पूर्णिया : हंगामेदार रही नगर निगम की बोर्ड बैठक, कुर्सी के समक्ष आए वार्ड पार्षद - Live Aaryaavart

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सोमवार, 28 अक्तूबर 2019

पूर्णिया : हंगामेदार रही नगर निगम की बोर्ड बैठक, कुर्सी के समक्ष आए वार्ड पार्षद

- बैठक के बाद वार्ड पार्षद रमेश पासवान उर्फ पोलो पासवान से हुई मारपीट- डिप्टी मेयर ने बैठक में साफ सफाई, छिड़काव, विकास योजनाओं में लूट और भेदभाव बरते जाने की बात कही- पार्षद सरिता राय ने आरोप मढ़ा कि उनके द्वारा जो बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखे जाते हैं उस पर न तो गंभीरता से विचार किया जाता है और न ही इसे सही तरीके से दर्ज ही किया जाता है, मूल बातों को प्रस्ताव से हटा दिया जाता है
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पूर्णिया (आर्यावर्त संवाददाता) : नगर निगम की बोर्ड बैठक में जहां विकास कार्य हावी रहा वहीं दूसरी ओर पार्षदों के द्वारा नगर आयुक्त विजय कुमार सिंह पर कई आरोप मढ़े गए। सोमवार को 02:00 बजे से मेयर सविता देवी की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में सभी 46 पार्षद मौजूद रहे। बैठक में उस वक्त गहमागहमी का माहौल उत्पन्न हो गया जब वार्ड पार्षद रमेश पासवान लाइट मामले को ले मेयर की कुर्सी के समक्ष चले गए और पूर्व डिप्टी मेयर सह पार्षद संतोष यादव ने इसका जमकर विरोध किया। जिसके बाद पक्ष व विपक्ष के पार्षदों के बीच जम कर वाकयुद्ध हुआ। विकास कार्य बनाम बरती जा रही अनियमितता की लड़ाई पार्षदों ने खूब लड़ी। डिप्टी मेयर ने बैठक में साफ सफाई, छिड़काव, विकास योजनाओं में लूट और भेदभाव करने की बात कही। जिसके बाद बैठक का माहौल गरमाने लगा। वार्ड पार्षद सरिता राय ने आरोप मढ़ा कि उनके द्वारा जो बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखे जाते हैं उस पर न तो गंभीरता से विचार किया जाता है और न ही इसे सही तरीके से दर्ज ही किया जाता है। मूल बातों को प्रस्ताव से हटा दिया जाता है। बैठक में 19 जून (बोर्ड बैठक), 17 जुलाई, 21 अगस्त च 10 अक्टूबर 2019 को संपन्न हुई सशक्त स्थाई समिति की बैठकों में लिए निर्णयों की संपुष्टि की गई। 

...बैठक समाप्त होने के बाद रणक्षेत्र में बदला निगम परिसर : 
02:00 बजे से 04:00 बजे तक चली इस बैठक में जहां गत बैठकों में िलए गए निर्णयों की संपुष्टि की गई वहीं दूसरी ओर अचानक कुछ लोगों के द्वारा वार्ड पार्षद रमेश पासवान उर्फ पाेलो पासवान पर हमला बोल दिया गया। इस संबंध में पार्षद श्री पासवान ने कहा कि जब वो अपनी बाइक से घर की ओर जा रहे थे तो अचानक किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनसे उनका नाम पूछा। जिस पर उन्होंने कहा कि क्या बात है तो उन्होंने उसे बाहर जाने को कहा। लेकिन पार्षद अपनी बाइक को रोककर वहीं उतर गए और नगर आयुक्त के कक्ष में जाने का प्रयास करने लगे। इसी समय तीन चार लोग और आ गए और पोलो पासवान के साथ मारपीट करने लगे। इसी क्रम में बीच बचाव कर रहे पार्षद सुशील सिंह ने किसी तरह पीड़ित पार्षद को वहां से हटाया और नगर आयुक्त के कमरे की ओर ले गए। जिसके बाद हंगामा शांत हुआ। हालांकि इस संबंध में पार्षद ने कुछ भी स्पष्ट रूप से नहीं कहा कि आखिर किसने उन पर हमला बोला। लेकिन जो बातें छन कर आ रही है उससे स्पष्ट हो रहा है कि सत्ता पक्ष के लोगों के द्वारा ही उन पर हमला किया गया है। 

