का अवसर है जब अष्ट प्रभावक नरेन्द्र सूरीष्वरजी के संयम अनुमोदनार्थ बावन जिनालय में त्रि-दिवसीय महोत्सव हो रहा है। मारे बीच अष्ट प्रभावक के साथ जैन धर्म दीवाकर, श्री राजेन्द्र-यतिन्द्र गुरू कृपा पात्र नरेन्द्र सूरीजी के चार्तुमास का ऐतिहासिक स्वर्णिम अवसर झाबुआ को प्रदान हो रहा है।

जैनागमों के विषेषज्ञ विद्वान बने
श्वेतांबर जैन श्री संघ अध्यक्ष संजय मेहता ने बताया कि पूज्य श्रीजी ने बाल्याकाल में 14 वर्ष की उम्र में संयम स्वीकार कर परम् पूज्य आगम ज्ञाता, क्रियादक्ष गुरूदेव श्री देवेन्द्र विजयजी मसा के पास अध्ययन करते हुए जैनागमों के विषेषज्ञ विद्वान बने। गुरू कृपा से 17 वर्ष की उम्र में ही श्री सुधर्मा स्वामीजी के पाट पर विराजमान होकर धाराप्रवाह प्रवचन प्रदान करना प्रारंभ कर दिया था, आपके 125 प्रवचनों का प्रकाषन भी उपलब्ध है। स्थानकवासी श्री संघ अध्यक्ष प्रदीप रूनवाल ने कहा कि झाबुआ नगर एवं सकल जैन श्री संघ का यह सौभाग्य है कि आपके संयम पर्याय का रजत जयंती 25 वीं चातुर्मास भी यहीं हुआ था। साथ ही आपने 1993 के चातुर्मास में मासक्षमण महापत किया था, जिसकी हम खूब-खूब अनुमोदना करते है।

नरेन्द्र सूरीजी की आगमवाणी को श्रवण कर संपूर्ण जैन श्री संघ लाभान्वित हो रहा
तेरापंथ महासभा अध्यक्ष पंकज कोठारी ने बताया कि आप आचार्य के स्वर्ण दीक्षा जयंती के इस वर्ष 50वें चातुर्मास में आचार्य प्रवर श्री नरेन्द्र सूरीजी की आध्यात्मिक एवं आगमवाणी को श्रवण कर संपूर्ण जैन श्री संघ लाभान्वित हो रहा है। इस अवसर पर श्री नवल स्वर्ण जयंती चातुर्मास समिति से अध्यक्ष कमलेष कोठारी एवं सचिव अषोक रूनवाल ने भी आचार्य श्रीजी का जीवन परिचय देते हुए उनके गुणों का बखान किया। साथ ही श्राविकाओं में महिला परिषद् की राष्ट्रीय सह-सचिव आषा कटारिया ने पूज्य श्रीजी के जीवन पर आधारित गीत प्रस्तुत किाय। हंसा कोठारी ने आचार्य श्रीजी को सरल मना, प्रखंड प्रवचनकार, संघ एकता के षिल्पकार एवं साधुओं में उत्कृष्ट साधक बताया।

गुरूदेव देवेन्द्र विजयजी मसा ने आगमों का ज्ञान प्रदान किया
तत्पष्चात् अष्ट प्रभावक नरेन्द्र सूरीजी ने अपने जीवनकाल के बारे में बताया कि उन्हें पूज्य देवेन्द्र विजयजी मसा ने अल्प अवस्था में ही आगमों का ज्ञान प्रदान कर दिया था। आज मुझे ऐसा बनाया कि जब श्री संघ और समाज को अपना आर्षीवाद प्रदान कर रहा हूॅ। आचार्य ने अपने पूरे उद्बोधन में अपने गुरू देवेन्द्र विजयजी की महिमा का ही बखान किया। बाद प्रन्यास प्रवर जिनेन्द्र विजयजी मसा ने कहा कि पिछले 34 वर्षों से सत्त गुरू के रूप में उन्हें नरेन्द्र सूरीजी का साथ और आर्षीवाद मिलन रहा है। वे वत्सल और प्रेम की प्रति मूर्ति है। साथ ही झाबुआ के सकल जैन श्वेतांबर श्री संघ की प्रसंषा करते हुए कहा कि आप सभी वाकई में काफी अनुषासन प्रिय है। आप सभी मंे एकता का भाव झलकता है। झाबुआ का सकल जैन श्वेतांबर श्री संघ पूरे देष के संघों के लिए मिसाल है। 

