विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 27 नवंबर - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 28 नवंबर 2019

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 27 नवंबर

राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटन को बढ़ावा देने की कार्य-योजना बनाएं- मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कार्य-योजना ऐसी हो, जिससे मध्यप्रदेश, देश में पर्यटन के नक्शे पर एक प्रमुख राज्य के रूप में अपनी पहचान कायम कर सके। श्री कमल नाथ ने वन एवं वन्य प्राणी क्षेत्रों में ईको टूरिज्म के लिए भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित नीति के संबंध में आज अधिकारियों से चर्चा के दौरान यह निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि ईको टूरिज्म के संबंध में भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित ड्राफ्ट पॉलिसी में प्रावधानित नियम पूर्व से ही मध्यप्रदेश में लागू हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से भारत सरकार से आग्रह किया जाए कि वन संरक्षण अधिनियम 1980 में कुछ आवश्यक रियायत दी जाए, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पर्यटन की दृष्टि से एक बेहतर राज्य है। जरूरी है कि हम ऐसी कार्य-योजना बनाएं, जिससे हम देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकें। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमें नई सोच के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्रीय उद्यानों में विश्व के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता है। जरूरत इस बात की है कि हम पर्यटन की इस संपदा को पहचाने और प्रदेश के व्यापक हित में इसका उपयोग करें। मुख्यमंत्री कहा कि अगर हमने अकेले पर्यटन क्षेत्र को पूर्णतरू विकसित कर दिया, तो इसके जरिए हम बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध करवा सकते हैं और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकते हैं। बैठक में मुख्य सचिव श्री एसआर मोहंती, अपर मुख्य सचिव वन श्री एपी श्रीवास्तव एवं अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

