विपक्ष के दिमाग में ही सिर्फ कश्मीर में पाबंदी : अमित शाह - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

सोमवार, 30 सितंबर 2019

विपक्ष के दिमाग में ही सिर्फ कश्मीर में पाबंदी : अमित शाह

only-opposition-have-ban-in-kashmir-amit-shah
नयी दिल्ली, 29 सितंबर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के दिमाग में ही सिर्फ जम्मू-कश्मीर में पाबंदी है और यही लोग राज्य के बारे में अफवाह फैला रहा हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एक सेमीनार को संबोधित करते हुए श्री शाह ने कहा, “पांबदियां कहां है? यह सिर्फ आपके दिमाग में है। यहां कोई पांबदी नहीं है, सिर्फ अफवाह फैलायी जा रही है।” उन्होंने कहा कि पांच अगस्त से वहां एक भी गोली नहीं चली है। राज्य के 196 में से सिर्फ आठ पुलिस थाने में पांबदी है जहां धारा 144 लगायी गयी है। कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 हटाने के बारे में बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमारे इस फैसले का दुनिया भर ने समर्थन किया है और आने वाले समय में कश्मीर देश के सबसे विकसित राज्यों में होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री के कड़े फैसले के कारण ही संभव हो सका है और उनकी संयुक्त राष्ट्र महासभा की यात्रा के दौरान दुनिया भर के देशों ने कश्मीर मुद्दे पर भारत का समर्थन किया है। श्री शाह ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र में सभी देशों के नेता सात दिनों तक जुटे लेकिन किसी एक देश ने भी जम्मू-कश्मीर का मुद्दा नहीं उठाया। यह प्रधानमंत्री की एक बड़ी कूटनीतिक जीत है।” विपक्ष द्वारा कश्मीर में मानव अधिकार हनन के दावे पर उन्होंने कहा कि राज्य में आतंकवादियों के कारण 41 लाख लोगों की जान चली गयी लेकिन उस वक्त किसी ने भी हमारे जवानों और शहीद की विधवाओं के खिलाफ हुए मानव अधिकार के उल्लंघन पर आवाज उठायी। श्री शाह ने कहा, “कुछ लोग राज्य में मोबाइल सेवा बंद होने के कारण हल्ला मचा रहे हैं और इसे मानव अधिकार का हनन बता रहे हैं जबकि इसे सुरक्षा कारणों के चलते बंद किया गया है। राज्य में मोबाईल सेवा बंद होना मानव अधिकार का उल्लंघन नहीं है।” उन्होंने साथ ही कहा राज्य में 10000 लैंडलाइन सेवा कोे चालू किया गया है जबकि पांच अगस्त के बाद 6000 पीसीओ स्थापित किए गए हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...