झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर 13 सितंबर - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 13 सितंबर 2019

झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर 13 सितंबर

दस दिवसीय गणेश उत्सव मे रही धुम पाण्डालो मे लगा छप्पन भोग कार्यक्रम के प्रतिभागी बच्चो को दिए पुरस्कार

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पारा । नगर मे कई जगह दस दिवसीय गणेश उत्सव के चलते धर्म कि बयार बह रही थी। जिसके चलते धर्म प्रेमी जनता मे भी उत्साह कम नही था। लगातार बारीश चलते जहा हर कार्यक्रम मे परेशानी आ रही थी वही उत्सह भी कम नही था। विशेष कर बच्चो के अपार उत्साह ने प्रत्येक कार्यक्रम को सफल बना कर चार चांद लगाए। दस दिवसीय गणेश उत्सव के चलते नगर मे करिब 5 स्थानो सार्वजनिक गणेश मण्डल बस स्टेण्ड पारा का राजा सहीत बोरी रोड सदर बाजार, होली चैाक नयापुरा पर रिद्धि सिद्धि के दाता पार्थिव गणेश कि विशाल प्रतिमाओ कि स्थापना कि गई व भगवान गणेश जी को छप्पन भोग लगा कर महा आरती कि गई। वही बस स्टेण्ड पर रामायण मण्डल पारा द्वारा पडिण्त संजय शर्मा के सानिध्य मे संगीत मयी सुन्दरकाण्ड कर आकृषक भजनो कि प्रस्तुति दि गई। जहां पर प्रतिदिन बच्चो के लिए विभिन्न प्रतियोगीताओ का आयोजन किया गया । साथ ही सर्व श्रेष्ठ प्रर्दशन करने पर प्रतिभागीयो को पुरस्कार भी प्रदान किये।

ग्रामीणो ने निकाली गणेश विर्सजन कि झांकिया स्टार कलाकारो ने भी प्रस्तुति

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पारा । दस दिवसीय गणेश उत्सव के समापन पर आज धर्म रक्षक समिति के तत्वादान मे दुरदराज के ग्रामीण क्षेत्र मे विराजित गणेश प्रतिमाओ के विर्सजन का विशाल चल समारोह नगर के प्रमुख मार्गो से निकाला। चल समारोह मे आदिवासी  गीतो के स्टार कलाकारो ने भी शिरकत कि। आज अन्नत चर्तुदशी के पावन पर्व धर्म रक्षक समिति के प्रमुख वालसिह मसानिया ने धर्म रक्षक द्वारा आपास के ग्रामीण अंचल मे गणेश चतुर्थी के दिन वितरण कि गई 150 से ज्यादा पार्थीव गणेश प्रतिमाओ के विर्सजन का विशाल चल समारोह पारा नगर के प्रमुख मार्गो से डीजे साउड के साथ निकाला।  सभी दुर से आई करिब 70 झांकियो को ग्रामीणो ने देशी तरीके से हरी धासफस व पत्ते पत्तीयो व फुलो से विशेष अंदाज मे सजाया जिसने नगर वासीयो का मनमोहा । विर्सजन चल समारोह का मुख्य आकृष्ण था आदिवासी गीतो का गायक केशव बघेल , उमेश भाबोर,गजेन मुवेल व गायीका प्रियंका मडलोई कुक्षी व पारा क्षेत्र के गायक अनिल निनामा ने डीजे साउड पर एक से एक सुन्दर गीतो कि प्रस्तुति दि । चल समारोह मे चल रहे हजारो आदिवासी युवक युवतिया इन कलाकोरो के गीतो पर झुमते हुवे डांस करते चल रहे थै। चल समारोह के समापन के पश्चात सभी झांकियो को प्रसादी वितरण कि गई। समापन के बाद सभी झाकियो ने अपने गांव मे जाकर पार्थीव गणेश प्रतिमाओ का विर्सजन किया। इस अवसर पर धर्म रक्षक के सुमेर सिह कनेश,राकेश सिंगाड,विजेन्द्र बधेल,राजेश डावर,लालसिह ढाकिया, प्रकाश डामोर दिवान डामोर प्रेम पाल सहीत कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।

झाबुआ के राजा का आरती बाद निकला महा-विसर्जन चल समारोह, अनास नदी पर क्रेन से शहर की सबसे बड़ी गणेषजी की प्रतिमा का हुआ विसर्जन

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झाबुआ। शहर के कस्तूरबा मार्ग में विराजमान झाबुआ के राजा (सबसे बड़ी गणेषजी की प्रतिमा) का 12 सितंबर, गुरूवार को दोपहर 1.30 बजे चल समारोह निकालकर रंगपुरा स्थित अनास नदी पर क्रेन की मद्द से भव्य प्रतिमा का विसर्जन कार्यक्रम संपन्न हुआ। 10 दिवसीय गणेषोत्स पर्व के तहत झाबुआ का राजा ग्रुप द्वारा प्रतिवर्ष बड़ौदा (गुजरात) से गजाजनजी की भव्य प्रतिमा तैयार बुलवाई जाती है और 10 दिनों तक प्रतिमा को कस्तूरबा मार्ग में विराजमान कर रात्रि में महाआरती कर महा-प्रसादी का वितरण किया गया। अंतिम दिन 12 सितंबर को अनंत चर्तुदषी पर दोपहर 1 बजे बाप्पा की विदाई आरती बाद कस्तूरबा मार्ग से डीजे और ढोल के साथ विसर्जन चल समारोह आरंभ हुआ। डीजे पर धार्मिक भजन एवं बाप्पा के विदाई गीत प्रस्तुत किए। इसके पीछे जेकेआर ग्रुप के सभी सदस्य एक जैसी वेषभूषा में कुर्ता-पजामा एवं सिर पर सफेद टोपी पहनकर चले। सबसे पीछे ट्रेक्टर में झाबुआ के महाराजा की प्रतिमा विराजमान रहीं।

