मधुबनी : बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन विषय पर संवेदीकरण कार्यक्रम - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 26 नवंबर 2019

मधुबनी : बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन विषय पर संवेदीकरण कार्यक्रम

workshop-child-marriage-madhubani
मधुबनी (आर्यावर्त संवाददाता) 26,नवंबर,2019,  महिला विकास निगम एवं समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना के संयुक्त तत्वावधान में बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन विषय पर स्थानीय डी0आर0डी0ए0 स्थित सभागार में मंगलवार को ग्राम पंचायत के निर्वाचित मुखिया का एक दिवसीय संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर श्री अजय कुमार सिंह, उप-विकास आयुक्त, मधुबनी के द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री सुनील कुमार सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी, सदर मधुबनी, श्री किशोर कुमार, अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, बेनीपट्टी, डाॅ0 रश्मि वर्मा, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी(आई0सी0डी0एस0), मधुबनी, श्री अनुग्रह नारायण तिग्गा, प्रबंधक, महिला विकास निगम, मधुबनी, श्रीमती वीणा चैधरी, परामर्शी, महिला हेल्पलाईन, मधुबनी, सईदा बानो, पूर्व जिला पार्षद,सकरी समेत काफी संख्या में मुखियागण उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप-विकास आयुक्त, मधुबनी ने कहा कि बाल विवाह एवं दहेज उन्मूलन के रोकथाम में ग्राम पंचायत के मुखिया की प्रभावी भूमिका है। बिहार विवाह पंजीकरण नियमावली 2006 के तहत मुखिया को विवाह पंजीकरण का दायित्व दिया गया है। विवाह पंजीकरण के लिए विवाहों का वैध होना अनिवार्य है। ऐसी स्थिति में अधिकतम विवाहों को पंजीकृत किये जाने की आवश्यकता है, ताकि बाल विवाह की स्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सकें। इस अभियान के अंतर्गत गठित किये गये पंचायत स्तरीय टास्क फोर्स के अध्यक्ष के रूप में भी मुखिया से विभिन्न अपेक्षायें है। दहेज एवं बाल विवाह मुक्त बिहार बनाना है। इस हेतु प्रत्येक जिलोें में चार स्तर पर कमिटि का गठन किया जाना है। जिसमें जिला स्तरीय टाॅस्क फोर्स कमिटि, अनुमंडल स्तरीय टास्क फोर्स कमिटि, प्रखंड स्तरीय कमिटि एवं पंचायत स्तरीय कमिटि का गठन किया जाना है।  गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत इंटरमीडिएट उत्तीर्ण अविवाहित किशोरियों को 10,000 दिए जाने का प्रावधान किया गया है। विवाह का निबंधन नहीं कराने की स्थिति में 30 दिनों के बाद 3 महीना तक 50 रूपया अधिकतम रू0 1000 दंड रखा गया है।

कोई टिप्पणी नहीं: