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शुक्रवार, 27 सितंबर 2019

विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत : कोविंद

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नयी दिल्ली, 26 सितंबर, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी संतोषजनक स्तर पर नहीं होने का हवाला देते हुये कहा है कि इसके लिये पुख्ता कदम उठाने की जरूरत है, जिससे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं और छात्राओं की भागीदारी को बेहतर किया जा सके।  कोविंद ने बृहस्पतिवार को विज्ञान एवं ओद्यौगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के 77वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुये कहा, ‘‘हमारी किसी भी सफलता का तब तक कोई अर्थ नहीं होगा, जब तक कि उसके अवसरों में छात्राओं की समान भागीदारी न हो। राष्ट्रपति के रूप में मुझे देश भर में शिक्षण संस्थाओं के दीक्षांत समारोहों में जाने का अवसर मिलता है, इनमें से अधिकांश दीक्षांत समारोहों में मैंने पाया कि अधिकांश पुरस्कार छात्राओं की झोली में जाते हैं।’’ 

राष्ट्रपति ने घर घर में अपनी ख्याति पहुंचाने वाली चंद्रयान मिशन की परियोजना निदेशक ए वनिता और मिशन निदेशक रितु करिंदल का जिक्र करते हुये कहा, ‘‘अभी भी व्यापक तौर पर विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी के क्षेत्र में महिलाओं और छात्राओं की भागीदारी संतोषजनक नहीं है, हमें इसके लिये पुख्ता कदम उठाने होंगे जिससे महिलाओं की समान भागीदारी को सुनिश्चित किया जा सके।’’  कोविंद ने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित किये जाने पर हमारी वैज्ञानिक उपलब्धियां न सिर्फ समग्र होंगी बल्कि अपेक्षा के अनुरूप होंगी। इस दौरान राष्ट्रपति ने सीएसआईआर द्वारा विभिन्न श्रेणियों में हर साल दिये जाने वाले पुरस्कारों से वैज्ञानिकों को सम्मानित किया।  इस अवसर पर जीव विज्ञान के क्षेत्र में लखनऊ स्थित केन्द्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डा. बिद्युत पुरकैत और दिल्ली स्थित जीनोमिक और समवेत जीव विज्ञान संस्थान की डा. लिपि ठुकराल को संयुक्त रुप से सीएसआईआर युवा वैज्ञानिक पुरस्कार 2019 से नवाजा गया।  इस श्रेणी में रसायन विज्ञान के क्षेत्र में हैदराबाद स्थित भारतीय रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्थान के डा.जॉन मंडल तथा तिरुवनंतपुरम स्थित राष्ट्रीय अंतर्विषयी विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी संस्थान के डा. शशिधर बी एस और भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में दुर्गापुर स्थित केन्द्रीय यांत्रिक अभियांत्रिकी संस्थान की वैज्ञानिक डा शिखा को युवा वैज्ञानिक पुरस्कार दिया गया। इनके अलावा राष्ट्रपति कोविंद ने हैदराबाद स्थित कोशिकीय एवं आणविक जीव विज्ञान केन्द्र के प्रो. अमिताभ चट्टोपाध्याय को जीव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिये जी एन रामचंद्रन स्वर्ण पदक 2019 से सम्मानित किया गया। इस दौरान विज्ञान के क्षेत्र में सृजनात्मक अभिरुचि के जरिये अनूठे प्रयोग करने वाले 17 स्कूली छात्रों को भी सीएसआईआर नवोन्मेष पुरस्कार दिया गया।  इस अवसर पर विज्ञान एवं तकनीक और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डा. हर्षवर्धन, सीएसआईआर के महानिदेशक शेखर सी मांडे और भारत सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार के विजय राघवन भी मौजूद थे। इस दौरान डा. हर्षवर्धन ने सीएसआईआर की उपलब्धियों का जिक्र करते हुये कहा कि प्लास्टिक कचरे से ईंधन बनाना हो या पेट्रोल डीजल से चलने वाले वाहनों के इंजन को इलेक्ट्रिक इंजन में तब्दील करने की चुनौती को पूरा करना हो, सीएसआईआर की उपलब्धियां उल्लेखनीय हैं। 

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