दस अक्तूबर के बाद मानसून की वापसी संभावित - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 3 अक्तूबर 2019

दस अक्तूबर के बाद मानसून की वापसी संभावित

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नयी दिल्ली, दो अक्टूबर, इस साल लगभग चार महीने के बारिश के मौसम में दक्षिण पश्चिम मानसून की सामान्य से अधिक बारिश दर्ज होने के बाद दस अक्टूबर से वापसी की संभावना व्यक्त की गयी है।  मौसम विभाग ने उत्तर, मध्य एवं उत्तर पश्चिम भारत में आगामी चार अक्टूबर के बाद से मानसून की गति शिथिल पड़ने के पूर्वानुमान के आधार पर दक्षिण पश्चिम मानसून की वापसी दस अक्टूबर के बाद शुरु होने की संभावना जतायी है। मौसम विभाग में उत्तर क्षेत्र की पूर्वानुमान इकाई के प्रमुख वैज्ञानिक कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि चार अक्टूबर के बाद मानसून की संभावित गतिविधि को देखते हुये पश्चिमी राजस्थान से 10 अक्टूबर के बाद मानसून की वापसी शुरु हो सकती है।  हालांकि श्रीवास्तव ने कहा कि अगले 48 घंटों के दौरान पूर्व उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में अत्याधिक बारिश की चेतावनी जारी की गयी है। इन इलाकों में पिछले दो दिनों से जबरदस्त बारिश का दौर जारी है।  मानसून की बारिश इस साल पूर्वानुमान से अधिक होने के बारे में उन्होंने बताया कि 30 सितंबर तक पूरे देश में सामान्य से 109 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गयी। इस मामले में हरियाणा और दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में बारिश की 40 प्रतिशत कमी दर्ज की गयी। उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों में दिल्ली और आसपास के इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश का ही अनुमान है।  उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग एवं मौसम से जुड़ी निजी एजेंसी ‘स्काइमेट’ ने दक्षिण पश्चिम मानसून के सक्रिय होने से पहले सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई थी। मौसम विभाग द्वारा अप्रैल में जारी पूर्वानुमान में औसत बारिश 96 प्रतिशत होने का अनुमान जताया गया था जबकि स्काइमेट ने 93 प्रतिशत बारिश होने की संभावना व्यक्त की थी। दोनों एजेंसियों के पूर्वानुमान में त्रुटि की पांच प्रतिशत आशंका का मानक तय किया गया था।  स्काइमेट ने सामान्य से कम बारिश के लिए अल नीनों को वजह बताया था। श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘बेशक जून में अल नीनो के प्रभाव के कारण दक्षिण पश्चिम मानसून में कम बारिश दर्ज की गयी, लेकिन जुलाई के अंतिम सप्ताह के बाद अल नीनो प्रभाव खत्म होने पर अगस्त एवं सितंबर में मानसून ने बारिश की कमी को पूरा कर अधिकता में तब्दील कर दिया है।’’  इस बीच मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने भी कहा कि 30 सितंबर को बारिश के मौसम की आधिकारिक तौर पर समाप्ति शुरु होने के बाद विभाग मानसून के आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण कर रहा है। विभाग द्वारा जारी 30 सितंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक मौसम के लिहाज से देश के 36 सब डिवीजन में से दो में सामान्य से अत्यधिक बारिश दर्ज की गयी जबकि दस में अधिक और 19 सब डिवीजन में सामान्य बारिश दर्ज हुयी। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ सहित पांच क्षेत्रों में सामान्य से कम (42 प्रतिशत) बारिश हुयी। 

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