रंगपुरा नदी पर हुआ महा-विसर्जन संपन्न
यह चल समारोह शहर के श्री गोवर्धननाथ मंदिर तिराहा, आजाद चैक, बाबेल चैराहा, थांदला गेट, मेन बाजार, बस स्टेंड गांधी चैक, जिला चिकित्सालय मार्ग, चेतन्य मार्ग, दिलीप गेट, मेघनगर नाका होते हुए देर शाम तक रंगपुरा अनास नदी पर क्रेन की सहायता से शहर की सबसे बड़ी गणेष प्रतिमा का महा-विसर्जन कर सभी ने झाबुआ के राजा के जयकारे लगाकर उन्हें नम-आखों से विदाई दी। 10 दिवसीय गणेष महोत्सव को सफल बनाने में जेकेआर ग्रुप के सभी सदस्यों का सराहनीय सहयोग रहा।

पर्युषण के समापन पर क्षमत्क्षमापना या क्षमावाणी पर्व मनाया गया- दिगंबर जैन मंदिर में शांतिधारा कर श्रीजी का किया गया अनुष्ठान

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झाबुआ । दिगम्बर जैन धर्मावलंबी भाद्रपद मास में पर्युषण पर्व मनाते हैं। ऋषि पंचमी (गणेश चतुर्थी के एक दिन बाद) से पर्व की शुरुआत होती है और यह अगले दस दिनों तक चलता है। यह पर्व दस लक्षण के नाम से भी जाना जाता है। वैसे तो पर्युषण पर्व दीपावली, ईद या क्रिसमस की तरह उल्लास-आनंद का त्योहार नहीं हैं। फिर भी इनका प्रभाव पूरे समाज में दिखाई देता है। इसी तरह की भक्ति भावना नगर में के शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिरं में दिखाई दी । बडी संख्या में जैन धर्मावलंबी भगवान शांतिनाथ सहित त्रिमुर्ति के दर्शन करने के लिए पयुषर््ाण में उमड़ पड़े। समाज के संजय सोनटके जैन ने बताया कि पर्युषण पर्व मनाने का मूल उद्देश्य आत्मा को शुद्ध बनाने के लिए विभिन्न सात्विक उपायों पर ध्यान केंद्रित करना होता है। पर्यावरण का शोधन इसके लिए वांछनीय माना जाता है। पर्युषण के दौरान पूजा, अर्चना, आरती, समागम, त्याग, तपस्या, उपवास में अधिक से अधिक समय व्यतीत करने तथा सांसारिक गतिविधियों से दूर रहने का प्रयास किया जाता है। संयम और विवेक के प्रयोग पर विशेष बल दिया जाता है। संजय जैन ने बताया कि गुरूवार को  नगर के शांतिनाथ दिगंबर जैन मंंिदर में पर्युषण पर्व के विधानमंडल का कार्यक्रम संपन्न हुआ । प्रातःकाल श्रीजी का मंत्रोच्चार के साथ विधि विधान से अभिषेक कराने के बाद समाज की महिलाओं ने संगीत के साथ पूजा अर्चना  अनुष्ठान संपन्न किये । वही युवा एवं पुरूष वर्गो का भी सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ । इस अवसर पर भगवान श्री पाश्र्वनाथ जी को बिराजित कर शांतिधारा के साथ समाजजनों द्वारा अभिषेक अनुष्ठान किया गया।  सांयकाल 4 बजे से ’’ उत्तम क्षमा ’’ अर्थात क्षमावाणी के माध्यम से एक दुसरें को वर्ष भर की गई गलतियों, त्रुटियों के लिये सम्र प्रकृर्ति के साथ ही विश्व के प्रत्येक जीव जन्तु से उत्तम क्षमा से क्षमावाणी की गई । आज से ही दिगम्बर जैेन समाज के पर्युषण पर्व का समापन हुआ । श्री सोनटके के अनुसार पर्युषण के समापन पर क्षमत्क्षमापना या क्षमावाणी पर्व मनाया जाता है। इस दिन जैन धर्मावलंबी पूरे वर्ष में किए गए ऐसे कार्यों के लिए क्षमा माँगते है जिनसे किसी को उनके द्वारा जाने अनजाने में दुख पहुँचा हो। कहा जाता है कि क्षमा माँगने वाले से ऊँचा स्थान क्षमा देने वाले का होता है।