प्रवचन सम्राट की उपाधि से नवाजा
सभा के दौरान अष्ट प्रभावक नरेन्द्र सूरीजी को सकल जैन श्वेतांबर श्री संघ की ओर से श्वेतांबर जैन श्री संघ अध्यक्ष संजय मेहता, स्थानकवासी श्री संघ अध्यक्ष प्रदीप रूनवाल एवं तेरापंथ महासभा अध्यक्ष पंकज कोठारी द्वारा ‘प्रवचन सम्राट’ की उपाधि से अलकृंत किया गया। साथ ही सकल जैन श्री संघ के अन्य सदस्यों द्वारा भी अभिनदंन-पत्र एवं सम्मान-पत्र देकर आचार्य श्रीजी के संयम की खूब-खूब अनुमोदना की। 

परिवारजनों का किया बहुमान
गुरू गुण किर्तन सभा में आचार्य श्रीजी के गृह ग्राम चैन्नई से उनकी माताजी सरस्वती बहन, भाई भूपन्ेन्द्रजी एवं भाभी और भतीजी उपस्थित रहे। वहीं प्रन्यास प्रवर जिननेन्द्र विजयजी मसा के पिता श्रीजी, भाई एवं परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। जिनका भावभरा बहुमान श्वेतांबर श्री संघ एवं श्री नवल स्वर्ण जयंती चातुर्मास समिति की ओर से शाल ओढ़कार श्रीफल भेंटकर किया गया। साथ ही 44 दिवसीय भक्तार महातप के लाभार्थी दिलीपभाई मुथा परिवार (भेंसवाड़ा) का बहुमान अभिनंदन-पत्र देकर श्री नवल स्वर्ण जयंती चातर्मास समिति के अध्यक्ष कमलेष कोठारी, सचिव अषोक रूनवाल, समाज रत्न सुभाषचन्द्र कोठारी,  वरिष्ठ संतोष रूनवाल, निलेष लोढ़ा, जितेन्द्र जैन आदि ने किया।

आचार्य नरेन्द्र सूरीजी की तस्वीर गुरू हाॅल में लगाई गई
गुरूदेव नरेन्द्र सूरीष्वरजी की तस्वीर बावन जिनालय गुरू मंदिर में लगाइ्र्र गई। जिसका लाभ माणकबाई बाबुलाल निलेष लोढ़ा परिवार ने लिया। साथ ही नरेन्द्र सूरीजी की गुरूपूजन का लाभ उनके ही भाई भूपेन्द्र एवं परिवारजनों ने लिया। इस दौरान विभिन्न आयोजनों के लाभ लेने हेतु घोषणाएं भी हुई। गुरू कित्र्रन सभा का सफल संचालन श्वेतांबर जैन श्री संघ के प्रवकता डाॅ. प्रदीप संघवी ने किया एवं आभार चातुर्मास समिति अध्यक्ष कमलेष कोठारी ने माना।

देष के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे श्री संघ के सदस्य और गुरू भक्त
त्रि-दिवसीय महोत्सव के दौरान आचार्य एवं प्रन्यास प्रवर के दर्षन-वंदन हेतु देष के राजगढ़, चेन्नई, सियाणा, बैंगलोर, भैंसवाड़ा, नया जोगापुरा, पाली, उदयपुर, बड़ौदा, दाहौद के साथ जिल के पारा, रंभापुर, सारंगी आदि सहित अनेक शहरों और गांवों से श्री संघ के सदस्यगण एवं गुरू भक्त दर्षन-वंदन हेतु पधारे। सभा बाद साधर्र्मी वात्सल्य का आयोजन हुआ। दोपहर एवं शाम को विविध लाभार्थियों के निमित्त चैवीसी का आयोजन रखा गया। रात्रि में भक्ति संध्या हुई। इसके साथ ही त्रि-दिवसीय महोत्सव संपन्न हुआ।