...गुंडागर्दी और अराजकता के दौर से गुजर रहा नगर निगम : 
डिप्टी मेयर विभा कुमारी ने कहा कि नगर निगम पूर्णिया के लिए 28 अक्टूबर का दिन काला अध्याय के रूप में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। वार्ड पार्षद रमेश पासवान उर्फ पोलो पासवान के साथ मेयर पति प्रताप सिंह के द्वारा की गई मारपीट की जितनी भी निंदा की जाए कम है। दरअसल धनबल के जरिए मेयर की कुर्सी हासिल करने वाले मेयर पति ने निगम में लूट मचा रखा है और विरोध करने वाले वार्ड पार्षदों के साथ अब मारपीट की घटना ने साबित कर दिया है कि निगम अराजकता के दौर से गुजर रहा है। इस पूरे प्रकरण में नगर आयुक्त की खुली संलिप्तता है। लिहाजा मेयर पति के साथ साथ नगर आयुक्त पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। डिप्टी मेयर ने कहा है कि बैठक में जब सफाई, छिड़काव, विकास योजनाओं में लूट और भेदभाव की कलई खुलने लगी तो बौखलाए मेयर पति प्रताप सिंह ने सारी सीमाएं लांघते हुए पार्षद के साथ अपने गुंडों के साथ मारपीट की। मेयर पति की गुंडई के बाबत पूर्व में भी जिलाधिकारी को पत्र दिया जा चुका है। स्पष्ट है कि मेयर पति ने अपने कृत्य से प्रशासनिक एवं कानून व्यवस्था को चुनौती दी है। नगर निगम में भय का वातावरण व्याप्त है और इस तरह का माहौल पैदा कर विकास योजनाओं में लूट मचाई जा रही है। मेयर पति द्वारा निगम कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार आम बात है। लेकिन पार्षद के साथ मारपीट तो हद को पार कर चुकी है। डिप्टी मेयर ने कहा है कि मेयर पति किसी मुगालते में न रहे पार्षदों को भी उनकी ही भाषा में जवाब देना बखूबी आता है। वार्ड पार्षद मनमानी लूट और गुंडागर्दी के खिलाफ आवाज बुलंद करते रहेंगे और कानून के दायरे में रहकर मुंहतोड़ जवाब भी दिया जाएगा।

...सरिता राय ने नगर आयुक्त पर साधा निशाना : 
वार्ड 22 की पार्षद सरिता राय ने नगर आयुक्त पर मनमाना रवैया अपनाने, कार्यों में शिथिलता बरतने और सरकारी नियमों को ताक पर रखने की शिकायत करते हुए निशाना साधा। उन्होंने बाकायदा पत्र प्रेषित कर आरोप मढ़ा है कि बोर्ड बैठकों में उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों के मूल अंश को हटाकर बिना तर्किक बातों को प्रस्ताव पुस्तिका में उनके नाम से दर्ज कर दिया जाता है। जो कि किसी भी पार्षद के लिए शर्मनाक स्थिति है और उनके अधिकारों का हनन है। उन्होंने छह विभिन्न विकास योजनाओं का पत्र में जिक्र करते हुए कहा कि सभी कार्यों में घोर लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व की बोर्ड बैठकों में उन्होंने शमशान घाट के सौंदर्यीकरण, शवदाह वाहन, कार्यालय परिसर में आमजनों व महिलाओं के लिए यूरिनल व शौचालय, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग से प्राप्त वापसी की राशि, नाला निर्माण की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन की मांग, सौरा नदी अंतर्गत कप्तान पुल के पास सौंदर्यीकरण समेत कई अन्य जरूरी कार्यों की मांग की है। लेकिन इन मांगों की उपेक्षा की जा रही है। 

...बोर्ड बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा : 
- बोर्ड बैठक में 19 जून (बोर्ड बैठक), 17 जुलाई, 21 अगस्त च 10 अक्टूबर 2019 को संपन्न हुई सशक्त स्थाई समिति की बैठकों में लिए निर्णयों की संपुष्टि की गई। 
- शहर में एलईडी लाइट लगाने व मरम्मती कार्य के लिए उमेश यादव के नेतृत्व में कार्य कराने पर भी विचार किया गया 
- 15 माह से नहीं मिल रहे अंत्येष्टि योजना के लाभ पर चर्चा
- फाॅगिंग, लाइट, नाला व सड़क का निर्माण, साफ सफाई, प्रधानमंत्री आवास योजना, राज्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना पर भी चर्चा की गई
- भूमिहीनों को जमीन आवंटित कर भवन का लाभ दिए जाने
- डेंगू व मलेरिया प्रभावित इलाकों में कोल्ड फॉगिंग कराना
- इसके अलावे लगातार हो रहे हो हंगामा को मद्देनजर रखते हुए बोर्ड व सशक्त स्थाई समिति की बैठक में पुलिसबलों की तैनाती की ओर भी नगर आयुक्त ने इशारा किया। हालांकि इस मामले को बोर्ड बैठक में नहीं उठाया गया लेकिन इस घटना के बाद जो कयास लगाए जा रहे हैं उससे स्पष्ट हो रहा है कि आगामी दिनों नगर निगम में होने वाली बैठकों से पूर्व पुलिसबलों की तैनाती व परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने की संभावना है।

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