माया से पार पाना मुश्किल काम है, इसलिए संयम बड़ा ही जरूरी है। विलास में रहने वाला व्यक्ति अंत में दुःख ही पाता है- पण्डित अनुपानंद जी भागवताचार्य
भागवत कथा में सतत प्रवाहित हो रही ज्ञान गंगा
झाबुआ । नगर की राठौर धर्मशाला में श्री पदमवंशीय राठौर तेली समाज द्वारा आयोजित भागवत कथा में भागवताचार्य पण्डित अनुपानंद के श्रीमुख से भागवत कथा रसपान प्रवाहित हो रहा है । व्यास पीठ से पण्डित अनुपानंदजी ने कहा कि विष्णु पुराण के मुताबिक एक बार ऋषि दुर्वासा वैकुंठ लोक से आ रहे थे। रास्ते में उन्होंने ऐरावत हाथी पर बैठे इन्द्र को त्रिलोकपति समझ कमल फूल की माला भेंट की। किंतु वैभव में डूबे इन्द्र ने अहंकार में वह माला ऐरावत के सिर पर फेंक दी। हाथी ने उस माला को पैरों तले कुचल दिया। दुर्वासा ऋषि ने इसे स्वयं के साथ कमल फूलों पर बैठने वाली कमला यानी लक्ष्मी का भी अपमान माना और इन्द्र को श्रीहीन होने का शाप दिया। पौराणिक मान्यता यह भी है कि इससे इन्द्र दरिद्र हो गया। उसका सारा वैभव गिरकर समुद्र में समा गया। दैत्यों ने स्वर्ग पर अधिकार कर लिया। पण्डित अनुपानंद जी ने बताया कि स्वर्ग का राज्य और वैभव फिर से पाने के लिए भगवान विष्णु ने समुद्र मंथन करने और उससे निकलने वाले अमृत को खुद देवताओं को पिला अमर बनाने का रास्ता सुझाया। साथ ही कहा कि यह काम दैत्यों को भी मनाकर ही करना संभव होगा। इन्द्रदेव ने इसी नीति के साथ दैत्य राज बलि को समुद्र में समाए अद्भुत रत्नों व साधनों को पाने के लिए समुद्र मंथन के लिए तैयार किया। देव-दानवों ने समुद्र मंथन के लिए मंदराचल पर्वत को मथनी और वासुकि नाग को रस्सा जिसे नेति या सूत्र कहा जाता है , बनाया। स्वयं भगवान ने कच्छप अवतार लेकर मंदराचल को डुबने से बचाया। समुद्र मंथन के दौरान सबसे पहले मंदराचल व कच्छप की पीठ की रगड़ से समुद्र में आग लगी और भयानक कालकूट जहर निकला। सभी देव-दानवों और जगत में अफरा-तफरी मच गई। कालों के काल शिव ने इस विष को गले में उतारा और नीलकंठ बने। समुद्र मंथन से अश्वजाति में श्रेष्ठ, चन्द्रमा की तरह सफेद व चमकीला, मजबूत कद-काठी का दिव्य घोड़ा उच्चैरूश्रवा प्रकट हुआ, जो दैत्यों के हिस्से गया और इसे दैत्यराज बलि ने ले लिया। समुद्र मंथन से निकली साक्षात मातृशक्ति व महामाया महालक्ष्मी के तेज, सौंदर्य व रंग-रूप ने सभी को आकर्षित किया। लक्ष्मीजी को मनाने के लिए सभी जतन करने लगे। किसे अपनाएं यह सोच लक्ष्मीजी ऋषियों के पास गई, किंतु ज्ञानी व तपस्वी होने पर भी क्रोधी होने से उन्हें नहीं चुना। इसी तरह देवताओं को महान होने पर भी कामी, मार्कण्डेयजी को चिरायु होने पर भी तप में लीन रहने, परशुराम जी को जितेन्द्रिय होने पर भी कठोर होने की वजह से नहीं चुना। कथा सुनाते हुए अनुपानंद जी ने कहा कि आखिर में लक्ष्मीजी ने शांत, सात्विक, सारी शक्तियों के स्वामी और कोमल हृदय होने से भगवान विष्णु को वरमाला पहनाई। संदेश यही है कि जिनका मन साफ और सरल होता है उन पर लक्ष्मी प्रसन्न होती है। भगवान विष्णु ने महादेव को मोहिनी रूप दिखाया। महादेव ने देखा कि एक सुन्दर बगीचे में फूलों की गेंद से उछल-उछल कर सुंदरी खेल रही हैं। गालों पर कुण्डल और घुंघराले बाल लटक रहे हैं, जिनको खेलते वक्त वह अपने कोमल हाथों से हटा रही है। सारे जगत को मोहित करते हुए अचानक तिरछी नजर से शिव की ओर देखती है। इस पर भगवान शिव उस पर मोहित हो गए। कुछ समय बाद महादेव को याद आया कि यह तो भगवान की माया है। उन्होंने फौरन आसक्ति से खुद को दूर किया । इस प्रसंग में शिव ने यही संदेश दिया कि ज्ञानी को भी काम नहीं छोड़ता। माया से पार पाना मुश्किल काम है, इसलिए संयम बड़ा ही जरूरी है। आरती के प्रसादी का वितरण किया गया । आज श्रुक्रवार को कंसवध का प्रसंग सुनाया जावेगा ।

सर्व ईसाइ महासभा की युवा ईकाय में सुनिल भूरिया प्रदेश अध्यक्ष मनोनित

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झाबुआ। सर्व ईसाई महासभा की विगत दिनों भोपाल में बैठक आयोजित की गई। जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष जैरी पाॅल की अनुशंसा पर सर्वसम्मिति से झाबुआ के सुनिल भूरिया को सर्व ईसाई महासभा युवा संगठन का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्ति किया गया है। जिसे लेकर समाजजनों ने सुनिल भूरिया का बधाई देते हुए। उनके अच्छे कार्यकाल की कामना की। भूरिया का कहना है कि संगठन के माध्यम से हमारा ध्येय समाज उत्थान होगा। इस बदलते परिवेश में आज की युवा पीढी बिगडती जा रही है। जिसे लेकर आज युवाओं की और विशेष ध्यान देते हुए   उनकी शिक्षा, नशा मुक्ति, बालिका शिक्षा आदि पर विशेष जोर दिया जायेगा। वहीं शासन की विभिन्न योजनाएं आज भी नीचले स्तर तक नही पहुंची है जिसें संगठन के माध्यम से विभिन्न समाजों से आपसी सामांजस्य स्थापित कर गांव गांव तक पहुंचाने का कार्य किया जायेगा। संगठन सभी समाजों को सर्वपरी रखते हुए समाज हित में ही कार्य करेगा। जिसका मुख्य उददेश्य आधुनिकता की चकाचैंध से उन्हे धरातल से अवगत करवाना रहेगा। इस असवसर पर संगठन के अनुसुचित जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष फ्रांसिस कटारा, जिलाध्यक्ष विलियम भाबोर, राष्ट्रीय महासचिव प्रेम भूरिया, जिला उपाध्यक्ष राजु डामोर, प्रदेश महासचिव जेरोम वाखला, प्रफुल बंटी सिंगार जिलाध्यक्ष, संदीप मेहता मीडिया प्रभारी , पेट्रीक गणावा  एवं  जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों ने हर्ष जताते हुए भूरिया को बधाईयां दी।