पर्व सुगंध दशै दिन जिनवर पूजै अति हरषाई,’
’सुगंध देह तीर्थंकर पद की पावै शिव सुखदाई दिगम्बर जैन मंदिर मे धूप दशमी पर्व श्रद्धा से मनाया
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झाबुआ।  स्थानीय शांति नाथ दिगंबर जैन मंदिर में सुगंध दशमी का पर्व बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। दिगम्बर जैन समाज की सुश्री भूमिका डोसी ने जानकारी देते हुये बताया कि मंदिर जी में प्रातः काल जिन अभिषेक एवं जगत शांति की भावना के साथ शांति धारा की गई तत्पश्चात तत्वार्थ सूत्र के छटे अध्याय का वाचन किया गया। तत्पश्चात समाज जनों द्वारा नित्य नियम की पूजा सोलह कारण आदि पूजाओं के साथ सुगंध दशमी का पूजन तथा दशलक्षण विधान की किया। सायं काल स्थानीय दिगंबर जैन मंदिर तथा चंद्रप्रभ नसिया में धूप खेवन का आयोजन किया गया। जिसके कारण चारों ओर धूप की भीनी-भीनी और सुगंधित खुशबू बिखरी रही। सभी समाजवासियों ने सुगंध दशमी (धूप दशमी) का पर्व उत्साहपूर्वक मनाया। इसी कड़ी में मंदिर जी में संगीतमय आरती का आयोजन किया जिसमें भक्तों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।  तत्पश्चात शास्त्र वाचन श्रीमती आशा शाह द्वारा किया गया जिसमें उन्होंने बताया कि भाद्रपद में शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाए जाने वाले इस पर्व को धूप दशमी कहा जाता है जैन मान्यताओं के अनुसार पर्युषण पर्व के अंतर्गत आने वाली सुगंध दशमी का काफी महत्व है। इस व्रत को विधिपूर्वक करने से मनुष्य के अशुभ कर्मों का क्षय होकर पुण्यबंध का निर्माण होता है तथा उन्हें स्वर्ग, मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दौरान जैन समुदाय शहरों, गांवों में सभी जैन मंदिरों में जाकर भगवान को धूप अर्पण करते हैं। जिसे धूप खेवन भी कहा जाता है, जिससे सारा वायुमंडल सुगंधमय होकर, बाहरी वातावरण स्वच्छ और खुशनुमा हो जाता है। शास्त्र वाचन के पश्चात अंत्याक्षरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें महिलाओं ने बहुत ही मनमोहक प्रस्तुतियां दी।

योजनाओं का लाभ लेने हेतु अल्पसंख्यक समुदाय के आवेदकों को देना होगा शपथ-पत्र
    
झाबुआ । केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा घोषित अल्पसंख्यक वर्ग के लिए प्रदेश में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, बैंक ऋण प्रयोजनों तथा छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए अल्पसंख्यक समुदाय के आवेदकों से जाति प्रमाण-पत्र नहीं लिया जायेगा। इसके स्थान पर केवल अल्पसंख्यक समुदाय का सदस्य होने का शपथ-पत्र निर्धारित प्रारूप में नॉन ज्यूडीशियन स्टाम्प पेपर पर मान्य किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि भारत के राजपत्र में क्रमांक 217 दिनांक 27 जनवरी 2014 में प्रकाशित भारत सरकार अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा अधिसूचित 6 समुदायों, मुस्लिम, ईसाईयों, सिक्खों, बौद्धों, पारसियों और जैन समुदाय से जाति प्रमाण पत्र के स्थान पर केवल अल्पसंख्यक समुदाय का सदस्य होने का शपथ पत्र नॉन ज्यूडीशयन स्टांम पेपर पर मान्य किया जाएगा।

अन्त्येष्टि/अनुग्रह सहायता के लंबित प्रकरणो को पोर्टल पर 27 सितम्बर तक निराकृत करें
    
झाबुआ । कलेक्टर श्री प्रबल सिपाहा ने जिले में 90 दिवस के पूूर्व के लंबित अन्त्येष्टि/अनुग्रह सहायता केे प्रकरणो की संख्या को देखते हुए जनपद पंचायत/नगरीय निकाय/श्रमपदाधिकारी को निर्देशित किया है कि 90 दिवस के पूर्व के सभी प्रकरणो का निराकरण  27 सितम्बर तक करना सुनिश्चित करें। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन, श्रम विभाग द्वारा पोर्टल पर आवश्यक संशोधन कर 90 दिवस से अधिक अवधि के प्रकरणो के निराकरण हेतु एक माह की समय सीमा नियत की गई है। श्रमिको के हित व योजना के निर्देशो के अनुरूप पंजीयन पश्चात हिताधिकारी की मृत्यु उपरान्त अन्त्येष्टि/अनुग्रह सहायता के लंबित प्रकरणो को पोर्टल पर निराकृत किया जा सके इस हेतु दिनाक 28 अगस्त 2019 से 27 सितम्बर 2019 तक के लिये पोर्टल पर अंतिम बार समय सीमा से संशोधन किया गया है। अतः 90 दिवस पूर्व के ऐसे समस्त प्रकरण जिनमें पंजीयन पश्चात मृत्यु हुई हो परीक्षण कर पोर्टल के माध्यम से निराकृत किये जाने की कार्यवाही समय सीमा में सुनिश्चित करे।

