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बुधवार, 25 सितंबर 2019

झारखंड में एक बार फिर हुई मॉब लिंचिंग में 3 लोगों को बुरी तरह पीटा, एक की मौत

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रांची (आर्यावर्त संवाददाता) भारत के पूर्वोत्तर राज्य झारखंड राज्य में पशु शव से मीट निकालकर ले जाने वालों को गोमांस बेचने की अफवाह में  एक कलंतुस बरला की मौत हो गई और फिलिप होरो व फागु कच्छप नामक दो क्रिश्चियन गंभीर रूप से घायल हो गये हैं.तीनों को प्रतिबंधित मांस बेचने के शक में हुई जमकर पिटाई. खूंटी जिले में जलतानदा सुआरी गांव की घटना है.यहां से मॉब लिंचिंग (Mob Lynching) का  मामला सामने आया है. इस मामले में  कलंतुस बरला एक शख्स की मौत हो गई और  फिलिप होरो व फागु कच्छप नामक 2 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. तीनों लोगों पर ग्रामीणों को शक था कि वो प्रतिबंधित मांस बेच रहे थे. जबकि वास्तविकता है कि पशु शव से मीट ले जा रहे थे.  यह जानकारी डीआईजी होमकर अमोल वेनुकांत ने रविवार को दी. होमकर ने कहा, 'सुबह 10 बजे कर्रा पुलिस स्टेशन के प्रभारी को कुछ ग्रामीणों ने जानकारी दी कि कुछ लोग प्रतिबंधित मांस बेच रहे हैं और ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया है और उनकी पिटाई हो रही है. पुलिस जब वहां पहुंची तो पाया कि तीन लोगों की गांववालों ने पिटाई कर दी है. दो लोगों को इलाज के लिए रांची के रिम्स भेजा गया. कलंतुस बरला एक शख्स की इलाज के लिए ले जाने के दौरान मौत हो गई.'  उन्होंने कहा, 'हम संदिग्धों के आधार पर छापेमारी कर रहे हैं. 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उनसे पूछताछ की जा रही है. इसके अलावा बाकी लोगों को पकड़ने के लिए टीमें बनाई गई हैं.' वहीं स्थानीय पुलिस के अनुसार, तीन ईसाइयों पर रविवार सुबह जालतांद सुआरी गांव में 12 से 15 लोगों के एक समूह ने हमला किया था.भीड़ ने एक नदी के किनारे के बाजार में ईसाइयों को गोमांस बेचने का आरोप लगाया और उन्हें बुरी तरह से पीटा.कथित तौर पर भीड़ कथित रूप से ग्रंथों और व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से एक कथित गौ हत्या की अफवाह के बाद पड़ोसी गांवों से आई थी.  बताते चले कि 2014 में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद से भारत में गौ हत्या के झूठे आरोपों में नाटकीय रूप से वृद्धि हुई है। भाजपा नेताओं द्वारा इस्तेमाल किए गए गोरक्षा संबंधी बयान और गोरक्षा कानून के कट्टरपंथी हिंदू राष्ट्रवादियों ने अल्पसंख्यक वर्ग को निशाना बनाने के लिए कट्टरपंथी हिंदू राष्ट्रवादियों को उकसाया है। जो समुदाय फिर गायों को हिंदुओं के रूप में नहीं देने का आरोप लगाते हैं। इससे पहले  अप्रैल माह में प्रकाश लकड़ा भी भीड़ के हत्थे चढ़ चुका है.गुमला में मृत बैल का मांस निकाला था. 18 जून को झारखंड के सरायकेला-खरसावां में बाइक चोरी के आरोप में भीड़ की पिटाई के एक सप्ताह बाद 22 वर्षीय तबरेज अंसारी की भी मौत हो गई थी. तबरेज पूना में वेल्डर का काम करता था और घटना के समय अपने गांव आया हुआ था.

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