स्कूली छात्रों और ग्रामीणजनों ने किया असरकारक आयुर्वेदिक काढ़े का सेवन, दूसरे दिन 487 लोगों का हुआ पंजीयन

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झाबुआ। स्थानीय आॅफिसर्स काॅलोनी में जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय पर 4 दिवसीय विषाणुजन्म एवं रोग प्रतिबंधात्मक निवारण षिविर के दूसरे दिन आयुर्वेदिक काढ़े का सेवन करने समीपस्थ शासकीय बालक उमा विद्यालय रातीताइ्र्र के अनेक छात्र और आसपास के ग्रामीण अंचलों के रहवासी पहुंचे। गुरूवार को 487 लोगों का पंजीयन हुआ। ष्शासकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय द्वारा आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट झाबुआ के सहयोग से आयोजित षिविर का शुभारंभ गुरूवार को जिला आयुष अधिकारी डाॅ. मीना भायल एवं आसरा के सेवा प्रकल्प परामर्षदाता सुधीरसिंह कुष्वाह तथा वरिष्ठ सदस्य श्रीमती पद्मावती त्रिवेदी ने भगवान धन्वतरिजी के चित्र पर दीप प्रज्जवलन कर किया। बाद षिविर में सत्त लोगों का आना शुरू हो गया। इन दिनों वर्षाकाल में मौसमी बिमारियों का प्रकोप अधिक होने से पहले दिन 325 तो दूसरे दिन भी सैकड़ों लोगों ने षिविर का लाभ लेते हुए कुल 487 लोग पहुंचे। जिसमें स्कूलीे छात्रों के बड़ी संख्या में आने पर उनका पंजीयन कर उन्होंने कतार में खड़े कर आयुर्वेदिक काढ़े का सेवन कर राहत पाई। षिविर सुबह 9 से दोपहर करीब    11.30 बजे तक चला। आसपास के अंचलों से ग्रामीणजनों ने भी काढ़े का सेवन कर चिकित्सालय स्टाॅफ से इसके लाभ के बारे में जानकारी प्राप्त की।

यह दे रहे सत्त सेवाएं
शिविर को सफल बनाने में चिकित्सालय स्टाॅफ में चिकित्सा अधिकारी डाॅ. दिपेष कठौता एवं डाॅ. राकेष खराड़ी, ओमप्रकाष राठौर, संगीता कलछिया, मंजुला देराश्री, पूजा पाटीदार, चंद्रावती, दषोन्दी, रेखा डामोर, दिनेष डामोर के साथ आसरा से संस्थापक अध्यक्ष राजेष नागर उपस्थित रहकर सेवाएं प्रदान कर रहे है।

 ’राधा कृष्ण मंदिर पर भागवत कथा में बह रही है धर्म की गंगा

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पिटोल । राधा कृष्ण मंदिर पर विगत छह दिनों से राजस्थान तलवाड़ा से पधारे संत शिरोमणि परम पूज्य गोपालक संत श्री रघुवर दास जी महाराज के श्री मुख से भागवत कथा का वाचन चल रहा है जिसमें पिटोल के आसपास के ग्रामीणों के अलावा गुजरात के कठला एवं द्वारा क तवारा आदि गांव से काफी संख्या में लोग कथा सुनने के लिए माताएं बहने पिटोल आ रहे हैं श्री रघुवर दास जी की कथा में झाबुआ जिले के धार्मिक स्थल तपोभूमि पीपल खुटा के संत श्री दयाराम महाराज ने भी कथा श्रवण करने के लिए पिटोल आए कथावाचक संत श्री रघुवर दास जी कहते हैं कि क्यों भारत विश्व गुरु कह लाता है जीवन जीने के लिए हर परिपेक्ष मैं व्यक्ति स्वतंत्र हैं परंतु सहजता से जीवन जीने की कला  बिना धार्मिक मूल्य को धारण किए नहीं आ सकती है वर्तमान में लोगों में जातियों में समाजों में असहिष्णुता दया की कमी करुणा मय  ह्रदय का भाव और दूसरे मनुष्यों के हित आदि माननीय मूल्य कम हो गए या लुप्तप्राय हो गए हैं जिस कारण प्रत्येक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति का शत्रु बना हुआ है भागवत कथा इन्हीं मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ बनाने का ब्रह्मास्त्र है कथा से ह्रदय बुद्धि करुणा प्रेम समर्पण शुद्धता मैत्री आदि पुष्पों को मन के बगीचे में पुष्पित करती है दिल के बाद जब प्रेम का पुष्प खिलता है तब भगवान भंवरे बन कर नित्य मन रूपी बगीचे में ही भ्रमण करते रहते हैं  नाना प्रकार के धर्म भारत में हैं और प्रत्येक धर्म की अपनी-अपनी आस्था और विश्वास है इसलिए मनुष्य को चाहिए कि जिस धर्म में हमारा जन्म हुआ है उसी धर्म का पालन करने में मृत्यु हुए स्वधर्म नींद नम श्रेष्ठ पर धर्मों भया वाह गीता जी में भगवान ने यही बात कही कि जो परिवर्तित हो जाता है वह धर्म नहीं कहलाता है और जो जन्म से प्राप्त धर्म का त्याग  करता है भला वह दूसरे धर्म का मन से आदर कर पाएगा यह संभव नहीं है आजकल धन-संपत्ति शिक्षा उपचार सम्मान आदि का लालच देकर कई क्षेत्रों में धर्म परिवर्तन कराए जाने की बात सामने आ रही है भौतिक लालच के कारण धर्म अपनाया जाता है वह आज नहीं तो कल उन्हीं भौतिक वस्तुओं को लेकर त्यागा भी जा सकता है इसलिए अपने धर्म को मनुष्य को डरता से पकड़कर रहना चाहिए भागवत कथा के सात दिनों में भगवान के अवतारों की कथा है भगवान अपने-अपने अवतार मनुष्य देव पशु-पक्षी आदि योनियों में अलग अलग अवतार में आते हैं इसका कारण यह है कि कोई भी प्राणी भगवान से दूर ना रहे जैसे भगवान ने मत्स्य अवतार लिया तो सभी जल के जीव भगवान को अपना जाति का मान कर जुड़े इसी तरह जब भगवान नरसिंह, अवतार  लिया तो  वन्यजीवों को लगा कि भगवान तो हम जैसे वन्यजीव ही हैं जब भगवान ने मनुष्य का अवतार लिया तब हम मनुष्य को लगा कि भगवान हमारे जैसे मनुष्य ही है प्रत्येक प्राणी भगवान के निकट जाकर उनसे अपने अपनों सा प्रेम करे इसलिए 7 दिनों में प्रभु के प्रमुख 24 अवतार का कथा में वर्णन किया जाता है श्री रघुवर दास जी का त्रिपुरा सुंदरी रोड राजस्थान के तलवाड़ा में  258 गायों की बहुत बड़ी  गौशाला है जिसमें महाराज श्री द्वारा राजस्थान में उदयपुर संभाग में 100 से अधिक गौ संवर्धन केमपो  का  आयोजन किया जाता है महाराज श्री का संकल्प है कि वागड़ क्षेत्र को वृंदावन धाम बनाना है प्रत्येक किसान को गो आधारित कृषि करने के लिए प्रेरित करना अगर झाबुआ प्रशासन द्वारा सरकारी जमीन उपलब्ध करवाता है तो यहां भी बड़ी गौशाला खोलने का संकल्प है और प्रत्येक गांव में गोचर की भूमि उपलब्ध हो जाए प्रत्येक जिला स्तर पर एक गो अभ्यारण बनाया जाए ऐसा संकल्प श्री रघुवर दास जी ने गौ सेवा के लिए ले रखा है शासन को प्रशासन को इस कार्य हेतु विचार करना चाहिए।

