32 हज़ार टन प्याज सड़ गया, लोग 120 रुपये किलो खरीद रहे - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

मंगलवार, 3 दिसंबर 2019

32 हज़ार टन प्याज सड़ गया, लोग 120 रुपये किलो खरीद रहे

32-thousand-tons-of-onion-rot-people-are-buying-120-rupees-kg
नयी दिल्ली, 03 दिसम्बर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के के. के. रागेश ने राज्यसभा में प्याज की आसमान छूती कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश मे ठीक से भंडारण के अभाव में 32 हज़ार टन प्याज सड़ गया और लोग 120 रुपए प्रति किलोग्राम प्याज खरीदने को मजबूर है जबकि सरकार मूक दर्शक बनी है।श्री रागेश ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि भारत दुनिया मे सबसे अधिक प्याज का निर्यात करता है लेकिन आज देश में प्याज की कीमतें आसमान छू रही हैं। प्याज की कीमतें 120 रुपये किलो से अधिक हो गई हैं और सरकार चुपचाप बैठी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह समस्या हर साल नवम्बर-दिसम्बर में पैदा होती है। इस बार अक्टूबर में यह समस्या पैदा हुई और एक नवम्बर को मंत्री ने बयान दिया कि देश में प्याज का उत्पादन 30 प्रतिशत कम हुआ। मंत्री ने यह भी बताया कि 32 हज़ार टन प्याज गोदाम में सड़ गए।माकपा सदस्य ने कहा कि नवम्बर से दिसम्बर हो गये। सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। उसने हस्तक्षेप क्यों नही किया। उन्होंने आरोप लगाया कि हर साल जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले लोग प्याज महंगे दाम में बेचते है लेकिन सरकार कार्रवाई नहीं करती बल्कि उनका संरक्षण करती है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार इस मुद्दे पर गम्भीर क्यों नहीं है और वह हस्तक्षेप क्यों नहीं करती।

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...