मधुबनी : पशु तस्करी रोकने को लेकर कार्यशाला का आयोजन - Live Aaryaavart

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बुधवार, 11 सितंबर 2019

मधुबनी : पशु तस्करी रोकने को लेकर कार्यशाला का आयोजन

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मधुबनी (आर्यावर्त संवाददाता)  समाहरणालय सभाकक्ष, मधुबनी में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा डब्ल्यू0पी0(सी0) 881/2014 में पारित आदेश के आलोक में बिहार-नेपाल सीमावर्ती जिलों में पशु तस्करी रोकने हेतु तथा नेपाल के बरियारपुर में होनेवाले गढ़ीमाई मेला में वृहत पैमाने पर पशु बलि रोकने हेतु मधुबनी जिले के सभी पुलिस पदाधिकारियों एवं सभी पशुपालन पदाधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए पीपुल फोर एनिमल के तरफ से एक दिवसीय कार्यशाला का जिला पदाधिकारी, मधुबनी की अध्यक्षता में आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन श्री दुर्गानंद झा, अपर समाहत्र्ता, मधुबनी, क्षेत्रीय निदेशक,पशुपालन दरभंगा, गौरी मौलिखि, जिला पशुपालन पदाधिकारी, मधुबनी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। उक्त एक दिवसीय कार्यशाला में पशु क्रूरता एवं पशुओं के परिवहन से संबंधित नियमों तथा अन्य विंदुओं पर उपस्थित पदाधिकरियों को आवश्यक जानकारी दी गयी। साथ ही उपस्थित पदाधिकरियों को पशुओं के तस्करी के दौरान पकड़े जाने की स्थिति में उन्हें गौशालाओं में भेजने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गयी। जिसमें बताया गया कि पकड़े गये पशुओं का जब्ती सूची तैयार की जायेगी तथा पंचनामा बनाया जायेगा, पशुओं की पहचान के लिए एक यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर पशु चिकित्सा विभाग के पदाधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा साथ ही उसका स्वास्थ्य से संबंधित प्रमाण पत्र एवं पकड़े जाने के दौरान उनकी तस्वीर आदि का संकलन करना अनिवार्य है।  इसके साथ ही संबंधित पशु तस्कर से संबंधित पशुओं के रखरखाव एवं भोजन और परिवहन पर होने वाले व्यय की भी राशि को तीन दिनों के अंदर जमा करने से संबंधित नोटिस निर्गत किया जायेगा। राशि नहीं जमा करने की स्थिति में कथित पशु तस्कर का उक्त पशुओं पर कोई दावा नहीं रहेगा। इसके साथ ही सभी पदाधिकारियों को पशुबधशालाओं के संचालन के नियम एवं कायदे बताये गये। साथ ही उन नियमों पर अमल करने हेतु भी निदेश दिया गया। इस कार्यशाला में प्रमुख वक्ता के रूप में गौरी मौलिखी एवं प्रीति सिन्हा उपस्थित थी।

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