आमिल साहब की सदारत में हुई मजलिस

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मेघनगर । दाऊदी बोहरा समाज के मोहरम में सदर बाजार स्थित जेनी मस्जिद पर 10  दिनों तक रोजाना समाज के 53 में धर्मगुरु सैयदना आली कदर मुफद्दल सैफुद्दीन  साहब की राजा मुबारक से आए शेख जोहर भाई कुक्षी वाले ने वहाज फरमाए साथी  सैयदना साहब की भी वहाज समाज जनों को सुनने वाले देखने को मिली मोहर्रम के 10  दिन बाद बोहरा समाज के  अध्यक्ष  वाली मुल्ला ने  जानकारी  देते हुए  बताया कि इमाम हुसैन के तिजीये की मजलिस का आयोजन बुधवार को हुआ जिसमें थांदला मिल साहब शेख अली हुसेन भाई खेड़ी वाला ने सदारत की साथी मोहरम 1441 की नियाज की खिदमत जुजर भाई हाजी मोईज भाई द्वारा करने पर उन्हें जमात द्वारा शाल ओढ़ाई  गई पश्चात समाज का सामूहिक भोजन भी जमात खाने में हुआ।

जिला आजाद साहित्य परिषद् द्वारा ‘ना-जायज’ का दर्द की समीक्षा एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन 14 सितंबर को

झाबुआ। जिला आजाद साहित्य परिषद् द्वारा जिले के वरिष्ठ साहित्यकार यषवंत भंडारी ‘यष’ की काव्य कृति ‘ना-जायज का दर्द’ की समीक्षा एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन आगामी 14 सितंबर को हिन्दी दिवस के अवसर पर किया जाएगा। जानकारी देते हुए आजाद साहित्य परिषद् के सचिव शरत शास्त्री ने बताया कि आयोजन थांदला गेट स्थित जिला पेंषनर कार्यालय पर दोपहर 11 बजे से आरंभ होगा।  जिसमें परिषद् के समस्त पदाधिकारी-सदस्यों के साथ साहित्यकारों और गणमान्य नागरिकजनों से उपस्थित रहने की अपील की गई है।

किसान जल निकास हेतु उचित दूरी पर नालिया बनाए
   
झाबुआ । कृषि विज्ञान केन्द्र झाबुआ द्वारा किसानो को सलाह दी गई है कि आगामी पांच दिन आसमान मे मध्यम से घने बादल रहने ,तापमान सामान्य रहने व भारी वर्षा होने की संभावना है। भारी वर्षा के जल के निकास हेतु खेत में उचित दूरी पर नालिया बनाए व इसका निकास खेत से बाहर करे। खरीफ फसलो में कीट के आक्रमण की संभावना अधिक है अतः निगरानी रखे व मौसम खुलने पर कीट नियंत्रण हेतु अनुषंसित कीटनाषक का प्रयोग करे। टमाटर ,भिण्डी ,बैगन, पालक, ग्वारफली, कद्दूवर्गीय सब्जियो एवं हरी मिर्च, अदरक एवं हल्दी की फसल में जल निकास हेतु उचित दूरी पर नालिया बनाए एवं अनुषंसित मात्रा में उर्वरक दे। दुधारू पषुओ को हरा चारा 25 किलो प्रति पषु प्रति दिन व संतुलित आहार एवं मिनरल की आपूर्ति हेतु 50 ग्राम प्रति पषु के हिसाब से मिनरल मिश्रण की खुराक दे।