हितग्राहियों को दिसम्बर मासांत तक फायनेंस करें-कलेक्टर 

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कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने आज डीएलसीसी की बैठक में समस्त बैंकर्स प्रतिनिधियों से कहा कि हरेक योजना में दिसम्बर माह तक हितग्राहियों को वित्तीय फायनेंस करने की कार्यवाही शत प्रतिशत पूर्ण करें। ताकि वित्तीय वर्ष समाप्ति के पूर्व हितग्राही स्वरोजगारमूलक योजनाओं का संचालन कर सकें।  कलेक्टर श्री सिंह ने बैंकर्सो से कहा कि वे संवेदनशीलता के साथ हितग्राहियों के प्रति नरम रवैया अपनाएं ताकि हितग्राहियों के दिलो दिमाग में बैंकर्स प्रतिनिधियों की जो छवि बननी चाहिए उसमें और सुधार हो। उन्होंने लक्ष्य पूर्ति तक सीमित ना रहने की सलाह देते हुए हितग्राहियों को वित्तीय फायनेंस के उपरांत संवाद स्थापित कर उनके स्वरोजगार की प्रगति का आंकलन जरूर जाकर करें।  कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि बैंक की पहुंच सभी तक हो इसके लिए बैंकर्सो को नवाचारों के माध्यम से उदाहरण प्रस्तुत करने होंगे। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले में दिव्यांगजनों के वित्त पोषण में बैंकर्स विशेष रूचि लें ताकि जिले के दिव्यांग लाभांवित होकर उदाहरण प्रस्तुत कर सकें। इस अवसर पर सभी बैंकर्सो ने कम से कम एक-एक दिव्यांगजन को शासन की योजनाओं के तहत वित्तीय फायनेंस करने की सहमति व्यक्त की है। लीड़ बैंक आफीसर ने बताया कि जिले में 107 बैंकर्स शाखाएं संचालित हो रही है हरेक बैंक एक-एक दिव्यांग को लाभांवित करती है तो कम से कम सौ दिव्यांग जिले में स्वरोजगारमुखी बनेंगे।  कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि यदि बैंकर्स सौ से अधिक दिव्यांगजनों को एक ही प्लेटफार्म पर योजनाओं के तहत वित्तीय फायनेंस कार्य को पूर्ण करते है तो प्रदेश में एक नया इतिहास विदिशा जिले के नाम से दर्ज होगा।  कलेक्टर श्री सिंह ने मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना में अभी तक वित्तीय फायनेंस के प्रति बैंकर्सो द्वारा रूचि प्रदर्शित नही की जा रही है जो अच्छी बात नही है इस और सभी बैंकर्स विशेष ध्यान देंगे ताकि जिला किसी भी योजना के वित्तीय फायनेंस मामले में पिछड़ ना पाए। उन्होंने बैंकर्सो से कहा कि वे केवल लक्ष्यपूर्ति पर ही ध्यान ना दें वरन् एनपीए खातो की वसूली के लिए जो भी सहायता प्रशासन से अपेक्षित है वो पूरी की जाएगी। कलेक्टर श्री सिंह ने प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना के प्रकरणों में अधिक से अधिक फायनेंस करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में जिस प्रकार दिव्यांगजनों को स्वरोजगारमुखी बनाने हेतु बैंकर्स द्वारा नवाचार करने का जो संकल्प लिया गया है ठीक वैसे ही जिले में महिला हितग्राहियों को अधिक से अधिक वित्तीय फायनेंस करने की ओर बैंकर्स अग्रसर हो। उन्होंने कहा कि महिलाओं में बचत की भावना होती है और जिले का इतिहास रहा है कि आज तक जिले की किसी भी महिला हितग्राही के द्वारा किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बैंकों से नही की गई है।   लीड़ बैंक आफीसर श्री दिलीप सिरवानी ने कलेक्टर को आश्वस्त कराते हुए कहा कि जो अपेक्षाएं प्रशासन बैंकर्सो से है वह समय सीमा में पूरी की जाएगी। उन्होंने वित्तीय वर्ष समाप्ति का इंतजार किए बिना ही 15 दिसम्बर तक अधिक से अधिक प्रकरणों में शत प्रतिशत वित्त फायनेंस कराने के मामले में बैंकर्सो के द्वारा सहमति व्यक्त करने पर साधुवाद व्यक्त करते हुए श्री सिरवानी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के बैंकर्स संबंधी आवेदनों में संबंधित बैंक के मैनेजर को एल-वन अधिकारी नियुक्त किया गया है अतः बैंकर्सो के मैनेजर हर रोज सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों पर नजर रखे और एलवन स्तर पर जो जानकारियां अंकित की जानी है। उसे समय सीमा अधिकतम सात दिन के पूर्व दर्ज करना सुनिश्चित करें।  जिला पंचायत के सभागार कक्ष में सम्पन्न हुई जिला स्तरीय सलाहकार समिति की उक्त बैठक में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, जिला अन्त्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित के माध्यम से क्रियान्वित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजनाओं के लक्ष्यों की पूर्ति हेतु अब तक हुई कार्यवाही से अवगत कराया गया इसी प्रकार शहरी क्षेत्र में संचालित मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत जिले के निकाय क्षेत्रों में अब तक भौतिक उपलब्धि एवं लक्ष्य पूर्ति की जानकारी से अवगत कराया गया है। बैठक में जिला पंचायत के माध्यम से क्रियान्वित माटी कला, हाथ करघा, खादी ग्रामोद्योग विभाग की योजनाओं के तहत लक्ष्यपूर्ति हेतु अब तक की गई कार्यवाही से अवगत कराया गया। इसी प्रकार जनजातीय कार्य विभाग एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग तथा पिछडा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों द्वारा लक्ष्यपूर्ति हेतु अब तक किए गए प्रबंधो तथा बैंकर्स द्वारा वित्तीय फायनेंस के मामलों की जानकारी प्रस्तुत की गई।  उक्त बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री मयंक अग्रवाल ने कहा कि अधिकांश हितग्राही ग्रामीण क्षेत्र से ताल्लुकात रखते है बैंकर्सो द्वारा समय पर फायनेंस करने पर उनके आत्म विश्वास को बल मिलता है और स्वरोजगार के साथ-साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति उनका विश्वास और बढ़ता है। उन्होंने आमजनों के विश्वास पर बैंकर्स खरे उतरे इसके लिए ठीक वैसे ही उदार कार्यप्रणाली अपनाने की सलाह उनके द्वारा दी गई ताकि आमजनों का रूझान बैंको के प्रति अधिक बढें़। उक्त बैठक में अतिरिक्त जिला पंचायत सीईओ श्री दया सिंह, नावार्ड आरसेठी के अलावा विभिन्न बैंको के प्रतिनिधियों के साथ-साथ नोडल अधिकारी एवं जिला उद्योग एवं व्यापार केन्द्र के महाप्रबंधक श्री पीडी वंशकार तथा अल्प संख्यक पिछडा वर्ग कल्याण, आरएनएलएम, अन्त्यावसायी, पशु चिकित्सा सेवा विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।

एक हजार का इनाम घोषित 

पुलिस अधीक्षक श्री विनायक वर्मा ने थाना त्योंदा में दर्ज प्रकरण का फरार वारंटी की सूचना देने अथवा गिरफ्तारी कराने में मदद करने वाले को एक हजार रूपए की नगद राशि देने की घोषणा की है। सूचना देने वाला चाहे तो उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा। थाना त्योंदा में दर्ज अपराध क्रमांक 34/85 का फरार वारंटी कल्याण सिंह पुत्र दुर्जन सिंह लोधी उम्र 61 साल निवासी ग्राम बामोरी थाना मालथौन जिला सागर की सूचना देने वाले को पूर्व उल्लेखित राशि प्रदाय की जाएगी।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना तहत आवेदन आमंत्रित तीर्थ दर्शन पोंटा साहिब जिले के 250 तीर्थ यात्री जाएंगे  