पटवारियो को सप्ताह में दो दिवस ग्राम पंचायत मुख्यालय पर उपस्थित रहकर सेवाये देना होगी
  
झाबुआ । शासन द्वारा सप्ताह मे दो दिन पटवारियो को ग्राम पंचायत मुख्यालय पर रह कर राजस्व विभाग की सेवाये देने हेतु निर्देशित किया गया है। आयुक्त भू-अभिलेख मध्यप्रदेश द्वारा जारी आदेशानुसार प्रत्येक पटवारी अपने हल्के की ग्राम पंचायत मुख्यालय पर सप्ताह में दो दिवस सोमवार एवं गुरूवार को आवश्यक रूप से उपस्थित रहेगे। राजस्व विभाग की सेवाये प्रदान करने एवं आमजन की कठिनाईयो के निराकरण हेतु उपलब्ध रहेगे। जिसकी नियमित रूप से उपस्थिति एवं कार्य की समीक्षा जिला स्तर से कलेक्टर द्वारा की जाएगी। पटवारी अपने द्वारा किये गये कार्य का विवरण एक रजिस्टर में संधारित करेगे जो कि संबंधित के नियमित राजस्व निरीक्षक द्वारा निरीक्षण कर प्रमाणित किया जाएगा। ग्राम पंचायत मुख्यालय पर पटवारी के उपस्थित होने का स्थान, दिवस एवं संबंधित पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक के नाम व मोबाईल नंबर अंकित किये जावेगे। यह भी उल्लेख किया जायेगा कि पटवारी की अनुपस्थिति एवं अन्य शिकायत आम जनता द्वारा राजस्व निरीक्षक को भी की जा सकती है। राजस्व निरीक्षक द्वारा अपने वृत के समस्त ग्राम पंचायत मुख्यालय का रोस्टरवार निरीक्षण किया जायेगा एवं पटवारी द्वारा किये गये कार्य की समीक्षा की जावेगी। जिन पटवारियो के पास एक से अधिक ग्राम पंचायते है वे प्रत्येक पंचायत में एक एक दिवस सेवाये प्रदान करेगे। पटवारी की ग्राम पंचायत मुख्यालय पर उपस्थिति एवं कार्य का मासिक प्रतिवेदन राजस्व निरीक्षक द्वारा अधीयक भू-अभिलेख कार्यालय एवं तहसीलदार को मासिक समीक्षा बैठक में प्रस्तुत किया जावेगा। अधीक्षक भू-अभिलेख जिले की समीक्षा बैठक में कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करेगे। नियत दिवसो में पटवारी को ग्राम पंचायत मुख्यालय पर रहना अनिवार्य होगा। इन दिवसो में पटवारी को समीक्षा बैठको में नही बुलाया जावेगा,न ही अन्य कार्यो में लगाया जायेगा।

औसत बिलिंग पर रोक के लिए मीटरो का सत्यापन
     
झाबुआ । बिजली की औसत बिलिंग पर रोक लगाने के लिए मीटरो का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए तीनो विद्युत वितरण कंपनियो के परिक्षेत्र में विशेष टीमें उतरने लगी है। यदि औसत बिलिंग पाई जाती है तो संबंधित सर्कल के एजेंसी संचालक और अफसरो पर कार्यवाही की जाएगी। इसमें संबंधित सर्कल में जुर्माने से लेकर अनुशासनात्मक कार्यवाही तक होगी। बिजली कंपनिया और ठेकेदार औसत बिलिंग करते रहे है। कई जगह दो तीन महीने में एक बार रीडिंग होती थी, लेकिन अब ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने हर महीने हर मीटर पर रीडिंग अनिवार्य कर दी है। औसत बिलिंग होने पर उसे सुधारना भी तय किया गया है। कई उपभोक्ताओ ने इस मामले में ऊर्जा मंत्री से षिकायत की थी, जिसके बाद यह निर्णय किया गया। बिजली कंपनीयो ने औसत बिलिंग के लिए सबसे ज्यादा फोकस शहरी सर्कल पर किया है। इसके बाद ग्रामीण सर्कल की बारी आएगी। षहरी सर्कल में भी मुख्यतः घरेलू उपभोक्ता इस दायरे में षामिल किए जा रहे है।