पैरामिलिट्री फोर्स चयन परीक्षा 13 सितम्बर को
      
झाबुआ । कलेक्टर श्री प्रबल सिपाहा ने बताया कि कक्षा 12 वी में अध्ययनरत बालिकाओ के लिए पैरामिलिट्री फोर्स चयन परीक्षा का आयोजन 13 सितम्बर को किया जाएगा। इस हेतु लिखित परीक्षा 13 सितम्बर को प्रातः 10ः30 बजे से कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झाबुआ में आयोजित होगी। फिजिकल एवं लिखित परीक्षा में चयन पष्चात बालिकाएॅ 18 सितम्बर 2019 से 18 जनवरी 2020 तक कन्या उ.मा.वि. झाबुआ में निःषुल्क कोचिंग प्राप्त करेगी। सप्ताह में 4 दिवस प्रातः 06ः30 से 08ः00 बजे तक एवं रविवार को 2 घंटे बालिकाओ को डीआरपी लाइन झाबुआ में फिजिकल प्रषिक्षण प्रदान किया जायेगा। कोचिंग का समय सामान्य प्रतिदिन प्रातः 08ः00 से 10 बजे तक रहेगा। बालिकाओ की सहमति के आधार पर षाम का समय भी रखा जा सकता है। संस्था में व्यावसायिक षिक्षा की नोडल पैरामिलिट्री कोचिंग के लिए प्रभारी रहेगी।

सातवी आर्थिक गणना प्रारंभ हो गई है प्रगणक को सही-सही जानकारी दे
     
झाबुआ । भारत सरकार सांख्यिकी कार्यक्रम मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा जारी निर्देषो के अनुसार सातवी आर्थिक गणना अगस्त/सितम्बर 2019 और नवंबर/दिसंबर 2019 के दौरान आयोजित की जाएगी। जिले की भौगोलिक सीमा के भीतर आर्थिक गतिविधियो से संबंधित जानकारी निर्धारित प्रारूप में मोबाईल एप्लिकेषन की मदद से घर-घर जाकर सर्वे के माध्यम से नागरिक सुविधा केन्द्रो (बेब) द्वारा नियुक्त किए गए प्रगणको/पर्यवेक्षको द्वारा एकत्रित/सत्यापित की जाएगी। इसलिए नागरिको से अनुरोध है कि वे उन्हे सही जानकारी प्रदान करे। आर्थिक गणना से एकत्र की गई जानकारी जिले में उदयमो की वास्तविक आर्थिक स्थिति प्राप्त करने में मदद करेगी। एकत्र की गई आर्थिक गतिविधियो में लगे लोगो के जीवन स्तर को सुधारने के लिए नीति निर्माण में बहुत सहायक होगी, और रोजगार के अवसर पैदा करने में भी मदद करेगी। आपके द्वारा प्रदाय की गई जानकारी को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा। इस संबंध में आप आष्वस्त रहे। झाबुआ के सभी नागरिको से कलेक्टर श्री प्रबल सिपाहा ने अपील की है, कि आप सातवी आर्थिक गणना 2019 के लिए नियुक्त किए गए प्रगणको और सुपरवाईजरो को अपना सहयोग और समर्थन देवे और सही जानकारी प्रदान करे ताकि जिले में आर्थिक गणना का कार्य निर्धारित समय सीमा और गुणवता के साथ पूरा किया जा सके।

पात्रता पर्चीधारी परिवारो का होगा सत्यापन अयोग्य परिवार होंगे योजना से बाहर
   
झाबुआ । जिले में 18 से 28 सितम्बर तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अंतर्गत सम्मिलित पात्रता पर्चीधारी परिवारों का सत्यापन घर-घर पहुंचकर किया जायेगा। इस दौरान पात्रता पर्चीधारी परिवार को संबंधित दस्तावेजो, प्रमाण पत्रों को दल के सदस्यो को बताना होगा। इस दौरान संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नही कराने वाले परिवारो को इस योजना से पृथक किया जायेगा। जिला आपूर्ति अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत 25 श्रेणी के परिवारो को पात्र परिवार के रूप में सम्मिलित किया गया है, इन पात्र परिवारो लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अत्यन्त रियायती दर पर खाद्यान्न के साथ-साथ अन्य सामग्रियो का वितरण किया जा रहा है। लाभ वास्तविक पात्र एवं जरूरत मंद गरीब परिवारो तक पहुंचाया जाना अत्यन्त आवश्यक है। इसलिये पात्रता पर्चीधारी पात्र परिवारो की पात्रता का सत्यापन करने हेतु अभियान चलाकर अपात्र व मौके पर निवास न करने वाले परिवारो के विलोपन हेतु यह अभियान चलाया जायेगा। अतः जिले के समस्त पात्रता पर्चीधारी पात्र परिवारो से अनुरोध है कि 18 से 28 सितम्बर तक सत्यापन दलो द्वारा घर-घर जाकर किये जाने वाले सत्यापन के दौरान कृपया इस अवधि में अपने परिवार के सदस्यो पर जिस श्रेणी में उनको पात्रता पर्ची जारी है, उससे संबधित दस्तावेजोध्प्रमाण पत्रो सहित अपने निवास पर उपलब्ध रहने का कष्ट करें। जिससे सत्यापन के पश्चात् उन्हें परेशान न होना पडे।

अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के लिये षैक्षणिक संस्थाओ को जारी होगे नए लाॅगिन आईडी एवं पासवर्ड
    
