नयी दिल्ली, 09 नवंबर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए आज कहा कि इस फैसले से जनभावना, आस्था एवं श्रद्धा को न्याय मिला है।श्री भागवत ने यहां झंडेवालां स्थित संघ के कार्यालय केशवकुंज में संवाददाता सम्मेलन में यह कहा। उन्हाेंने कहा कि दशकों तक यह प्रक्रिया चली। इसके बाद इस विवाद का समाधान हुआ है। इस फैसले से सत्य एवं न्याय उजागर हुआ है। उन्होंने कहा कि वह इस फैसले को जय पराजय नहीं बल्कि सत्य एवं न्याय की दृष्टि से देखते हैं।उन्होंने फैसला सुनाने वाले न्यायाधीशों एवं दोनों पक्षों के लिए वकालत करने वाले वकीलों को धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि समाज एवं सरकार के स्तर पर जो भी प्रयास किये, उन सबका अभिनंदन है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी देशवासी आपसी भाईचारा बनाये रखें तथा विधि एवं संविधान की मर्यादा में रहकर सात्विक ढंग से अपने आनंद को व्यक्त करें। उन्होंने कहा कि आशा है कि अदालत के निर्णय के अनुरूप सरकार की ओर से अतीत के सभी विवादों को समाप्त करने वाली पहल शीघ्र होगी।
शनिवार, 9 नवंबर 2019
इस फैसले से जनभावना, आस्था, श्रद्धा को न्याय मिला: भागवत
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