झारखण्ड : साइबर क्राइम में जिला पुलिस को मिली कामयाबी, एसपी ने किया खुलासा - Live Aaryaavart

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बुधवार, 30 अक्तूबर 2019

झारखण्ड : साइबर क्राइम में जिला पुलिस को मिली कामयाबी, एसपी ने किया खुलासा

- देवघर जिला के दो अंतराज्यीय साइबर अपराधी गिरफ्तार- जियो आफिस की बात कह लक्की,ड्रा रिचार्ज के नाम पर करता था ठगी
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गोड्डा (आर्यावर्त संवाददाता) : जिला पुलिस ने साइबर अपराध पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एसपी शैलेन्द्र प्रसाद वर्णवाल के निर्दश पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महागामा व पथरगामा थाना में पूर्व में दर्ज दो मामले का खुलासा करते हुए साइबर अपराध में धोखाधड़ी कर ठगी मामले में देवघर जिला के दो साइबर अपराध कर्मी को गिरफ्तार किया है। जिसका अंतराज्यीय नेटवर्क बताया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपी में देवघर के सारठ थाना अंर्तगत नवादा के मोजीब अंसारी व उमरगुल को को गिरफ्तार किया है। जिसके पास से छह चेक भरा हुआ व एक खाली बरामद किया गया है। पुलिस दो एनराएड मोबाइल भी बरामद किया है। दोनों कि गिरफ्तारी महागामा व पथरगामा थाना में दर्ज मामले में की गयी है। जो इसी साल 25 अगस्त व 2 फरवरी को दर्ज की गयी थी। जानकारी देते हुए एसपी शैलेन्द्र प्रसाद वर्णवाल ने बताया कि पूर्व े में अंकित साइबर अपराध से जुड़े कांड की समीक्षा की जा रही थी। जहां महागामा व पथरगामा थाना में दर्ज मामले की समीक्षा के बाद देवघर जिले के सारठ थाना के नवादा गांव के दो युवक का नाम सामने आया। इसके बाद उनके स्तर से आरोपी कि गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन कर देवघर भेजा गया। बताया कि टीम ने तकनीकी साक्ष्य के आधार पर नवादा के टिटकोरिया पूल के पास से मोजीब व उमरगुल को गिरफ्तार किया गया। बताया कि मोजीब ने पुछताछ में पुलिस को को महागामा व पथरगामा थाना में दर्ज साइबर अपराध के मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। प्राथमिक में उल्लेखित अपराध के प्रकृति के अनुरूप अन्य बात बतायी। एसपी ने बताया कि लोगों से साइबर अपराध करने की बात स्वीकार की जहां बैंक का पदाधिकारी बनकर दोनों आरोपी चाचा-भतीजा लोग से मिलकर कई अपराध किया।  एसपी ने कहा कि दोनों आरोपी ने साइबर अपराध के लिए लक्की ड्रा रिचार्ज कूपन का प्रलोभन देकर साइबर अपराध किया और पैसा की ठगी की। खुद को दोनों जियो आफिस आदमी बताता था। पुलिस जिला में अन्य साइबर अपराध के मामले की दाेनों आरोपी के संलिप्तता की जांच की जा रही है। साइबर क्राइम मामले में जिला के अलावा असम बिहार व राज्य के अन्य जिला में दस मामले में इसकी संलिप्ता सामने आयी है।

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