झाबुआ । प्रभारी अधिकारी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग पिंकी डिन्डोर ने बताया कि भारत सरकार अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय नई दिल्ली के माध्यम से संचालित अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजनाये वर्ष 2019-20 हेतु भारत सरकार द्वारा निर्मित दंजपवदंस ेबीवसंतेीपच चवतजंस पर पंजीकृत षैक्षणिक संस्थाओ को लाॅग इन आईडी एवं पासवर्ड प्रदान किये जायेगे। संबंधित षैक्षणिक संस्थाओ को पूर्व में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति पोर्टल से प्रदत्त लाॅगिन आईडी एवं पासवर्ड के साथ-साथ संस्थाओ के ई-मेल आईडी एवं मोबाईल नम्बरो को भारत सरकार द्वारा छात्रवृत्ति पोर्टल से निरस्त किया गया है। जिन षैक्षणिक संस्थाओ के पास वैद्य डाईस कोड नही है, उन्हे अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति  पोर्टल से अपंजीकृत किया जायेगा। लेकिन षैक्षणिक संस्थाओ द्वारा वैद्य डाईस कोड प्राप्त करने के पष्चात छात्रवृत्ति पोर्टल पर संस्थाओ को पंजीकरण हेतु प्रावधान किया गया है। प्रत्येक षैक्षणिक संस्था विद्यालय/महाविद्यालय/विष्वविद्यालय के अधीकृत छात्रवृत्ति नोडल अधिकारी द्वारा अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति पोर्टल पर आॅनलाईन  फाॅर्म अपनी संस्था से संबंधित संपूर्ण जानकारी के साथ भरे।

उपाय ऐप रू बिजली संबंधी शिकायतों का समाधान अब और आसान
    
झाबुआ । बिजली फॉल्ट एवं बिल संबंधी शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नंबर 1912 और 0755-2551222 के साथ ही मोबाइल एप “उपाय (न्च्।ल्)’’ पर भी शिकायतें दर्ज होंगी। इस एप से उपभोक्ता अपनी शिकायत सीधे कॉल सेंटर में दर्ज करा सकते हैं। कंपनी के आईटी विभाग द्वारा इस एप के जरिए उपभोक्ताओं को बिजली बिल भुगतान के अलावा विद्युत अवरोध एवं बिलिंग संबंधी शिकायतें दर्ज कराने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। उपाय (न्च्।ल्) एप को गूगल प्ले स्टोर से फ्री में डाउनलोड किया जा सकता है। इस एप को भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के बिजली उपभोक्ता उपयोग कर सकेंगे। एप में उपभोक्ता बिल में दर्ज आईवीआरएस या उपभोक्ता आईडी नंबर सबमिट करने से उपभोक्ता के कनेक्शन के सभी विवरण स्वतः खुल जाएंगे। यदि बिजली उपभोक्ता की शिकायत अन्य व्यक्ति या अन्य पते की है, तो अन्य व्यक्ति को शिकायत दर्ज कराने के लिए एप में अपने मोबाइल नंबर को दर्ज करना होगा। अपने सभी विवरण दर्ज कराने होंगे।  शिकायत के पते के लिये उपभोक्ता को शहरध्क्षेत्रध्कॉलोनी एवं मकान नंबर की जानकारी भरनी होगी। इसके बाद अपनी समस्या या मांग के अनुरूप शिकायत की श्रेणी चुनना होगा। ऐसा करने पर समस्या या मांग दर्ज हो जाएगी एवं एसएमएस से शिकायत दर्ज होने की पुष्टि होगी। शिकायत दर्ज होने के बाद अगले कुछ ही समय में कंपनी के कॉल सेंटर से कॉल आएगा। शिकायत वेरिफाई की जाएगी और उसे संबंधित बिजली जोन में फॉरवर्ड कर दिया जाएगा। इस एप के जरिए उपभोक्ता अपनी शिकायत की स्थिति भी जान सकेंगे। उपाय एप के जरिए उपभोक्ता बिजली संबंधी शिकायतें दर्ज करने के साथ ही ऑनलाइन बिजली बिल का भुगतान भी कर सकेंगे।

अति वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़क¨ं की मरम्मत 30 नवम्बर तक सुनिश्चित ह¨गी
    
झाबुआ । मुख्य सचिव श्री एस.आर. म¨हंती ने प्रदेश में अति वृष्टि अ©र अनेक जगह¨ं पर बाढ़ की स्थिति के बनने से क्षतिग्रस्त ग्रामीण अ©र शहरी क्षेत्र¨ं की सड़क¨ं की मरम्मत का कार्य 30 नवम्बर तक आवश्यक रूप से पूरा करने के निर्देश दिये हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क¨ं की मरम्मत का कार्य 15 से 20 सितम्बर के बीच आवश्यक रूप से शुरू किया जाना सुनिश्चित किया जाये। संबंधित विभाग 15 सितम्बर से मरम्मत का कार्य शुरू करने के लिए अभी से प्रक्रियागत कार्यवाही पूरी कर आवश्यक तैयारियाँ करें। अति वृष्टि अ©र बाढ़ से प्रदेश में अनेक जगह¨ं पर नगरीय अ©र ग्रामीण क्षेत्र¨ं में सड़क¨ं क¨ क्षति पहुँची है। उन्ह¨ंने कहा कि अति वर्षा अ©र बाढ़ की स्थिति बनने से क्षतिग्रस्त हुई सड़क¨ं का आकलन कर सभी संबंधित विभाग मरम्मत की कार्यवाही तत्काल शुरू करें। इस संबंध में मुख्य रूप से ल¨क निर्माण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास अ©र नगरीय प्रशासन  एवं विकास विभाग शामिल हुए।

उपभ¨क्ता जागरूकता संगठन¨ं से आॅनलाईन प्रस्ताव आमंत्रित
    
झाबुआ। उपभ¨क्ता हित¨ं के संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में कार्यरत स्वैच्छिक उपभ¨क्ता संगठन¨ं से आॅनलाईन प्रस्ताव आमंत्रित किए गये हैं। प्रस्ताव 25 सितम्बर 2019 तक वेबसाइट रंहवहतंींारंहव.हवअ.पद/बू िपर भेजे जा सकते हैं। संचालक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभ¨क्ता संरक्षण ने बताया कि भारत सरकार द्वारा उपभ¨क्ता हित संरक्षण की गतिविधिय¨ं में संलग्न संगठन¨ं क¨ वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

