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गुरुवार, 14 नवंबर 2019

राफेल मामले में सत्य की जीत हुई, कांग्रेस, राहुल माफी मांगें : भाजपा

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नयी दिल्ली, 14 नवंबर, भाजपा ने भारतीय वायुसेना के लिए फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के सौदे के मामले में दायर पुनर्विचार याचिकाएं बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने को ‘‘सत्य की जीत’’ करार दिया और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस और गांधी से ‘‘बेबुनियाद एवं शर्मनाक’’ अभियान चलाने के लिए देश से माफी मांगने को कहा ।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राफेल मामले में पुनर्विचार याचिका खारिज करने के उच्चतम न्यायालय के फैसले को उन ‘दलों एवं नेताओं’ को करारा जवाब करार दिया जो ‘बेबुनियाद एवं दुर्भावनापूर्ण’ अभियान चला रहे थे । शाह ने साथ ही उनसे माफी की मांग की । शाह ने अपने ट्वीट में कहा कि शीर्ष अदालत के फैसले से स्पष्ट हो गया है कि राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर संसद को बाधित करना शर्मनाक था ।  गृह मंत्री ने कहा कि गुरूवार का शीर्ष अदालत का फैसला एक बार फिर से नरेन्द्र मोदी सरकार की विश्वसनियता की पुष्टि करता है जो पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार से मुक्त है । अब यह साबित हो गया है कि इस मामले में संसद को बाधित करना शर्मनाक था । उस समय का उपयोग जनकल्याण के लिये किया जाना चाहिए था उन्होंने कहा कि अदालत की फटकार के बाद कांग्रेस और उनके नेताओं को देश से माफी मांगनी चाहिए ।

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राफेल मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘ आज देश यह जानना चाहता है कि वो कौन सी ताकतें थीं जो राहुल गांधी के पीछे खड़ी थीं। हम इतना ही कह सकते हैं कि यह अभियान पूरी तरह संशय से घिरा हुआ है । ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ कांग्रेस ने झूठ बोला, हमारे ईमानदार प्रधानमंत्री के खिलाफ अभियान चलाया, विदेशों में भारत की साख को घटाने की कोशिश की। इसलिए, आज राहुल गांधी को देश से माफ़ी मांगने की जरूरत है, क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने आज मानहानि मामले पर माफी मांगने पर आपको छोड़ा है।’’ प्रसाद ने कांग्रेस नेता से सवाल किया, ‘‘ न्यायालय ने तो माफ़ी मांगने पर आपको छोड़ दिया, लेकिन क्या देश की जनता से आंख मिलाने के लिए माफ़ी मांगेंगे आप ?’’  उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी औपचारिक रूप से देश से मांफी मांगे और राहुल गांधी को भी देश से मांफी मांगनी चाहिए । उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने राफेल लड़ाकू विमान सौदा मामले में नरेंद्र मोदी सरकार को बृहस्पतिवार को क्लीन चिट देते हुए कहा कि पुनर्विचार याचिकाएं सुनवायी योग्य नहीं हैं।  न्यायालय ने अपने 14 दिसंबर 2018 के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘‘हमने पाया कि पुनर्विचार याचिकाएं सुनवायी योग्य नहीं हैं।’’  उच्चतम न्यायालय ने राफेल सौदे के संबंध में टिप्पणियों के लिए राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि उन्हें भविष्य में सावधान रहना चाहिए। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जिनके हाथ पूरी तरह से भ्रष्टाचार में रंगे हैं, देश की सुरक्षा से जिन्होंने खिलवाड़ किया है, वो अपने प्रायोजित राजनीतिक कार्यक्रम को अदालत में न्याय की गुहार के रूप में प्रस्तुत कर रहे थे ।

उन्होंने कहा कि न्यायालय ने राफेल मामले पर पूरी प्रक्रिया को जांचा और इसे सही बताया, दाम की प्रक्रिया को भी जांचा और इसे सही बताया । शीर्ष अदालत ने ऑफसेट की प्रक्रिया को भी सही ठहराया है । कांग्रेस और राहुल गांधी पर प्रहार जारी रखते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब ये उच्चतम न्यायालय से हार गए तो इन्होंने इसे लोकसभा चुनाव में अपना मुख्य मुद्दा बनाया । उन्होंने कहा कि 14 दिसंबर 2018 को शीर्ष अदालत ने मुख्य मामले को खारिज किया था कि राफेल मामले में कोई गड़बड़ी नहीं है। उच्चतम न्यायालय ने हमेशा कहा है कि राफेल की गुणवत्ता के बारे में किसी को कोई आपत्ति नहीं है । प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस को तीन स्तर पर हार का सामना करना पड़ा है । ऐसे में हम पूछना चाहते हैं कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने किसके इशारे पर यह आक्रामक, बेबुनियाद और शर्मनाक अभियान चलाया। यह सवाल इसलिए है क्योंकि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार राफेल सौदे को बढ़ने नहीं दे रही थी जबकि वायुसेना 30 साल से लड़ाकू विमान मांग रही थी ।  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शीर्ष अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘ राफेल सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप कुछ और नहीं बल्कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार की ईमानदार एवं स्वच्छ छवि को धुमिल करने का प्रयास था । ’’  उन्होंने कहा, ‘‘ भारत की जनता इस दुर्भावना से प्रेरित अभियान के लिये कांग्रेस को माफ नहीं करेगी । लोगों को गुमराह करने के लिये कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए । ’’  भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा, ‘‘ सड़क से लेकर संसद तक राहुल गांधी और उनकी पार्टी ने देश को गुमराह करने का प्रयास किया लेकिन सत्य की जीत हुई । मैं आशा करता हूं कि राहुल गांधी देश में होंगे और राष्ट्र से क्षमा मांगेंगे । ’’ केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘ न्यायालय के फैसले ने एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं सरकार के दृढ़ संकल्प की पुष्टि की है। उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी और उसके पूर्व अध्यक्ष झूठ फैलाना बंद करेंगे एवं राष्ट्र निर्माण और देश की सुरक्षा के प्रति सकारात्मक योगदान देंगे।’’ 

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