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत जिले के 250 तीर्थ यात्री पोंटा साहिब तीर्थ दर्शन हेतु 15 दिसम्बर को रवाना होंगे और 18 दिसम्बर को वापिस आएंगे।  मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के नोडल अधिकारी ने बताया कि तीर्थ दर्शन पोंटा साहिब के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 12 दिसम्बर नियत की गई है। निकाय क्षेत्रों एवं जनपद पंचायत मुख्यालय पर आवेदन अंतिम तिथि तक जमा किए जा सकते है। लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर तीर्थ यात्रियों का चयन कम्प्यूटर रेण्डमाइजेशन प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। तीर्थ यात्रियों की सहायता के लिए चार अनुरक्षक भी साथ रवाना होंगे।

द्वितीय राष्ट्रीय जल पुरस्कार हेतु आवेदन तीस तक आमंत्रित  

भारत सरकार, जल शक्ति मंत्रालय द्वारा द्वितीय राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2019 के लिए जल संरक्षण एवं पानी के उचित प्रबंधन को बढावा देने के लिए विभिन्न वर्गो (केटेगरी) के तहत आवेदन पत्र तीस नवम्बर तक आमंत्रित किए गए है।  जिला पंचायत सीईओ श्री मयंक अग्रवाल ने बताया कि पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ राज्य, जिला, नगर परिषद, नगरपालिका, ग्राम पंचायत, स्कूल इत्यादि के क्षेत्र में जल संरक्षण में कार्य करने वाली संस्थाओं को उनके उत्कृष्ट कार्यो पर पुरस्कार प्रदाय किया जाएगा। ततसंबंध में आवेदन एवं अन्य विस्तृत जानकारी के लिए ज https://mygov.in अथवा ईमेल आईडी tsmsml-cgwb@nic.in पर सम्पर्क कर प्राप्त की जा सकती है। 

दिव्यांगजनों के लिए तीस को ग्यारसपुर में शिविर

दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड जनरेट करने के लिए जनपद पंचायत स्तर पर मेडीकल प्रमाण पत्र बनाने के लिए जिले में विशेष शिविरों का आयोजन जारी है। उक्त कढी का अंतिम शिविर 30 नवम्बर को ग्यारसपुर जनपद पंचायत प्रागंण में आयोजित किया गया है। शिविर प्रातः 11 बजे से शुरू होगा।

स्कूलों भवनों के अनुरक्षण एवं उन्नयन पर बैठक आज

शिक्षा उपकर की राशि से शासकीय विद्यालयों, भवनों के अनुरक्षण उन्नयन कार्यो की अद्यतन प्रगति का जायजा लेने हेतु जिला पंचायत के सीईओ श्री मयंक अग्रवाल की अध्यक्षता में 28 नवम्बर को बैठक आहूत की गई है। यह बैठक जिला पंचायत के सभागार कक्ष में सायं चार बजे से शुरू होगी। उक्त बैठक में समस्त नगरपालिका एवं नगर पंचायत के अधिकारियों को समुचित जानकारियों सहित उक्त बैठक में उपस्थित होने के निर्देश प्रसारित किए गए है। 

अंगदान जीवन का महादान 

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अंगदान जीवन का महादान है से अवगत कराने के उद्वेश्य से शासकीय अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा महाविद्यालय विदिशा में अध्ययनरत विद्यार्थियों के द्वारा अंगदान महादान का संदेश प्रसारित किया जा रहा है। मेडीकल कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जन-जन को संदेश देने का कार्य किया जा रहा है।  मेडीकल कॉलेज के विद्यार्थी जिनके द्वारा तैयार एवं अभिनीत नुक्कड नाटक का आज जिला चिकित्सालय परिसर में प्रदर्शन किया गया जिसे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ केएस अहिरवार, मेडीकल कॉलेज के डीन श्री सुनील नंदेश्वर के अलावा कॉलेज के अन्य प्राध्यापक एवं चिकित्सकगणों के साथ-साथ अस्पताल परिसर में उपस्थित गणमान्य नागरिकों के द्वारा देखा गया है और उन्हें अंगदान के लिए प्रेरित किया गया।