डेंगु से बचाने हेतु सावधानी बरतना आवश्यक
     
झाबुआ । डेंगु डेन वायरस से फैलने वाली वायरस जनित संक्रामक रोग है, जो डेंगु संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में संचारी होता हैं। यह रोग संक्रमित मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर दिन के समय प्रायः सुबह व शाम के समय काटता है। डेंगु का कोई टीका या दवा नहीं है। एडीज मच्छर के काटने से बचाव व संक्रमित मच्छरों के लार्वा का विनिष्टीकरण ही इसका एकमात्र उपाय हैं। एक बार शरीर में डेन वायरस का संक्रमण होने के बाद डेंगु बुखार के लक्षण  5-6 दिन पश्चात् प्रकट होते हैं। इस हेतु घबराने की जरूरत नहीं होती हैं इस अवस्था में रोगी को मच्छरदानी में पूर्ण आराम करने व जल-उपचार(जैसे-षिकंजी, नीबु पानी, ओआरएस, नारियल पानी, ग्लुकोस इत्यादि के द्वारा शरीर में जल की पूर्ति ) करने की सलाह दी जाती हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बारिया ने बताया कि आमजन को डेंगु से बचाव के लिये निम्न सावधानियां बरतना चाहिए - डेंगु मच्छर के लार्वा घर के साफ पानी में पनपते है, घरों में लंबे समय तक बर्तनों में जल संग्रह ना करें, कुलर की पुरानी घास जला दें क्योंकि पुरानी घासों में डेंगु मच्छर का अंडे सूखी अवस्था में भी जीवित रहते है तथा कुलर का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य ही खाली करें, घर के अंदर रखें बर्तनों, पक्षियों के सिकोरों व मवेशियों को पानी पिलाने के टंकियों व कंटेनरों की साफ सफाई रखें, घर के आसपास पानी जमा न होने दे निकासी की व्यवस्था करे निकासी न होने पर उसमें जला हुआ तेल/कैरोसीन डाल दें संक्रमण काल को देखते हुये स्वयं एवं स्कुली बच्चों को फुल आस्तीन के कपडें पहनायें क्योंकि बच्चों में प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होने के कारण यह सबसे पहले बच्चो को अपना शिकार बनाता हैं। घर की खिडकियों दरवाजों पर मच्छरप्रूफ जाली लगायें तथा घर में मच्छर भगाने वाली मेट ,काइल, लिक्विड का उपयोग अवश्य करे तथा सोते समय मच्छरदानी लगायें।

डेंगु बीमारी के लक्षण
सामान्य प्रकार के डेंगु में तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे की ओर दर्द, शरीर पर लाल चकते या दाने, जोडों व मांसपेशियों मे दर्द होना दिखाई देता हैं। जब डेंगू घातक अवस्था में पहुँचता है तो उक्त लक्षणों के साथ-साथ मसुडों व आंतो से रक्त स्त्राव का होना अथवा खून में प्लेटलेट का कम होना लक्षण पाये जाते है इसमें तत्काल मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार लेना चाहिये।

ई-आॅफिस कार्यप्रणाली के लिए 09 से 27 सितम्बर तक कर्मचारियो को प्रषिक्षण दिया जाएगा
    
झाबुआ । जिला कार्यालयो में कार्यवाही त्वरित गति से किए जाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किए जाने के उदेष्य से ई-आॅफिस कार्यप्रणाली लागू किया जाना है। इसके लिए बेसिक कम्प्यूटर प्रषिक्षण क्षेत्रीय क्षमता संवर्धन केन्द्र (ई-दक्ष केन्द्र) पुराना सामुदायिक भवन, उत्कृष्ट विद्यालय के सामने झाबुआ में 09 से 27 सितम्बर 2019 तक समस्त कार्यदिवस में प्रातः 10ः30 बजे से 12ः30 तक आयोजित किया जाएगा। जिला मुख्यालय के आवक-जावक षाखा के कर्मचारियो कीे इस प्रषिक्षण में उपस्थिति सुनिष्चित करने के लिए सभी कार्यालय प्रमुखो को कलेक्टर प्रबल सिपाहा ने आदेषित किया है।

मुख्यमंत्री नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के मेन्टर्स पर हेतु आवेदन आमंत्रित
     
झाबुआ । महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम की कक्षा का संचालन उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झाबुआ में की जा रही है। उन कक्षाओ में पढाने हेतु विषय विधि साक्षरता के लिये मेन्टर्स की आवष्यकता है। अतः विषय से संबंधित इच्छुक अभ्यर्थी मेन्टर्स पद हेतु आवेदन महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यालय में प्रेषित करे। प्रषिक्षण प्राप्त एवं अनुभवी मेन्टर्स को प्राथमिकता दी जायेगी।

ईवीपी मोबाइल एप से मतदाता घर बैठे जोड़ सकता है मतदाता सूची में अपना नाम
    
झाबुआ । भारत सरकार द्वारा ईवीपी (म्समबजवते टमतपपिबंजपवद च्तवहतंउउम) मोबाइल ऐप शुरु की गई है। इस मोबाईल एप के माध्यम से मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में घर बैठे ही जोड़ सकते हैं। साथ ही अगर किसी मतदाता को मतदाता कार्ड में अपना फोटो चेंज करना हो, नाम चेंज करना हो, पता चेंज करना हो। सभी प्रकार का चेंज घर बैठे कर सकते हैं। मोबाइल ऐप में चेंज करने के पश्चात संबंधित बीएलओ द्वारा उसका वेरिफिकेशन होगा।

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