दरभंगा : सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन दर्शन पाठ्यक्रम में सम्मिलित होना चाहिए : डॉ.सिंह - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 31 अक्तूबर 2019

दरभंगा : सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन दर्शन पाठ्यक्रम में सम्मिलित होना चाहिए : डॉ.सिंह

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लहरियासराय, 31 अक्टूबर (आर्यावर्त संवाददाता) । आज लौहपुरुष स्वर्गीय सरदार वल्लभभाई पटेल के 144 वीं जन्मदिवस को राष्ट्रीय एकता दिवस ( नेशनल यूनिटी डे) के रूप में राष्ट्रीय सेवा योजना कुंवर सिंह महाविद्यालय इकाई द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह की अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉक्टर मोहम्मद रहमतुल्ला ने की। भारत भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और राष्ट्रीय सेवा योजना क्षेत्रीय निदेशक के निर्देशानुसार कुंवर सिंह महाविद्यालय, लहरिया सराय, दरभंगा  के परिसर में लौहपुरुष स्वर्गीय सरदार वल्लभभाई पटेल के 144 वीं जन्मदिवस को राष्ट्रीय एकता दिवस ( नेशनल यूनिटी डे) के रूप में राष्ट्रीय सेवा योजना कुंवर सिंह महाविद्यालय इकाई द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह की अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉक्टर मोहम्मद रहमतुल्ला ने की। मौके पर मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ कामेश्वर झा ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यह होगी कि देश में व्याप्त भ्रष्टाचार के प्रति, मद्य निषेध के पक्ष में , महिला सशक्तिकरण एवं महिला जागरण के पक्ष में आवाज उठाने की। नारी को कभी सताना नहीं चाहिए। इस देश में राजनीति में महिला की भागीदारी बढ़े। ये चीज सबसे पहले महसूस किया सरदार पटेल ने। बारदोली आंदोलन अगर नहीं होता ,तो गांधी जी का सत्याग्रह आंदोलन असहयोग आंदोलन जो 1922 में वापस ले लिया था ,वह फिर से चालू  नहीं होता। बारदोली आंदोलन की सफलता में महिलाओं ने उन्हें सरदार की उपाधि दी और उसी दिन से वल्लभभाई पटेल सरदार वल्लभभाई पटेल बन गए।

 पूरे देश में सरदार वल्लभभाई पटेल पर पहला शोध ग्रंथ मेरे द्वारा लिखी गई है जिसमें राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के साथ महिला सशक्तिकरण संविधान निर्माण के सदस्य के रूप में अल्पसंख्यकों को दी गई अधिकार की विस्तृत चर्चा की गई । सरदार बल्लभ भाई पटेल के द्वारा  महिलाओं और अल्पसंख्यकों को मुख्यधारा लाने के सपनों को पूरे देश में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लाने का काम किया और यही कारण है मैं अपने शोध ग्रंथ पुस्तक pragmatism of Sardar vallabhbhai Patel का विमोचन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी से करवाया।  महिलाओं को पंचायती राज में 50% आरक्षण और अल्पसंख्यकों को विशेष मौलिक अधिकार, जो सरदार बल्लभ भाई पटेल का सपना था, साकार किए। भारत के अभिन्न अंग जम्मू कश्मीर आज जो केंद्र शासित राज्यों का जो दर्जा मिला है, वह सरदार पटेल का सोच था। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर सरदार पटेल के लिए सबसे बड़ी श्रद्धांजलि हुई है। राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के अध्यक्ष प्रधानाचार्य डॉ मोहम्मद रहमतुल्ला ने ने कहा लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल अल्पसंख्यकों एवं महिलाओं के लिए संविधान में जो उन्होंने अधिकार दिलाया आज पूरा देश के अल्पसंख्यक समाज उनके प्रति कृतज्ञता जाहिर करते हैं इस मुल्क में शांति ,सदभाव ,भाईचारगी,राष्ट्रीय एकता और अखंडताजो संदेश सरदार बल्लभ भाई पटेल ने दिया,यह मुल्क हमेशा याद रखेगी। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के संयोजक डॉ अशोक कुमार सिंह ने कहा राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का मंत्र जो सरदार बल्लभ भाई पटेल ने दिया ,आज छात्र-छात्राओं ,राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों और नए युवा पीढ़ी के लिए मूल मंत्र होगा ।सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन दर्शन पाठ्यक्रम में सम्मिलित होना चाहिए।

राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ कामेश्वर झा ने राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए राष्ट्रीय एकता दिवस शपथ प्रधानाचार्य डॉ मोहम्मद रहमतुल्ला कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार सिंह राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों शिक्षक कर्मचारी छात्र और छात्रों को दिलाई।  'मैं सत्य निष्ठा से शपथ लेता हूं कि मैं राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करूंगा और देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भी भरसक प्रयत्न करूंगा। मैं शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूं जिसे सरदार वल्लभ भाई पटेल की दूरदर्शिता और संकल्प द्वारा संभव बनाया जा सका।मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प करता हूं।' राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ मोहम्मद रहमतुल्लाह, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ अशोक कुमार सिंह , कर्मचारी यूनियन के सचिव हर्षवर्धन सिंह ,गौतम कुमार, कबड्डी कोच अमित कुमार झा, प्रियदर्शी ,विनोद कुमार सिंह,ग्रुप लीडर शुभम कुमार झा के साथ सिद्धार्थ कुमार झा ,गोपाल कुमार मिश्रा, नयन कुमार, सुरभि कुमारी, संस्कृति कुमारी, साक्षी कुमारी ,अनुप्रिया, पायल कुमारी, गौतम झा, विशाल कुमार, सुनील कुमार ,रंजन ,शुभम कुमार, विकास कुमार ,संजीव कुमार, चंद्र मोहन चौधरी, प्रतीक कुमार ,राहुल पासवान, सुमन कुमार ,ओम प्रकाश, मनीष कुमार, कुंदन कुमार राय, पल्लवी कुमारी व कनक कुमारी मौजूद रहे। राष्ट्रीय एकता के लिए प्रभात फेरी निकाली गई उसके बाद छात्र- और राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों के लिए क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें तीन सफल प्रतिभागी को सम्मानित किया जाएगा। कर्मचारी संघ के नेता हर्षवर्धन सिंह ने धन्यवाद  ज्ञापन किया और राष्ट्रीय की दिवस की गीत एवं राष्ट्रगान के साथ समापन किया गया।

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