मिटरीकरण पर भी फोकस
प्रदेष मंे 100 प्रतिशत मीटरिंग को लेकर नए लक्ष्य के हिसाब से काम करना तय किया गया है। बिजली नियामक आयोग के प्रावधानो के तहत 2008 तक 100 प्रतिशत मीटरीकरण प्रदेश में होना था। अब नए लक्ष्य तय करकेे काम होगा। वर्तमान में प्रदेश में 1.21 करोड बिजली उपभोक्ता है।

 20 सितम्बर तक लगेगे वेतन निर्धारण शिविर, कमिश्नर द्वारा संभाग के कर्मचारियो के वेतन निर्धारण के निर्देष

झाबुआ । कमिश्नर श्री आकाश त्रिपाठी ने संभाग के सभी कलेक्टर्स को निर्देष दिये हैं कि वे अपने जिले में सभी कर्मचारियो के वेतनमान के निर्धारण हेतु विशेष शिविर लगायंे। मध्यप्रदेश शासन के शासकीय कर्मचारियो के सातवे वेतनमान की द्वितीय किश्त के आहरण के पूर्व संबंधित कार्यालय द्वारा किये गये वेतन निर्धारण का अनुमोदन जिला पंेषन अधिकारी अथवा संभागीय संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा इंदौर से कराया जाना अनिवार्य है। त्रुटिपूर्ण वेतन निर्धारण पर वसूली या न्यायालयीन प्रकरणो की स्थिति निर्मित न हो। इस उदेश्य से भी कर्मचारी के वेतन निर्धारण की जाॅच एवं अनुमोदन आवश्यक है। इस कार्य को अतिशीघ्र सम्पादित करने के उदेश्य से संभागीय संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा इंदौर के पर्यवेक्षण में वेतन निर्धारण शिविर जिलो के जिला पेंशन कार्यालयो में तथा संभाग स्तर पर संभागीय संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा कार्यालय इंदौर में 2 से 20 सितम्बर 2019 तक आयोजित किये जायेगे।

डायग्नोस्टीक टीम द्वारा मछलाई माता एवं मादलदा ग्रामों के प्रक्षेत्रों का भ्रमण किया
    
झाबुआ । विकासखण्ड थान्दला में खरीफ मौसम की फसलों में कीटव्याधि की स्थिति का जायजा लेने हेतु डायग्नोस्टीक टीम द्वारा मछलाई माता एवं मादलदा ग्रामों के प्रक्षेत्रों का भ्रमण किया गया। डायग्नोस्टीक टीम के साथ कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डाॅ. महेन्द्रसिंह, श्री आर.एस. बघेल, अनुविभागीय कृषि अधिकारी थांदला, श्री विलास पाटील, सहायक संचालक, श्री उदा काग, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, एवं मैदानी अमला शामिल है। मक्का में शीथ लीफ एण्ड ब्लाइट रोग की रोकथाम के लिए खेतों से उचित जल निकास, हल चलाकर मिट्टी चढाना, मक्का फसल के पौधों के तनों के नीचे की दो-तीन पत्तियाॅ हटाने की सलाह दी गई। कपास की फसल में जड गलन, उक्ठा रोग रोकथाम के लिए खेत में लगातार कपास फसल न लगाए, गर्मी में गहरी जुताई, खेत तैयार करते समय भूमि का एवं बीज का उपचार बोते समय ट्राइकोडर्मा फंफूदनाशक से करें। खडी फसल में बेवस्टीन, फंफूदनाषक जड के पास छिडकाव करें।  कपास में रस चूसक कीटों के लिए दोनों में से एक कीटनाषक एमिडाक्लोरोपिड का 7 मि.ली. प्रति टंकी एवं थायोमिथाक्जाम का 5 ग्राम प्रति टंकी के हिसाब से खडी फसल में छिडकाव करेंगें।  मूॅगफली में जड गलन, काॅलर राट रोग के लिए कार्बन्डाजिम$मेन्कोजेब फंफूदनाषक का 3 ग्राम प्रति लीटर खडी फसल में छिडकाव करें।

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