चार कृषि सेवा केन्द्रो के लायसेंस निरस्त

जिले की चार कृषि सेवा केन्द्रो को दिए गए शोकॉज नोटिस का जवाब समय सीमा में प्रस्तुत नही करने पर इन संस्थानों के लायसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश अनुज्ञापन अधिकारी एवं किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक श्री अमर सिंह चौहान के द्वारा जारी किया गया है।  जारी आदेश में उल्लेख है कि समय सीमा में कारण बताओं का नोटिस का जबाव प्रस्तुत नही करने पर जिन संस्थानो के लिखाफ कीटनाशी अधिनियम की धाराओं के तहत कार्यवाही कर तत्काल प्रभाव से लायसेंस निलंबित करने की कार्यवाही की गई है उनमें नटेरन विकासखण्ड में महानीम चौराहा शमशाबाद क्षेत्र में संचालित मेसर्स धाकड़ कृषि सेवा केन्द्र, मेसर्स श्रीकृष्ण कृषि सेवा केन्द्र, मेसर्स किसान सेवा केन्द्र तथा मेसर्स राधिका कृषि केन्द्र शामिल है।

रेत खदान संचालन के लिए प्रथम चरण में ऑनलाइन प्राप्त हुईं 247 निविदाएँ खनिज निगम को सुरक्षा-निधि के रूप में मिले 614 करोड़

राज्य शासन की नई रेत नीति के अंतर्गत आज समाप्त प्रथम चरण की निविदा प्रक्रिया में 43 जिलों के समूहों के लिए भारत सरकार के ऑनलाइन पोर्टल पर 247 निविदाएँ प्राप्त हुईं। इस निविदा प्रक्रिया में खनिज निगम को सुरक्षा-निधि के रूप में 614 करोड़ की राशि मिली। प्रमुख सचिव खनिज साधन श्री नीरज मण्डलोई ने बताया कि अगले चरण में 27 नवम्बर से संभागवार तकनीकी प्रस्तावों का परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण के बाद 7 दिसम्बर से संभागवार वित्तीय प्रस्ताव खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा निविदा की सम्पूर्ण प्रक्रिया 15 दिसम्बर के पूर्व सम्पन्न कराने का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञातव्य है कि रेत की उपलब्धता के आधार पर 43 जिलों के समूह बनाए गए हैं। जिले में उपलब्ध रेत की मात्रा के आधार पर प्रत्येक जिले का आरक्षित सरकारी मूल्य निर्धारित किया गया है, जो सम्पूर्ण प्रदेश के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये है। प्रत्येक समूह के लिये आरक्षित मूल्य की 25 प्रतिशत राशि अग्रिम जमा कराये जाने का प्रावधान है। दस करोड़ से अधिक मूल्य वाले जिलों को अतिरिक्त रूप से अपनी नेटवर्थ की प्रमाणिकता भी सिद्ध करना आवश्यक है। प्रमुख सचिव श्री मण्डलोई ने बताया कि 5 जिले उज्जैन, गुना, शहडोल, शाजापुर और आगर-मालवा में एकमात्र अथवा शून्य निविदा प्राप्त हुई है। इन जिलों में पुनरू निविदाएँ आमंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सबसे बड़े रेत समूह होशंगाबाद जिले के लिए 4 निविदाएँ प्राप्त हुई हैं। सबसे ज्यादा अशोकनगर में 18 और रीवा में 17 निविदाएँ प्राप्त हुई हैं। उन्होंने बताया कि रेत नियमों के अनुसार 2 निविदाएँ प्राप्त होने पर नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही की जाएगी तथा 2 से कम निविदाएँ प्राप्त होने पर पुनरू निविदा किये जाने का प्रावधान है।

खदानों का संचालन आम जनता के हित में किया जाएगा रू मंत्री श्री जायसवाल
खनिज साधन मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल ने राज्य सरकार की नई रेत नीति पर विश्वास व्यक्त करने तथा निविदा प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए निविदाकारों का आभार व्यक्त किया है। श्री जायसवाल ने विश्वास दिलाया है कि रेत खदानों का संचालन आम जनता के हित में किया जाएगा। ज्ञातव्य है कि खनिज साधन मंत्री श्री जायसवाल ने 3 चरणों में सभी जिला मुख्यालयों पर निविदाकारों से वीडियो-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से नई रेत नीति पर चर्चा की थी, निविदाकारों की शंकाओं का निराकरण किया था और राज्य शासन की ओर से सभी बिन्दुओं पर स्थिति स्पष्ट की थी। खनिज साधन विभाग द्वारा निविदाकारों को ऑनलाइन निविदा भरने का प्रशिक्षण भी दिया गया था। इन सभी प्रयासों के फलस्वरूप पूरे प्रदेश में बड़ी संख्या में निविदाएँ प्राप्त हुईं।

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